By: Mala Mandal
देवघर। जन्मदिन के अवसर पर अक्सर लोग केक काटकर और उत्सव मनाकर खुशियां साझा करते हैं, लेकिन देवघर में एक परिवार ने अपनी बेटी के प्रथम जन्मदिन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। जय श्री राम युवा एकता ग्रुप की ओर से लोगों को जन्मदिन के अवसर पर पौधारोपण करने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए ग्रुप के अध्यक्ष दयानंद कुमार ने अपनी बेटी अदिती कुमारी के प्रथम जन्मदिन के शुभ अवसर पर 16 फलदार पौधे लगाए।

दयानंद कुमार ने पौधारोपण के माध्यम से समाज के लोगों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन के अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी नियमित रूप से देखभाल भी करे। उनका कहना है कि जन्मदिन केवल व्यक्तिगत खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि प्रकृति और समाज के लिए कुछ अच्छा करने का दिन भी बन सकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन पर एक पौधा लगाने का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में पेड़ तैयार हो सकते हैं, जिससे पर्यावरण को काफी लाभ मिलेगा।

बेटी के जन्मदिन की याद में लगाए गए पौधे
अपनी बेटी अदिती कुमारी के प्रथम जन्मदिन पर 16 फलदार पौधे लगाने को लेकर दयानंद कुमार ने कहा कि आज लगाए गए ये पौधे आने वाले वर्षों में बड़े होकर पेड़ का रूप लेंगे। जिस समय उनकी बेटी बड़ी होगी, उस समय वह इन पेड़ों को देखकर गर्व महसूस कर सकेगी कि उसके जीवन के पहले जन्मदिन की याद में पौधे लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि जन्मदिन की खुशी कुछ समय तक रहती है, लेकिन एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने से उसका लाभ वर्षों और पीढ़ियों तक मिल सकता है। यही सोच रखते हुए बेटी के प्रथम जन्मदिन को यादगार बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया गया है।

पक्षियों के लिए भोजन और आश्रय का भी बनेगा माध्यम
वृक्षारोपण अभियान के दौरान लगाए गए फलदार पौधों का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं है। इन पौधों के बड़े होने के बाद इनसे पक्षियों को भोजन और आश्रय मिलने की उम्मीद है। पेड़ों की संख्या बढ़ने से पक्षियों के लिए घोंसले बनाने के स्थान भी उपलब्ध होंगे। दयानंद कुमार का कहना है कि लगातार घटते पेड़ों और बढ़ते शहरीकरण का प्रभाव पक्षियों और पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। ऐसे में फलदार पौधों का संरक्षण कई स्तरों पर उपयोगी साबित हो सकता है। आने वाले समय में जब ये पौधे बड़े होकर पेड़ बनेंगे, तब राहगीरों को छाया भी मिलेगी और गर्मी के प्रभाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।

वर्ष 2024 से लगातार चल रहा जागरूकता अभियान
दयानंद कुमार ने बताया कि पौधों और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान वर्ष 2024 से लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से समाज के लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगा देना ही पर्यावरण संरक्षण की पूरी प्रक्रिया नहीं है। पौधे को पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए लोगों से अपील की जा रही है कि जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी अन्य महत्वपूर्ण अवसर पर पौधा लगाने के साथ उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी लें।

दुर्लभ होते पौधों के संरक्षण पर भी जोर
इस वृक्षारोपण अभियान की एक खास बात यह रही कि इसमें आमड़ा के दो पौधे भी लगाए गए। दयानंद कुमार के अनुसार आज के समय में आमड़ा के पौधे पहले की तुलना में बहुत कम दिखाई देते हैं। ऐसे में कम दिखाई देने वाले और धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे पौधों को संरक्षित करना भी पर्यावरण संरक्षण अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का अर्थ केवल अधिक से अधिक पौधे लगाना नहीं, बल्कि विभिन्न प्रजातियों के पौधों को बचाना और उनकी संख्या बढ़ाना भी है। स्थानीय एवं फलदार पौधों के संरक्षण से जैव विविधता को भी बढ़ावा मिल सकता है।

पिता से मिली पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा
दयानंद कुमार ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति काम करने की प्रेरणा उन्हें अपने पिताजी राजेश मंडल से मिली है। उनके पिता ने प्रकृति और पौधों के महत्व को लेकर उन्हें हमेशा प्रेरित किया। इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक अभियान का रूप देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर और स्वच्छ वातावरण देना आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है। यदि अभी से पर्यावरण के प्रति जागरूकता नहीं बढ़ाई गई तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए।

जन्मदिन को प्रकृति से जोड़ने की अपील
जय श्री राम युवा एकता ग्रुप की ओर से लोगों से अपील की गई है कि जन्मदिन को केवल उत्सव तक सीमित न रखें। जन्मदिन के अवसर पर एक पौधा लगाएं और उसे अपने परिवार के सदस्य की तरह संरक्षण दें। एक व्यक्ति यदि वर्ष में केवल एक पौधा भी लगाए और उसे जीवित रखने का प्रयास करे, तो लंबे समय में इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे सकता है।

दयानंद कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार और सामाजिक संस्थाओं के प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बेटी अदिती कुमारी के प्रथम जन्मदिन पर लगाए गए 16 फलदार पौधे आने वाले समय में बड़े होकर न केवल परिवार की यादों का हिस्सा बनेंगे, बल्कि पक्षियों, राहगीरों और समाज के लिए भी उपयोगी साबित होंगे।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों को प्रकृति से जोड़ें और पौधारोपण के साथ उसके संरक्षण का संकल्प लें। जन्मदिन पर लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, छाया, फल और स्वच्छ वातावरण के रूप में एक अनमोल उपहार साबित हो सकते हैं।

