By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 3 September 2026: आज 3 सितंबर 2026, दिन गुरुवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। धार्मिक दृष्टि से गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। आज रवि योग का संयोग भी बन रहा है, वहीं दिन के शुरुआती हिस्से में भद्रा रहने के कारण शुभ कार्यों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आज का दिन व्रत, पूजा-पाठ और भगवान विष्णु की आराधना के लिए खास माना जा सकता है। पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और दिशाशूल का विशेष महत्व होता है। ऐसे में अगर आप आज कोई शुभ कार्य शुरू करने, यात्रा करने या पूजा के लिए सही समय जानना चाहते हैं तो दिन का पंचांग देखना उपयोगी रहेगा।

3 सितंबर 2026 का पंचांग एक नजर में
दिन: गुरुवार
तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष सप्तमी
नक्षत्र: कृत्तिका, इसके बाद रोहिणी
योग: व्याघात
करण: विष्टि (भद्रा), इसके बाद बव
विशेष योग: रवि योग
सूर्योदय: लगभग 5:34 बजे
सूर्यास्त: लगभग 6:09 बजे
राहुकाल: लगभग दोपहर 1:26 बजे से 3:00 बजे तक
दिशाशूल: दक्षिण दिशा
चंद्र राशि: दिन के शुरुआती समय में मेष, इसके बाद वृषभ
स्थान के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और अन्य मुहूर्त में कुछ अंतर हो सकता है। बिहार के दाउदनगर क्षेत्र के पंचांग में 3 सितंबर को सप्तमी तिथि 4 सितंबर की तड़के 2:25 बजे तक बताई गई है और रवि योग सूर्योदय से रात 12:29 बजे तक रहने का उल्लेख है।

आज कब तक रहेगी सप्तमी तिथि?
पंचांग के अनुसार 3 सितंबर को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। यह तिथि अगले दिन यानी 4 सितंबर की तड़के लगभग 2:25 बजे तक रहने के बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। इसलिए आज दिनभर सप्तमी तिथि का प्रभाव रहेगा।
आज बन रहा है रवि योग
3 सितंबर को रवि योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में रवि योग को शुभ कार्यों और सकारात्मक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि किसी भी शुभ कार्य का समय तय करते समय केवल योग ही नहीं, बल्कि तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और अन्य पंचांग तत्वों को भी ध्यान में रखा जाता है।
बिहार के लिए उपलब्ध पंचांग गणना में रवि योग सुबह सूर्योदय से शुरू होकर रात तक रहने का उल्लेख है।

सुबह से भद्रा का साया, इस समय बरतें सावधानी
आज भद्रा भी रहने वाली है। पंचांग के अनुसार विष्टि करण यानी भद्रा लगभग सुबह 5:34 बजे से दोपहर 3:27 बजे तक बताई गई है। धार्मिक मान्यताओं में भद्रा काल के दौरान कई तरह के मांगलिक और शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ, जप, ध्यान और धार्मिक अनुष्ठानों के नियम अलग हो सकते हैं। किसी विशेष संस्कार या बड़े शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और विद्वान ज्योतिषाचार्य की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
आज का राहुकाल कब है?
3 सितंबर 2026, गुरुवार को राहुकाल दोपहर के समय रहेगा। दाउदनगर, बिहार के लिए उपलब्ध पंचांग में राहुकाल दोपहर 1:26 बजे से 3:00 बजे तक दिया गया है। इस दौरान नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से आमतौर पर बचने की सलाह दी जाती है। राहुकाल में पहले से चल रहे नियमित काम, पूजा या आवश्यक गतिविधियों के बारे में परंपराएं अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए इसे किसी भी परिस्थिति में सार्वभौमिक नियम के रूप में न लें।

आज के शुभ मुहूर्त
आज कई शुभ समय भी पंचांग में बताए गए हैं। बिहार के दाउदनगर क्षेत्र के अनुसार:
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:26 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:58 बजे से 2:48 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:09 बजे से 6:32 बजे तक
अमृत काल: रात 10:12 बजे से 11:43 बजे तक
मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर बदल सकते हैं। इसलिए किसी बड़े शुभ कार्य के लिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार समय देखना उचित रहेगा।
आज का दिशाशूल किस दिशा में है?
गुरुवार के दिन दिशाशूल दक्षिण दिशा में माना गया है। ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी कारण यात्रा करना जरूरी हो तो परंपरा के अनुसार उचित उपाय करके यात्रा करने की मान्यता है।

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा का महत्व
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, पीले वस्त्र या पीले फूल अर्पित करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं। मान्यता है कि गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा और बृहस्पति देव का स्मरण करने से जीवन में सुख-समृद्धि, ज्ञान और सकारात्मकता आती है। धार्मिक आस्था के अनुसार इस दिन जरूरतमंद व्यक्ति को पीली वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है।
आज पूजा में क्या करें?
आज सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु की पूजा की जा सकती है। पूजा स्थल पर दीपक जलाएं और भगवान विष्णु को पीले फूल या अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद विष्णु मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया जा सकता है। यदि आप गुरुवार का व्रत रखते हैं तो अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत और पूजा की विधि का पालन करें। पूजा के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या सामर्थ्य के अनुसार दान देना भी शुभ माना जाता है।

आज किन कामों में सावधानी बरतें?
आज भद्रा और राहुकाल को ध्यान में रखते हुए मांगलिक कार्य या किसी बड़े शुभ काम की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखकर समय तय करना बेहतर होगा। आर्थिक मामलों में भी बिना पूरी जानकारी के बड़ा फैसला लेने से बचें। यात्रा पर निकलने से पहले आवश्यक तैयारी कर लें और दक्षिण दिशा की यात्रा होने पर दिशाशूल की मान्यता को ध्यान में रखें।
आज का पंचांग क्यों है खास?
3 सितंबर 2026 को एक तरफ गुरुवार का धार्मिक महत्व है, दूसरी तरफ भाद्रपद कृष्ण सप्तमी तिथि, रवि योग और भद्रा जैसे पंचांग के कई महत्वपूर्ण संयोग बन रहे हैं। यही वजह है कि आज पूजा-पाठ, व्रत और शुभ कार्यों के लिए समय का चुनाव करते समय पंचांग देखना जरूरी माना जा रहा है। अगर आप आज कोई नया काम शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, घर में पूजा या धार्मिक अनुष्ठान करना चाहते हैं अथवा यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अपने शहर के अनुसार पंचांग में दिए गए स्थानीय समय को जरूर जांच लें।

3 सितंबर 2026 के पंचांग का सार
आज गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा और धार्मिक कार्यों के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रह सकता है। भाद्रपद कृष्ण सप्तमी तिथि दिनभर रहेगी। रवि योग को शुभ योग माना जाता है, जबकि भद्रा और राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण शुभ कार्यों को लेकर सावधानी बरतने की धार्मिक मान्यता है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय गणनाओं और उपलब्ध पंचांग जानकारी पर आधारित है। अलग-अलग शहरों और पंचांग पद्धतियों के अनुसार तिथि, मुहूर्त, राहुकाल और अन्य समय में अंतर हो सकता है। इसे किसी वैज्ञानिक भविष्यवाणी या निश्चित सलाह के रूप में न लें। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और योग्य विद्वान की सलाह लेना उचित है।

