By: Vikash Kumar
रांची/गिरिडीह। झारखंड की राजनीति के लिए रविवार का दिन बेहद दुखद खबर लेकर आया। राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री और गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर सामने आते ही पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध है। जानकारी के अनुसार, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की तबीयत अचानक खराब हुई थी। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद देर रात गिरिडीह के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उनकी मौत हृदयाघात के कारण हुई।

झामुमो और सरकार में शोक का माहौल
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके निधन से झामुमो संगठन और राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।मंत्री के निधन की खबर मिलते ही गिरिडीह में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों की भीड़ जुटने लगी। बड़ी संख्या में लोग अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक प्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की।

गिरिडीह से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। उन्होंने वर्ष 2019 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। इसके बाद वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज की और हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री बनाए गए। राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। जनता के बीच उनकी छवि एक ऐसे नेता की थी जो अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते थे।

कई महत्वपूर्ण विभागों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के पास राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। वह उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास, पर्यटन, कला-संस्कृति और युवा मामलों जैसे विभागों से जुड़े कार्यों को देख रहे थे। सरकार में रहते हुए उन्होंने विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को लेकर सक्रियता दिखाई। उनके अचानक निधन से प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी शोक का माहौल है।

नेताओं ने जताया दुख
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर झारखंड के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। नेताओं ने कहा कि उनका निधन राज्य की राजनीति के लिए बड़ी क्षति है। उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। झामुमो ने भी अपने वरिष्ठ नेता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

जनता से जुड़े रहने वाले नेता थे सोनू
सुदिव्य कुमार सोनू की पहचान एक जमीन से जुड़े नेता के रूप में थी। वह अपने विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहते थे और लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए जाने जाते थे। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम माना और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किया। उनके निधन से गिरिडीह सहित पूरे झारखंड में उनके समर्थकों के बीच गहरा दुख है।

झारखंड की राजनीति में खालीपन
सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक निधन ऐसे समय में हुआ है जब वह सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। उनके जाने से झारखंड की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है।

राज्य के लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में शक्ति देने की प्रार्थना की है।


