By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Dog Bite Health Alert: कुत्ते का काटना मामूली चोट समझना भारी पड़ सकता है। खासकर अगर काटने से त्वचा कट गई है या घाव से खून निकल रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। रेबीज एक गंभीर वायरल बीमारी है जो संक्रमित जानवर की लार के संपर्क में आने से फैल सकती है। अच्छी बात यह है कि समय पर घाव की सही सफाई और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस यानी PEP लेने से रेबीज से बचाव किया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, संभावित रेबीज वाले जानवर के काटने या खरोंच के बाद घाव की तुरंत और अच्छी तरह सफाई करना और जरूरत पड़ने पर समय पर वैक्सीन तथा अन्य उपचार लेना बेहद महत्वपूर्ण है।

कुत्ते के काटने के बाद सबसे पहले क्या करें?
अगर कुत्ते ने काट लिया है तो घबराने के बजाय सबसे पहले घाव को साफ करें। घाव को बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। WHO घाव को लगभग 15 मिनट तक धोने की सलाह देता है। इससे घाव में मौजूद वायरस और दूसरे संक्रमणकारी तत्वों को हटाने में मदद मिल सकती है। घाव को धोने के बाद साफ कपड़े या गॉज से हल्के हाथ से सुखाएं। इसके बाद जल्द से जल्द डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें ताकि यह तय किया जा सके कि रेबीज वैक्सीन या अन्य PEP की जरूरत है या नहीं।

घाव पर मिर्च, हल्दी या घरेलू चीजें न लगाएं
कुत्ते के काटने के बाद कई लोग घाव पर मिर्च, हल्दी, तेल, मिट्टी या अन्य घरेलू पदार्थ लगा देते हैं। ऐसा करने से बचना चाहिए। इससे घाव में जलन या संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और चिकित्सकीय उपचार में भी देरी हो सकती है। सबसे जरूरी कदम घाव को साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह साफ करना और चिकित्सा सहायता लेना है।

क्या हर कुत्ते के काटने पर रेबीज का टीका लगता है?
हर मामले में उपचार एक जैसा नहीं होता। डॉक्टर जानवर के व्यवहार, काटने की जगह और चोट की प्रकृति समेत कई बातों को देखकर रेबीज के जोखिम का आकलन करते हैं। त्वचा पर खरोंच या चोट होने, त्वचा के टूटने या लार के घाव अथवा आंख-मुंह जैसे संवेदनशील हिस्सों के संपर्क में आने पर चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार रेबीज वैक्सीन और कुछ मामलों में रेबीज इम्युनोग्लोब्युलिन की सलाह दे सकते हैं। इसलिए केवल यह सोचकर इलाज टालना सही नहीं है कि कुत्ता पालतू है या सामान्य दिख रहा है।

अगर कुत्ता पालतू है तो क्या करें?
अगर काटने वाला कुत्ता पालतू है, तब भी घाव को तुरंत साफ करना जरूरी है। कुत्ते के रेबीज टीकाकरण की स्थिति की जानकारी डॉक्टर को दें। डॉक्टर और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह के अनुसार कुत्ते की निगरानी की आवश्यकता हो सकती है। अपने स्तर पर वैक्सीन की जरूरत है या नहीं, इसका फैसला करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना सुरक्षित रहता है।
अगर कुत्ता सड़क का हो तो ज्यादा सावधानी जरूरी
आवारा या अज्ञात कुत्ते के काटने की स्थिति में मामले को गंभीरता से लेना चाहिए, खासकर जब कुत्ते की वैक्सीनेशन हिस्ट्री पता न हो। ऐसी स्थिति में घाव धोने के बाद जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र जाएं। रेबीज के लक्षण दिखाई देने का इंतजार नहीं करना चाहिए, क्योंकि एक बार बीमारी के लक्षण शुरू होने के बाद रेबीज लगभग हमेशा घातक होती है।

क्या खरोंच से भी रेबीज हो सकता है?
सिर्फ काटने से ही नहीं, संक्रमित जानवर की लार के संपर्क में आने वाली खरोंच या त्वचा की चोट से भी रेबीज का जोखिम हो सकता है। इसलिए कुत्ते के काटने के साथ-साथ ऐसी खरोंच को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि जानवर की लार किसी खुले घाव, आंख, मुंह या अन्य संवेदनशील हिस्से के संपर्क में आई हो, तो तुरंत चिकित्सा सलाह लेना जरूरी है।
बच्चों को कुत्ते के काटने पर क्या करें?
बच्चे को कुत्ते ने काटा या खरोंचा है तो तुरंत घाव को साबुन और बहते पानी से साफ करें और डॉक्टर के पास ले जाएं। बच्चों में घाव छोटा दिखाई देने पर भी इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। बच्चे को डराने के बजाय शांत रखें और डॉक्टर को पूरी जानकारी दें कि घटना कब हुई, कुत्ता पालतू था या आवारा और चोट किस जगह लगी है।

इन लक्षणों का इंतजार बिल्कुल न करें
रेबीज के लक्षणों जैसे बुखार, बेचैनी, निगलने में परेशानी या पानी से डर लगने का इंतजार करके इलाज शुरू करना खतरनाक हो सकता है। संभावित एक्सपोजर के बाद रोकथाम का उपचार समय पर शुरू करना ही महत्वपूर्ण है। यदि आपको कुत्ते या किसी अन्य संभावित संक्रमित जानवर ने काटा या खरोंचा है, तो घाव की गंभीरता चाहे जितनी भी लगे, जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लें।
सिर्फ कुत्ता ही नहीं, इन जानवरों से भी हो सकता है जोखिम
रेबीज संक्रमित स्तनधारी जानवरों की लार से फैल सकती है। कुत्ते इसके सबसे महत्वपूर्ण स्रोतों में से एक हैं, लेकिन चमगादड़ और कुछ अन्य स्तनधारी जानवर भी संक्रमण का स्रोत हो सकते हैं। इसलिए किसी अज्ञात या संदिग्ध जानवर के काटने अथवा खरोंचने के बाद घाव को नजरअंदाज न करें।

सबसे जरूरी बात
कुत्ते के काटने के बाद घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इलाज में देरी भी नहीं करनी चाहिए। घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोएं, घरेलू चीजें लगाने से बचें और जल्द से जल्द डॉक्टर या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। डॉक्टर द्वारा बताई गई रेबीज वैक्सीन या अन्य PEP को समय पर लेना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। कुत्ते के काटने, खरोंचने या किसी संभावित रेबीज एक्सपोजर की स्थिति में व्यक्तिगत उपचार के लिए डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से तुरंत संपर्क करें। वैक्सीन और अन्य उपचार की आवश्यकता चोट और एक्सपोजर की स्थिति के आधार पर चिकित्सकीय विशेषज्ञ तय करते हैं। इस जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें।

