By: Mala Mandal
रांची। झारखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट करने की प्रक्रिया को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत अब उन पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाएगी, जो किसी कारणवश अब तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए बूथ लेवल एजेंट (BLA) को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण करता है। इसी क्रम में झारखंड में भी यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी योग्य नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। इसके अलावा जिन मतदाताओं के नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार की जरूरत है, उन्हें भी अपडेट करने का अवसर दिया जाएगा।

छूटे हुए मतदाताओं की होगी पहचान
SIR अभियान के तहत सबसे अधिक फोकस उन नागरिकों पर रहेगा, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है। इसके लिए बूथ स्तर पर जांच और सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। बीएलओ (Booth Level Officer) के साथ अब बीएलए भी सहयोग करेंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को मतदान के अधिकार से जोड़ा जा सके। राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान करने में मदद करेंगे, जो वोटर लिस्ट में शामिल होने के योग्य हैं लेकिन किसी कारण से उनका नाम दर्ज नहीं हो पाया है। बीएलए मतदाताओं को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और सुधार संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे।

लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर
मतदाता सूची में अधिक से अधिक योग्य नागरिकों को शामिल करना लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। चुनाव में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि उसका नाम मतदाता सूची में मौजूद हो। झारखंड में बड़ी संख्या में युवा हर साल 18 वर्ष की आयु पूरी करते हैं। ऐसे नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट से जोड़ना भी SIR अभियान की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके अलावा स्थान परिवर्तन करने वाले लोगों, मृत मतदाताओं के नाम हटाने और गलत प्रविष्टियों में सुधार की प्रक्रिया भी अभियान के दौरान की जाएगी।

बीएलए निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका
इस अभियान में बीएलए की भूमिका को काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि के रूप में बीएलए स्थानीय स्तर पर मतदाताओं से संपर्क कर सकते हैं और उन्हें मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। निर्वाचन अधिकारियों का मानना है कि बीएलओ और बीएलए के बीच बेहतर समन्वय से मतदाता सूची को अधिक त्रुटिरहित बनाया जा सकता है। इससे फर्जी नामों को हटाने और वास्तविक मतदाताओं को जोड़ने में मदद मिलेगी।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से आवेदन की सुविधा
पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए निर्धारित फॉर्म भरकर आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन माध्यम से भी मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार कराने की सुविधा उपलब्ध है। नए मतदाताओं को आवेदन के दौरान पहचान पत्र और उम्र से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। आवेदन के बाद संबंधित अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर नाम शामिल करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने की तैयारी
आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची का अपडेट होना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। वहीं गलत या फर्जी प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय बनाया जाए। झारखंड में SIR अभियान के जरिए मतदाता सूची की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई जाए और पात्र नागरिकों को वोटर लिस्ट से जोड़ा जाए।

युवाओं और नए मतदाताओं पर विशेष ध्यान
राज्य में बड़ी संख्या में युवा पहली बार मतदान करने के लिए पात्र हो रहे हैं। ऐसे युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को वोटर कार्ड और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत मतदाता सूची ही निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की आधारशिला होती है। इसलिए SIR जैसे अभियान लोकतांत्रिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कुल मिलाकर झारखंड में SIR अभियान के तहत छूटे हुए पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी है। बीएलओ के साथ बीएलए की भागीदारी से इस अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि आने वाले चुनावों में अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।


