By: Vikash Kumar Raut(Vicky)
देवघर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान मंगलवार को देवघर के शिवगंगा तालाब के समीप एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भट्टर धर्मशाला परिसर के पास स्थित एक कुएं में करीब 28 वर्षीय ‘बोल बम’ श्रद्धालु गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही शिवगंगा तालाब पर तैनात राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। NDRF की तत्परता के कारण श्रद्धालु की जान बच गई। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को करीब 13:30 बजे स्थानीय लोगों ने एक श्रद्धालु के कुएं में गिरने की सूचना मेला कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही करीब 13:35 बजे इंस्पेक्टर अशोक कुमार के नेतृत्व में शिवगंगा तालाब पर तैनात NDRF की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम में एक एसओ और छह ओआरएस जवान शामिल थे। करीब पांच मिनट बाद, यानी 13:40 बजे, NDRF की टीम भट्टर धर्मशाला पहुंच गई।

मौके पर पहुंचते ही बचाव दल ने स्थिति का आकलन किया। कुएं की गहराई और उसमें मौजूद पानी को देखते हुए बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। बचाव अभियान के दौरान एक NDRF कर्मी को रस्सी और कैराबिनर की सहायता से कुएं के अंदर उतारा गया। कुएं में मौजूद श्रद्धालु को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने के बाद उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। बचावकर्मियों ने रस्सी और अन्य अत्याधुनिक बचाव उपकरणों की मदद से श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। करीब 13:45 बजे, यानी सूचना मिलने के लगभग 15 मिनट के भीतर श्रद्धालु को कुएं से बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान मौके पर स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई थी। NDRF की टीम ने पूरी सावधानी के साथ अभियान को अंजाम दिया।
प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कैंप भेजा गया
कुएं से बाहर निकाले जाने के बाद NDRF कर्मियों ने श्रद्धालु को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उसे पुलिस ओपी नंबर-06 को सौंप दिया गया। पुलिस की ओर से आगे के इलाज और चिकित्सकीय जांच के लिए श्रद्धालु को मेडिकल कैंप भेजा गया। बचाव के बाद उसकी हालत स्थिर बताई गई। बचाए गए श्रद्धालु की पहचान योगेंद्र चौधरी (28), पिता विलास चौधरी, निवासी गांव एवं थाना बोधगया, जिला गया, बिहार के रूप में हुई है। बताया गया कि श्रद्धालु की शारीरिक बनावट दुबली-पतली है। समय रहते रेस्क्यू होने के कारण उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।

कुएं में करीब 20 फीट पानी
रेस्क्यू के दौरान सामने आया कि जिस कुएं में श्रद्धालु गिरा था, वह सीमेंटेड और उपयोग में आने वाला कुआं है। कुएं में करीब 20 फीट पानी मौजूद था, जबकि सूखी गहराई लगभग 30 फीट बताई गई। इस तरह कुएं की कुल गहराई करीब 50 फीट थी। घटनास्थल शिवगंगा तालाब से लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित है। कुएं की गहराई और उसमें मौजूद पानी को देखते हुए हादसा गंभीर हो सकता था। यदि समय पर सूचना नहीं मिलती और बचाव दल मौके पर नहीं पहुंचता तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। लेकिन NDRF टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

श्रावणी मेले में NDRF की मुस्तैदी
देवघर में चल रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण के लिए पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में कांवरिया सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में मेला क्षेत्र में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है। शिवगंगा तालाब के आसपास भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में NDRF की तैनाती किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मंगलवार की घटना में भी NDRF की टीम ने सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके पर पहुंचकर जिस तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, उससे एक बड़ा हादसा टल गया।

15 मिनट में पूरा हुआ रेस्क्यू
इस पूरे घटनाक्रम में NDRF की त्वरित कार्रवाई सबसे अहम रही। स्थानीय लोगों ने करीब 13:30 बजे मेला कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी। इसके करीब पांच मिनट बाद 13:35 बजे NDRF टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई और 13:40 बजे मौके पर पहुंच गई। इसके बाद तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया और करीब 13:45 बजे श्रद्धालु को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया। इस तरह सूचना मिलने से लेकर श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकालने तक लगभग 15 मिनट का समय लगा। NDRF की इस तत्परता की वजह से कुएं में फंसे श्रद्धालु को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।

बड़ा हादसा टला
श्रावणी मेले के दौरान शिवगंगा और इसके आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। ऐसे में खुले अथवा उपयोग में आने वाले कुओं और अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। मंगलवार को हुई घटना ने एक बार फिर ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही NDRF की टीम ने बिना देर किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और योगेंद्र चौधरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कैंप भेजा गया। फिलहाल श्रद्धालु की हालत स्थिर बताई गई है।

NDRF की त्वरित कार्रवाई और बचाव दल की पेशेवर दक्षता के चलते श्रावणी मेले के दौरान एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और श्रद्धालुओं ने भी राहत की सांस ली।


