By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
30 साल की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बढ़ती उम्र, व्यस्त दिनचर्या, काम का तनाव, गर्भावस्था और खान-पान की आदतों के कारण शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसका असर थकान, कमजोरी, बालों और त्वचा की समस्याओं, मूड में बदलाव और ऊर्जा के स्तर पर दिखाई दे सकता है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि 30 साल की उम्र पार करते ही हर महिला को सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देना चाहिए। सप्लीमेंट्स की जरूरत व्यक्ति की डाइट, स्वास्थ्य, जीवनशैली और शरीर में मौजूद पोषक तत्वों के स्तर पर निर्भर करती है। डॉक्टर की सलाह और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट के आधार पर ही किसी सप्लीमेंट का सेवन करना बेहतर माना जाता है।

महिलाओं को 30 के बाद क्यों पड़ सकती है सप्लीमेंट्स की जरूरत?
महिलाओं के शरीर में पुरुषों की तुलना में जीवन के अलग-अलग चरणों में अधिक हार्मोनल बदलाव होते हैं। पीरियड्स, गर्भावस्था, स्तनपान और उम्र बढ़ने के साथ शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें भी बदल सकती हैं। कई बार पर्याप्त मात्रा में खाना खाने के बावजूद शरीर को सभी जरूरी विटामिन और मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। खासकर ऐसी महिलाएं जो भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, फल, सब्जियां, डेयरी या अन्य पोषक खाद्य पदार्थ शामिल नहीं कर पातीं, उनमें कुछ पोषक तत्वों की कमी होने की संभावना हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर जांच के आधार पर कुछ सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दे सकते हैं।

आयरन की कमी पर देना पड़ सकता है ध्यान
महिलाओं में आयरन की कमी एक आम पोषण संबंधी समस्या हो सकती है। खासकर जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान अधिक रक्तस्राव होता है, उनमें आयरन की कमी का जोखिम बढ़ सकता है। शरीर में आयरन की कमी होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना या काम करने में जल्दी थक जाने जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। लेकिन केवल इन लक्षणों के आधार पर आयरन की गोलियां शुरू करना सही नहीं है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार हीमोग्लोबिन और आयरन से जुड़े टेस्ट कराने के बाद आयरन सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं।

विटामिन डी भी हो सकता है जरूरी
विटामिन डी शरीर में हड्डियों की मजबूती और कैल्शियम के सही इस्तेमाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिन लोगों को धूप कम मिलती है या जिनमें विटामिन डी का स्तर कम पाया जाता है, उन्हें डॉक्टर सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं। 30 साल के बाद महिलाओं के लिए हड्डियों की सेहत पर ध्यान देना भी जरूरी हो जाता है। इसके लिए केवल सप्लीमेंट ही नहीं, बल्कि संतुलित आहार, पर्याप्त कैल्शियम और नियमित शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण हैं।

कैल्शियम की जरूरत कब पड़ सकती है?
कैल्शियम हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण मिनरल है। महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की सेहत को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर किसी महिला की डाइट में दूध, दही, पनीर या कैल्शियम से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थ पर्याप्त मात्रा में शामिल नहीं हैं, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार कैल्शियम सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं। कैल्शियम के साथ विटामिन डी का पर्याप्त स्तर भी महत्वपूर्ण होता है। बिना जरूरत अधिक मात्रा में कैल्शियम लेना उचित नहीं है, इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

विटामिन बी12 की कमी को न करें नजरअंदाज
विटामिन बी12 शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में शामिल है। यह मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र और लाल रक्त कोशिकाओं से जुड़े कई कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जो महिलाएं पूरी तरह शाकाहारी या वीगन डाइट लेती हैं, उनमें विटामिन बी12 की कमी का जोखिम अधिक हो सकता है क्योंकि इसके प्राकृतिक खाद्य स्रोत मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। बी12 की कमी होने पर डॉक्टर जांच के बाद टैबलेट, कैप्सूल या जरूरत के अनुसार अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।

