By: Mala Mandal
देवघर। देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत तपोवन क्षेत्र के जमुआ गांव में चक्रवात के प्रभाव से हुए नुकसान की घटना ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज आंधी और चक्रवाती मौसम के कारण क्षेत्र में कई आवासीय मकानों के क्षतिग्रस्त होने तथा मवेशियों के हताहत होने की जानकारी सामने आई है। प्राकृतिक आपदा की इस घटना पर देवघर नगर निगम के महापौर रवि कुमार राउत ने गहरा दुख व्यक्त किया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद महापौर ने प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का संज्ञान लेते हुए स्थानीय लोगों से नुकसान की जानकारी ली। चक्रवात के कारण जमुआ गांव में कई परिवारों के सामने अचानक परेशानी खड़ी हो गई। तेज हवाओं के प्रभाव से घरों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ ग्रामीणों की संपत्ति और मवेशियों को भी नुकसान होने की बात सामने आई है। घटना के बाद प्रभावित परिवारों के बीच चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने आपदा से हुए नुकसान की जानकारी संबंधित लोगों को दी और राहत एवं सहायता की आवश्यकता बताई।

सदर अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले महापौर
चक्रवात की चपेट में आने से घायल हुए लोगों का इलाज देवघर सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद महापौर रवि कुमार राउत सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से बातचीत कर घटना की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

महापौर ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों से घायलों के इलाज के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि घायलों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही दवा, जांच और इलाज से संबंधित किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने देने को कहा। महापौर ने अस्पताल प्रबंधन से भी घायलों की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही।

प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा
घटना को लेकर महापौर ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किया जाना चाहिए।

महापौर ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके सामने रहने और दैनिक जरूरतों से जुड़ी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे परिवारों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक राहत उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

ग्रामीणों से नुकसान की जानकारी ली
महापौर ने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर चक्रवात के कारण हुए नुकसान की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण क्षेत्र में कई स्थानों पर नुकसान हुआ है। आवासीय मकानों के क्षतिग्रस्त होने के साथ मवेशियों के हताहत होने की घटना से ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से आपदा के बाद राहत और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक आई प्राकृतिक आपदा के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में क्षतिग्रस्त घरों का आकलन, प्रभावित परिवारों को राहत और मवेशियों से हुए नुकसान का आकलन किए जाने की जरूरत है।

मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने की अपील
चक्रवाती मौसम को देखते हुए महापौर ने आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौसम पूरी तरह सामान्य होने तक लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर जर्जर मकानों, पुराने भवनों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि तेज हवा या बारिश के दौरान किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में बिजली के तार टूटे हों, पेड़ गिर गए हों या मकान क्षतिग्रस्त हो गए हों तो लोग उसके आसपास जाने से बचें और तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दें।

महापौर ने लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से संपर्क करें। प्राकृतिक आपदा के समय प्रशासन और आम जनता के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। समय पर सूचना मिलने से राहत और बचाव कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन जरूरी
जमुआ गांव में चक्रवात से हुए नुकसान के बाद प्रभावित क्षेत्र में स्थिति का आकलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्षतिग्रस्त मकानों, मवेशियों और अन्य संपत्ति के नुकसान का सर्वे किए जाने के बाद प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।ग्रामीण क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से होने वाला नुकसान सीधे तौर पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और आजीविका को प्रभावित करता है। ऐसे में राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के साथ प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति का आकलन भी जरूरी है।

महापौर रवि कुमार राउत द्वारा सदर अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जानने और चिकित्सकों को बेहतर इलाज के निर्देश देने के बाद प्रभावित लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। फिलहाल लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी किसी भी चेतावनी को गंभीरता से लेने की अपील की गई है। प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

