By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 20 September 2026: आज 20 सितंबर 2026, रविवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। धार्मिक दृष्टि से नवमी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। आज कई लोग देवी पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। पंचांग के अनुसार आज बनने वाले योग और नक्षत्र दिन के शुभ-अशुभ प्रभाव को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल जान लेना उपयोगी माना जाता है। आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र और योग के साथ सूर्य और चंद्रमा की स्थिति भी महत्वपूर्ण रहेगी। आइए जानते हैं 20 सितंबर 2026 का पूरा पंचांग और आज किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

20 सितंबर 2026 का पंचांग
दिन: रविवार
तारीख: 20 सितंबर 2026
मास: आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: नवमी
वार: रविवार
ऋतु: शरद
चंद्र राशि: पंचांग के अनुसार
सूर्य राशि: कन्या
नवमी तिथि को धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है। इस दिन देवी उपासना, पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य करने की परंपरा है। परिवार की सुख-शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए श्रद्धालु आज विशेष पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

आज बन रहे हैं शुभ योग
20 सितंबर को पंचांग के अनुसार कुछ शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। शुभ योग में पूजा-पाठ, मंत्र जाप, धार्मिक अनुष्ठान और सकारात्मक कार्य करना विशेष फलदायी माना जाता है। हालांकि किसी भी बड़े शुभ कार्य के लिए केवल योग ही नहीं, बल्कि तिथि, नक्षत्र, लग्न और स्थानीय समय को भी ध्यान में रखना चाहिए। आज का दिन आध्यात्मिक गतिविधियों, देवी आराधना और धार्मिक कार्यों के लिए अच्छा माना जा सकता है। यदि आप कोई नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ समय जरूर देख लें।

आज का राहुकाल
राहुकाल में शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। रविवार के दिन राहुकाल सामान्यतः शाम के समय माना जाता है, लेकिन इसका सटीक समय स्थान के अनुसार बदलता है। इसलिए देवघर, रांची, पटना या आपके शहर के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर राहुकाल का समय अलग हो सकता है। किसी महत्वपूर्ण शुभ कार्य के लिए अपने स्थानीय पंचांग से राहुकाल की सटीक अवधि जरूर जांच लें।
आज का शुभ मुहूर्त
आज पूजा-पाठ, ध्यान, मंत्र जाप और धार्मिक कार्यों के लिए दिन के शुभ समय का उपयोग किया जा सकता है। किसी नए काम, गृह प्रवेश, खरीदारी, विवाह या अन्य मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त देखना अधिक उचित रहेगा। मुहूर्त निकालते समय स्थान, सूर्योदय, सूर्यास्त और संबंधित कार्य की प्रकृति को ध्यान में रखा जाता है।

आज का नक्षत्र
आज चंद्रमा जिस नक्षत्र में रहेगा, उसका प्रभाव मन और भावनाओं पर माना जाता है। नक्षत्र के अनुसार कुछ कार्यों को शुभ और कुछ कार्यों को टालने की परंपरा रही है। इसलिए महत्वपूर्ण धार्मिक या मांगलिक कार्य करने से पहले आज के नक्षत्र और उसके समय की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
आज का दिशाशूल
रविवार के दिन दिशाशूल की मान्यता के अनुसार पश्चिम दिशा की यात्रा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। यदि किसी कारण से पश्चिम दिशा की यात्रा करना जरूरी हो तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यात्रा से पहले उचित उपाय किए जाते हैं। दिशाशूल की गणना भी स्थान और पंचांग परंपरा के अनुसार देखी जाती है, इसलिए यात्रा से पहले स्थानीय पंचांग देखना बेहतर रहेगा।

आज किस देवी-देवता की पूजा करें?
नवमी तिथि होने के कारण आज देवी उपासना का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनकर देवी की पूजा कर सकते हैं। घर के पूजा स्थान पर दीपक जलाकर देवी मंत्र का जाप करना और श्रद्धा के साथ प्रार्थना करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा रविवार का दिन सूर्य देव की आराधना के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। सुबह सूर्य देव को जल अर्पित कर उनका ध्यान करने से दिन की शुरुआत सकारात्मक तरीके से की जा सकती है।

आज का पूजा उपाय
आज सुबह स्नान के बाद पूजा स्थान की साफ-सफाई करें। देवी-देवता के सामने दीपक जलाएं और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा करें। देवी को फूल और फल अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद कुछ समय मंत्र जाप या ध्यान करें। यदि संभव हो तो जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, फल या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी शुभ माना जाता है।
आज क्या करें?
आज सुबह जल्दी उठकर स्नान और पूजा करें।
देवी की आराधना और मंत्र जाप करें।
सूर्य देव को जल अर्पित करें।
जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करें।
घर में सकारात्मक और शांत वातावरण बनाए रखें।
किसी महत्वपूर्ण काम से पहले शुभ समय और राहुकाल जरूर देखें।

आज क्या न करें?
बिना सोचे-समझे कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचें।
किसी से अनावश्यक विवाद न करें।
गुस्से में महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें।
शुभ कार्य शुरू करने से पहले राहुकाल और स्थानीय मुहूर्त की जानकारी लें।
यात्रा करते समय दिशाशूल और स्थानीय पंचांग का ध्यान रखें।

20 सितंबर 2026 पंचांग से जुड़ी खास बातें
आज नवमी तिथि होने के कारण धार्मिक दृष्टि से दिन महत्वपूर्ण है। देवी पूजा, मंत्र जाप और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए दिन का उपयोग किया जा सकता है। वहीं किसी भी बड़े मांगलिक कार्य के लिए केवल सामान्य पंचांग देखकर निर्णय लेने के बजाय अपने शहर के अनुसार सटीक मुहूर्त देखना जरूरी है।
पंचांग के समय शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। इसलिए राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग पंचांग, स्थान और परंपरा के अनुसार तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और मुहूर्त के समय में अंतर हो सकता है। इसे धार्मिक आस्था और सामान्य जानकारी के रूप में लें। किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग या विद्वान की सलाह लेना उचित है।