फोलिक एसिड किन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है?
फोलिक एसिड यानी फोलेट शरीर में कोशिकाओं के निर्माण और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। खासकर गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं के लिए फोलिक एसिड का महत्व अधिक होता है। गर्भावस्था की योजना बनाने से पहले और गर्भावस्था के शुरुआती समय में फोलिक एसिड लेने की सलाह डॉक्टर अक्सर देते हैं। इसकी सही मात्रा और अवधि महिला की स्थिति के अनुसार तय की जाती है। इसलिए गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं को अपनी तरफ से कोई सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

ओमेगा-3 की जरूरत भी कुछ लोगों को हो सकती है
ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के लिए आवश्यक वसा का एक प्रकार है। मछली और कुछ अन्य खाद्य पदार्थ इसके स्रोत हो सकते हैं। जो महिलाएं अपने भोजन से पर्याप्त ओमेगा-3 नहीं ले पातीं, उनमें डॉक्टर या डाइटीशियन जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं। हालांकि ओमेगा-3 सप्लीमेंट हर महिला के लिए जरूरी नहीं है। इसकी जरूरत डाइट और व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।
प्रोटीन सप्लीमेंट कब लेना चाहिए?
30 साल के बाद केवल विटामिन और मिनरल्स ही नहीं, बल्कि पर्याप्त प्रोटीन लेना भी जरूरी है। प्रोटीन शरीर के मांसपेशियों, त्वचा और अन्य ऊतकों के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। अगर कोई महिला भोजन से पर्याप्त प्रोटीन ले रही है तो उसे अलग से प्रोटीन सप्लीमेंट की जरूरत जरूरी नहीं है। लेकिन जिन लोगों की डाइट में प्रोटीन की मात्रा बहुत कम है या जिनकी विशेष पोषण संबंधी जरूरत है, उन्हें विशेषज्ञ की सलाह से प्रोटीन सप्लीमेंट दिया जा सकता है।

क्या हर महिला को सप्लीमेंट लेना चाहिए?
नहीं। केवल 30 साल की उम्र पार करने के कारण सप्लीमेंट लेना जरूरी नहीं हो जाता। शरीर को जरूरी पोषक तत्व सबसे पहले संतुलित और पौष्टिक आहार से मिलना चाहिए। अगर किसी महिला में किसी विटामिन या मिनरल की कमी है, गर्भावस्था या स्तनपान की स्थिति है, पीरियड्स के कारण आयरन की कमी हो रही है या कोई अन्य विशेष स्वास्थ्य स्थिति है, तो डॉक्टर जांच के आधार पर सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं।
सप्लीमेंट लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
बिना डॉक्टर की सलाह के कई तरह के सप्लीमेंट एक साथ शुरू करना सही नहीं है। कुछ विटामिन और मिनरल्स शरीर में जरूरत से ज्यादा मात्रा में जमा हो सकते हैं और इससे नुकसान भी हो सकता है। सप्लीमेंट लेने से पहले अपनी डाइट, दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति के बारे में डॉक्टर को पूरी जानकारी दें। अगर डॉक्टर ने किसी विशेष ब्लड टेस्ट की सलाह दी है तो उसके आधार पर ही सप्लीमेंट की जरूरत तय करें। सबसे जरूरी बात यह है कि सप्लीमेंट्स संतुलित आहार का विकल्प नहीं हैं। पर्याप्त प्रोटीन, फल, सब्जियां, साबुत अनाज, स्वस्थ वसा और पर्याप्त पानी को अपनी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बनाना जरूरी है।

30 के बाद महिलाओं के लिए हेल्दी रहने का आसान फॉर्मूला
30 की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर पहले से ज्यादा ध्यान देना चाहिए। रोजाना पर्याप्त नींद, नियमित एक्सरसाइज, संतुलित भोजन और तनाव को नियंत्रित रखने की कोशिश स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है। अगर लगातार थकान, कमजोरी, बाल झड़ना, चक्कर आना या अन्य समस्या महसूस हो रही है तो केवल सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर से कारण की जांच कराना बेहतर है। सही कारण पता चलने के बाद ही उचित उपचार या सप्लीमेंट की जरूरत तय की जा सकती है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी भी विटामिन, मिनरल या अन्य सप्लीमेंट को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू न करें। सप्लीमेंट की जरूरत और उसकी मात्रा व्यक्ति की उम्र, डाइट, स्वास्थ्य स्थिति, दवाओं और जांच रिपोर्ट के अनुसार अलग हो सकती है। लगातार कमजोरी, थकान या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।

