By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
6 September 2026 Panchang: आज 6 सितंबर 2026, रविवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। दशमी तिथि शाम 7 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे और आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। आर्द्रा नक्षत्र शाम करीब 7 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा। धार्मिक दृष्टि से रविवार का दिन भगवान सूर्य की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करने और अपनी सामर्थ्य के अनुसार पूजा-पाठ करने की परंपरा है। वहीं पंचांग में बताए गए शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखकर धार्मिक एवं मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है।

आज के पंचांग में सिद्धि योग भी बन रहा है, जो सुबह करीब 9 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत शुभ समय से करने और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उचित मुहूर्त चुनने की परंपरा रही है।
आज का पंचांग 6 सितंबर 2026
वार: रविवार
तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष दशमी, शाम 7:29 बजे तक
इसके बाद: एकादशी तिथि प्रारंभ
नक्षत्र: आर्द्रा, शाम 7:52 बजे तक
इसके बाद: पुनर्वसु नक्षत्र
योग: सिद्धि, सुबह करीब 9:45 बजे तक
करण: वणिज, सुबह 8:41 बजे तक
इसके बाद: विष्टि
चंद्रमा: मिथुन राशि में
सूर्य: सिंह राशि में
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
सूर्योदय: सुबह करीब 6:02 बजे
सूर्यास्त: शाम करीब 6:37 बजे

आज का अभिजीत मुहूर्त
6 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय रहेगा। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार यह समय लगभग सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे के बीच माना गया है। अभिजीत मुहूर्त को सामान्य तौर पर शुभ कार्यों के लिए उपयोगी समय माना जाता है।
राहुकाल कब रहेगा?
आज रविवार होने के कारण राहुकाल शाम के समय रहेगा। दिल्ली क्षेत्र के पंचांग के अनुसार राहुकाल लगभग शाम 5:03 बजे से 6:37 बजे तक बताया गया है, जबकि स्थान के अनुसार इसमें कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। राहुकाल को धार्मिक मान्यताओं में शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है। इसलिए इस अवधि में नए मांगलिक कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

आज का गुलिक काल और यमगंड
पंचांग के अनुसार 6 सितंबर को गुलिक काल दोपहर बाद के समय में और यमगंड दोपहर के आसपास रहेगा। अमर उजाला के पंचांग विवरण में गुलिक काल करीब 3:22 बजे से 4:56 बजे तक तथा यमगंड करीब 12:15 बजे से 1:49 बजे तक बताया गया है। इन समयों को भी शुभ कार्यों के लिए टालने की परंपरा है।
आज आर्द्रा नक्षत्र का क्या महत्व है?
6 सितंबर को आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव शाम तक रहेगा। ज्योतिष में आर्द्रा नक्षत्र को भावनात्मक गहराई, परिवर्तन और नई परिस्थितियों से जोड़कर देखा जाता है। चंद्रमा के मिथुन राशि में होने के कारण आज बातचीत, विचारों और संपर्कों से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान रह सकता है।

आज सूर्यदेव की पूजा का महत्व
रविवार को सूर्यदेव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने की परंपरा है। सुबह सूर्योदय के समय स्नान आदि से निवृत्त होकर सूर्यदेव को स्वच्छ जल अर्पित किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य उपासना से आत्मविश्वास, ऊर्जा और सकारात्मकता बढ़ाने का आशीर्वाद मिलता है।

आज कौन से काम करने से बचें?
राहुकाल और अन्य अशुभ समय में नए शुभ या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा है। इसके अलावा आज किसी भी महत्वपूर्ण आर्थिक या व्यक्तिगत निर्णय को जल्दबाजी में लेने के बजाय अच्छी तरह विचार करना बेहतर रहेगा। पंचांग के शुभ समय में पूजा, धार्मिक अनुष्ठान या अन्य शुभ कार्य करना अधिक उचित माना जाता है।

आज का पंचांग क्यों है खास?
6 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण दशमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र और रविवार का संयोग बन रहा है। साथ ही सुबह सिद्धि योग का प्रभाव भी रहेगा। यही वजह है कि आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि शुभ-अशुभ समय की गणना स्थान के अनुसार बदल सकती है, इसलिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित रहता है।

अगर आप आज कोई पूजा, धार्मिक अनुष्ठान, नया काम या महत्वपूर्ण शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं तो पहले तिथि, नक्षत्र और राहुकाल का समय जरूर देख लें। सही समय का चयन हिंदू पंचांग परंपरा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस लेख में दी गई पंचांग और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी जानकारी सामान्य ज्योतिषीय एवं पंचांग गणनाओं पर आधारित है। अलग-अलग शहरों और स्थानों के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और अन्य मुहूर्त के समय में कुछ अंतर हो सकता है। किसी भी धार्मिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह लेना उचित है।

