By: Mala Mandal
घर में लगा मनी प्लांट सिर्फ सजावट बढ़ाने वाला पौधा ही नहीं है, बल्कि इसकी हरी-भरी पत्तियां घर के माहौल को भी ताजगी से भर देती हैं। यही वजह है कि ज्यादातर लोग इसे घर के अंदर, बालकनी या खिड़की के पास लगाना पसंद करते हैं। लेकिन कई बार अच्छी देखभाल के बावजूद मनी प्लांट की पत्तियां धीरे-धीरे पीली पड़ने लगती हैं। कुछ मामलों में पत्तियां मुरझाने लगती हैं और पौधे की ग्रोथ भी रुक जाती है। अगर आपके घर के मनी प्लांट के साथ भी ऐसा हो रहा है तो सबसे पहले पौधे की देखभाल में कुछ जरूरी बदलाव करें। जरूरत से ज्यादा पानी, गमले में पानी का रुकना, पर्याप्त रोशनी न मिलना और मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी पत्तियों के पीले होने की वजह बन सकती है। इसके अलावा पौधे की जड़ों में समस्या या कीट लगने पर भी पत्तियां खराब हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में कुछ आसान घरेलू विकल्प आजमाए जा सकते हैं। केले के छिलके और इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती को सही तरीके से इस्तेमाल करने से मिट्टी में कुछ पोषक तत्व वापस मिल सकते हैं। हालांकि इन्हें सीमित मात्रा में और सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है।

सबसे पहले समझें मनी प्लांट की पत्तियां पीली क्यों हो रही हैं
मनी प्लांट की एक-दो पुरानी पत्तियों का पीला होकर गिरना हमेशा चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर एक साथ कई पत्तियां पीली होने लगें, नई पत्तियां भी कमजोर दिखें या तने में सड़न दिखाई दे तो पौधे की देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है। सबसे आम कारणों में जरूरत से ज्यादा पानी देना शामिल है। अगर गमले की मिट्टी लगातार गीली रहती है तो जड़ों तक पर्याप्त हवा नहीं पहुंच पाती और जड़ें खराब होने का खतरा बढ़ सकता है। वहीं बहुत कम पानी मिलने पर भी पत्तियां मुरझाकर पीली पड़ सकती हैं। मनी प्लांट को तेज सीधी धूप के बजाय पर्याप्त अप्रत्यक्ष रोशनी पसंद होती है। बहुत कम रोशनी में इसकी ग्रोथ धीमी हो सकती है और पत्तियों का रंग भी प्रभावित हो सकता है।

पहला देसी नुस्खा: केले के छिलके का इस्तेमाल
केले के छिलके में पोटैशियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें सीधे गमले में डालने के बजाय सही तरीके से तैयार करके इस्तेमाल करना बेहतर होता है। इसके लिए केले के छिलके को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में कुछ समय के लिए भिगोया जा सकता है। इसके बाद पानी को छानकर पौधे की मिट्टी में सीमित मात्रा में दिया जा सकता है। ध्यान रखें कि केले के छिलके का पानी बहुत गाढ़ा या बार-बार इस्तेमाल न करें। घरेलू खाद का अत्यधिक इस्तेमाल मिट्टी में पोषक तत्वों का असंतुलन पैदा कर सकता है और गमले में कीड़े या फंगस की समस्या भी बढ़ सकती है।

केले के छिलके को सीधे मिट्टी में डालना क्यों सही नहीं?
कई लोग केले के छिलके को सीधे गमले की मिट्टी में दबा देते हैं। ऐसा करने से छिलका धीरे-धीरे सड़ता है और इस दौरान गमले में दुर्गंध, फंगस या छोटे कीड़े आने की समस्या हो सकती है। खासकर घर के अंदर रखे मनी प्लांट के लिए इस तरीके से बचना बेहतर है। अगर केले के छिलके का इस्तेमाल करना है तो उसे अच्छी तरह सुखाकर कम्पोस्ट में शामिल करना या नियंत्रित तरीके से तैयार किया गया घोल इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
दूसरा देसी नुस्खा: इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती
मनी प्लांट की मिट्टी में इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती डालने का घरेलू चलन काफी पुराना है। लेकिन चाय की पत्ती का इस्तेमाल करने से पहले इसे अच्छी तरह पानी से धोना और पूरी तरह सुखाना जरूरी है। दूध और चीनी वाली चाय की गीली पत्ती को सीधे गमले में डालने से बचें। इसमें बची हुई चीनी और दूध के अवशेष मिट्टी में फंगस और कीड़ों की समस्या पैदा कर सकते हैं। अगर इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती का उपयोग करना है तो पहले उसे अच्छी तरह धोकर सुखा लें। इसके बाद बहुत थोड़ी मात्रा में इसे मिट्टी की ऊपरी परत में मिलाया जा सकता है।

