By: Mala Mandal
देवघर। जसीडीह थाना क्षेत्र में निजी जमीन पर कथित तौर पर जबरन कब्जा करने और जमीन के वास्तविक मालिक को वहां से हटाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में खसपेका गांव निवासी रविन्द्र रमानी ने देवघर के पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप करते हुए जमीन को कथित कब्जे से मुक्त कराने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि कुछ लोग समूह बनाकर उसकी जमीन पर पहुंचते हैं और जमीन पर अपना अधिकार जताते हुए उसे कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन के अनुसार, रविन्द्र रमानी पिता माखो रमानी, ग्राम खसपेका, पोस्ट सिमरा, थाना जसीडीह, जिला देवघर के निवासी हैं। उन्होंने आवेदन में अपनी जमीन का विवरण देते हुए बताया है कि उनकी जमीन मौजा खसपेका, पोस्ट सिमरा, थाना जसीडीह क्षेत्र में आती है। आवेदन में जमाबंदी संख्या 22 और दाग संख्या 137 का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक संबंधित जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अपना दावा किया जा रहा है, जबकि उनका कहना है कि जमीन उनकी निजी संपत्ति है।

रविन्द्र रमानी ने अपने आवेदन में सीताराम वर्मा, धाकू वर्मा, प्रदीप वर्मा, उत्तम वर्मा और गणेश वर्मा समेत अन्य लोगों पर जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उक्त लोग जमीन पर पहुंचकर उसे अपनी जमीन बताते हैं और कथित तौर पर फर्जी कागजात के आधार पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। आवेदन में यह भी कहा गया है कि संबंधित जमीन के एक हिस्से में सड़क है, लेकिन आरोपित पक्ष द्वारा पूरी जमीन पर अपना अधिकार जताया जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब वह अपनी जमीन पर जाने या अपने अधिकार की बात करता है तो उसे कथित तौर पर धमकी दी जाती है। आवेदन में रविन्द्र रमानी ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

आवेदन में शिकायतकर्ता ने यह भी उल्लेख किया है कि जमीन विवाद को लेकर वह लंबे समय से परेशान हैं। उनका कहना है कि कथित रूप से विरोध और धमकी के कारण वह अपने मूल गांव खसपेका में रहने के बजाय देवघर में किराये के मकान में परिवार के साथ रहने को मजबूर हैं। आवेदन के मुताबिक उनका परिवार देवघर पब्लिक स्कूल, करनीबाद-कुंडा थाना क्षेत्र के आसपास किराये के मकान में रह रहा है।

रविन्द्र रमानी का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर पहले भी संबंधित स्तर पर अपनी बात रखने का प्रयास किया है। आवेदन में बताया गया है कि उन्होंने 6 सितंबर 2026 को जसीडीह थाना में भी आवेदन दिया है। इसके बावजूद अपनी जमीन और परिवार की सुरक्षा को लेकर वह पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में शिकायतकर्ता ने मांग की है कि मामले की जांच कर उनकी जमीन को कथित कब्जे से मुक्त कराया जाए और उन्हें कथित रूप से धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।

शिकायतकर्ता ने आवेदन में कहा है कि वह अपनी जमीन पर घर बनाकर शांतिपूर्वक रहना चाहते हैं। उनका आरोप है कि जमीन पर कथित कब्जे और धमकी के कारण उन्हें अपने ही जमीन से दूर रहना पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दस्तावेजों की जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।

इस पूरे मामले में अब पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। जमीन से जुड़े विवाद में राजस्व दस्तावेज, जमाबंदी, दाग संख्या, जमीन की मापी और संबंधित पक्षों के कागजात की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन का वास्तविक मालिकाना हक किसके पास है। साथ ही शिकायत में लगाए गए धमकी और जबरन कब्जे के आरोपों की भी जांच आवश्यक है।

फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के बाद मामले में प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है। रविन्द्र रमानी ने उम्मीद जताई है कि पुलिस मामले की जांच कर उन्हें उनकी जमीन पर शांतिपूर्वक रहने का अधिकार दिलाएगी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
नोट: खबर में लगाए गए जमीन कब्जे, फर्जी कागजात और धमकी से जुड़े आरोप शिकायतकर्ता के आवेदन पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या दूसरे पक्ष का बयान फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

