By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
19 September 2026 Panchang: आज 19 सितंबर 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। अष्टमी तिथि आज दोपहर करीब 3:26 बजे तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज शनिवार होने के कारण शनि देव की पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का भी विशेष महत्व माना जाता है। आज के पंचांग में तिथि के साथ नक्षत्र, योग और करण का भी विशेष संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार आज मूल नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और चंद्रमा धनु राशि में रहेंगे। वहीं सूर्य कन्या राशि में स्थित हैं। आज आयुष्मान योग दोपहर तक रहेगा, जिसके बाद सौभाग्य योग प्रारंभ होगा। इन योगों और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर धार्मिक कार्यों के लिए दिन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

19 सितंबर 2026 का पंचांग
आज शनिवार है और भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। अष्टमी दोपहर लगभग 3:26 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। आज मूल नक्षत्र रात करीब 1:43 बजे तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा। पंचांग में आज आयुष्मान योग दोपहर लगभग 2:29 बजे तक बताया गया है और उसके बाद सौभाग्य योग रहेगा।
तिथि: भाद्रपद शुक्ल अष्टमी
वार: शनिवार
नक्षत्र: मूल
चंद्र राशि: धनु
सूर्य राशि: कन्या
योग: आयुष्मान, इसके बाद सौभाग्य
करण: बव, इसके बाद बालव
पक्ष: शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
19 सितंबर को दिल्ली के पंचांग के अनुसार सूर्योदय लगभग सुबह 6:08 बजे और सूर्यास्त शाम 6:22 बजे के आसपास होगा। चंद्रोदय दोपहर करीब 1:48 बजे बताया गया है। हालांकि सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और शुभ-अशुभ समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना अधिक उपयुक्त माना जाता है।

आज का राहुकाल कब रहेगा?
शनिवार को राहुकाल का विशेष ध्यान रखा जाता है। नई या महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए राहुकाल को परंपरागत रूप से अनुकूल नहीं माना जाता। दिल्ली के लिए आज राहुकाल लगभग सुबह 9:11 बजे से 10:43 बजे तक बताया गया है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के अंतर के कारण राहुकाल के समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करने या किसी अन्य महत्वपूर्ण शुभ कार्य की शुरुआत से बचने की धार्मिक मान्यता है। हालांकि नियमित पूजा-पाठ और दैनिक धार्मिक गतिविधियां अपनी परंपरा के अनुसार की जा सकती हैं।

आज के शुभ मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त भी उपलब्ध है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार अभिजीत मुहूर्त लगभग सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक रहेगा। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह करीब 4:37 बजे से 5:24 बजे तक बताया गया है। शाम के समय अमृत काल भी बताया गया है। शुभ मुहूर्त का वास्तविक समय स्थान के अनुसार बदल सकता है। इसलिए किसी बड़े धार्मिक या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

आज शनिवार का धार्मिक महत्व
शनिवार का दिन भगवान शनि की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शनि देव की पूजा, तेल का दीपक जलाना, जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और संयमित जीवन का पालन करना शुभ माना जाता है। कई श्रद्धालु शनिवार को हनुमान जी की पूजा भी करते हैं। धार्मिक परंपराओं में शनि देव को कर्म और न्याय से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए शनिवार को व्यक्ति अपने कर्मों की समीक्षा करने और जरूरतमंदों की मदद करने का संकल्प भी ले सकता है।

आज अष्टमी तिथि का महत्व
आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी है। इसी वजह से आज का दिन धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। पंचांग में इस तिथि के साथ कई धार्मिक अवसर जुड़े हुए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में इनका पालन अलग तरीके से किया जा सकता है। आज का दिन पूजा-पाठ, ध्यान, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार व्रत या पूजा कर सकते हैं।

पंचांग क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
हिंदू पंचांग में मुख्य रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण को देखा जाता है। इन्हीं पांच अंगों के आधार पर दिन के धार्मिक और शुभ-अशुभ समय की गणना की जाती है। इसी कारण किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन से पहले पंचांग देखा जाता है। 19 सितंबर 2026 का पंचांग भी तिथि, नक्षत्र, योग और वार के लिहाज से कई महत्वपूर्ण जानकारियां देता है। आज अष्टमी तिथि, मूल नक्षत्र, आयुष्मान और सौभाग्य योग के साथ शनिवार का संयोग है।

कुल मिलाकर 19 सितंबर 2026 का दिन पंचांग की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज भाद्रपद शुक्ल अष्टमी दोपहर तक रहेगी और इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी। मूल नक्षत्र का प्रभाव रहेगा तथा दोपहर के बाद सौभाग्य योग शुरू होगा। शनिवार होने के कारण शनि उपासना का भी विशेष धार्मिक महत्व है। शुभ कार्य करते समय राहुकाल से बचने और स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त देखने की परंपरा है।