चाय की पत्ती कितनी मात्रा में डालें?
मनी प्लांट के छोटे गमले में बहुत अधिक चाय की पत्ती डालने की जरूरत नहीं होती। थोड़ी मात्रा पर्याप्त है। इसे बार-बार डालने के बजाय पौधे की स्थिति देखकर कभी-कभार ही इस्तेमाल करें।
अगर गमले की मिट्टी पहले से भारी या नम है तो चाय की पत्ती डालने के बजाय पहले मिट्टी को सूखने और हवा मिलने दें।
केवल देसी नुस्खों से नहीं, पानी पर भी दें ध्यान
मनी प्लांट की पत्तियां पीली होने का एक बड़ा कारण जरूरत से ज्यादा पानी हो सकता है। इसलिए पौधे को रोजाना पानी देने की आदत न बनाएं। जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी महसूस हो तो जरूरत के अनुसार पानी दें। गमले में नीचे ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। अगर गमले की प्लेट में पानी जमा हो रहा है तो उसे भी निकाल दें। लगातार पानी जमा रहने से जड़ों में सड़न का खतरा बढ़ सकता है।

मनी प्लांट को कैसी रोशनी चाहिए?
मनी प्लांट को अच्छी रोशनी पसंद होती है, लेकिन बहुत तेज सीधी धूप में लंबे समय तक रखने से पत्तियां झुलस सकती हैं। घर के अंदर पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे पर्याप्त अप्रत्यक्ष प्राकृतिक रोशनी मिलती रहे। अगर पौधा बहुत अंधेरी जगह पर रखा है तो उसे धीरे-धीरे रोशनी वाली जगह पर ले जाएं। अचानक तेज धूप में रखने से भी पत्तियों को नुकसान हो सकता है।
पीली पत्ती को क्या करें?
अगर कोई पत्ती पूरी तरह पीली और कमजोर हो चुकी है तो उसे साफ कैंची से काटकर हटा सकते हैं। इससे पौधे की ऊर्जा नई और स्वस्थ ग्रोथ पर खर्च होने में मदद मिल सकती है।
लेकिन केवल पीली पत्ती देखकर तुरंत खाद डालना शुरू न करें। पहले पानी, रोशनी, मिट्टी और जड़ों की स्थिति जांचना ज्यादा जरूरी है।

गमले की मिट्टी भी होनी चाहिए अच्छी
मनी प्लांट के लिए ऐसी मिट्टी बेहतर होती है जिसमें पानी आसानी से निकल सके। बहुत ज्यादा चिपचिपी और पानी रोकने वाली मिट्टी में जड़ों को नुकसान हो सकता है। अगर गमले की मिट्टी बहुत पुरानी, सख्त या लगातार गीली रहती है तो उसे बदलने या मिट्टी में उचित मात्रा में जैविक पदार्थ और ड्रेनेज सामग्री मिलाने की जरूरत हो सकती है।
कब घरेलू नुस्खे न आजमाएं?
अगर मनी प्लांट की पत्तियां लगातार पीली हो रही हैं, तना नरम हो गया है, जड़ों से दुर्गंध आ रही है या पौधे पर बड़ी संख्या में कीड़े दिखाई दे रहे हैं तो केवल घरेलू खाद पर निर्भर न रहें। ऐसी स्थिति में प्रभावित हिस्से को हटाकर पौधे की जड़ों और मिट्टी की स्थिति जांचना जरूरी है। गंभीर फंगल संक्रमण या कीट समस्या होने पर पौधों की देखभाल के विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

मनी प्लांट को हरा-भरा रखने के आसान टिप्स
मनी प्लांट को जरूरत के अनुसार ही पानी दें।
गमले में ड्रेनेज होल जरूर रखें।
पौधे को पर्याप्त अप्रत्यक्ष रोशनी दें।
सूखी और खराब पत्तियों को समय-समय पर हटा दें।
दूध और चीनी वाली गीली चाय की पत्ती सीधे गमले में न डालें।
घरेलू खाद या केले के छिलके के पानी का अत्यधिक इस्तेमाल न करें।
मिट्टी में पानी लंबे समय तक जमा न रहने दें।
समय-समय पर पत्तियों को साफ कपड़े से हल्के हाथ से साफ करें।

मनी प्लांट की पत्तियां पीली होने पर केवल खाद डालना ही समाधान नहीं है। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि समस्या पानी की अधिकता, रोशनी की कमी, खराब ड्रेनेज, पोषक तत्वों की कमी या कीट और जड़ संबंधी समस्या के कारण तो नहीं है।
केले के छिलके और अच्छी तरह धोकर सुखाई गई इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती को सीमित मात्रा में घरेलू खाद के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इनका अधिक इस्तेमाल करने से फायदा होने के बजाय मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। सही पानी, पर्याप्त रोशनी और अच्छी ड्रेनेज व्यवस्था मनी प्लांट की स्वस्थ ग्रोथ के लिए सबसे जरूरी बातों में शामिल हैं।
यह लेख घरेलू पौधों की सामान्य देखभाल से जुड़ी जानकारी के लिए है। घरेलू नुस्खों का असर पौधे की मिट्टी, मौसम, पानी, रोशनी और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है। किसी भी घरेलू खाद या घोल का अत्यधिक इस्तेमाल न करें। यदि पौधे में गंभीर जड़ सड़न, फंगल संक्रमण या कीट का प्रकोप है तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

