By: Vikash Kumar (Vicky)
आजकल खराब लाइफस्टाइल, लंबे समय तक बैठे रहने, तनाव, नींद की कमी और खान-पान की गलत आदतों के कारण हार्ट हेल्थ को लेकर चिंता बढ़ रही है। दिल हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है और इसे स्वस्थ रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी माना जाता है। अच्छी बात यह है कि हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए हर दिन घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी नहीं है। नियमित रूप से की जाने वाली तेज चाल से वॉक, साइकिल चलाना, तैराकी, डांस या दूसरी एरोबिक गतिविधियां भी हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती हैं।

रोज कितनी देर एक्सरसाइज करनी चाहिए?
स्वस्थ वयस्कों के लिए सामान्य तौर पर हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि या 75 मिनट की तेज तीव्रता वाली गतिविधि करने की सलाह दी जाती है। इसे पूरे सप्ताह में बांटकर किया जा सकता है। अगर इसे रोज के हिसाब से समझें तो करीब 30 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज, सप्ताह में 5 दिन एक आसान लक्ष्य हो सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि अगर किसी दिन 30 मिनट का समय नहीं मिल पाया तो एक्सरसाइज का कोई फायदा नहीं होगा। दिनभर में की गई छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियां भी कुल एक्टिविटी में योगदान करती हैं।
हार्ट के लिए कौन सी एक्सरसाइज सबसे अच्छी है?
हार्ट हेल्थ के लिए ऐसी गतिविधियां उपयोगी मानी जाती हैं जिनसे शरीर सक्रिय रहे और हृदय की धड़कन कुछ बढ़े। इनमें तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, तैरना और डांस जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं।
तेज चाल से पैदल चलना
अगर आप एक्सरसाइज की शुरुआत कर रहे हैं तो तेज चाल से पैदल चलना आसान विकल्प हो सकता है। नियमित वॉक को अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।
साइकिल चलाना
साइकिलिंग एक एरोबिक गतिविधि है, जिससे शरीर के बड़े मांसपेशी समूह सक्रिय होते हैं। इसे अपनी फिटनेस और सुविधा के अनुसार किया जा सकता है।
तैराकी
स्विमिंग भी पूरे शरीर को सक्रिय रखने वाली एक्सरसाइज है। जिन लोगों को तैरना आता है, वे अपनी क्षमता के अनुसार इसे नियमित शारीरिक गतिविधि में शामिल कर सकते हैं।
डांस
डांस भी शरीर को सक्रिय रखने का मजेदार तरीका हो सकता है। लगातार कुछ समय तक किया गया डांस हृदय की धड़कन बढ़ाने वाली एरोबिक गतिविधि बन सकता है।
सिर्फ कार्डियो ही काफी नहीं है
हार्ट हेल्थ के लिए एरोबिक एक्सरसाइज के साथ मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां भी महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञ दिशानिर्देशों में सप्ताह में कम से कम 2 दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां करने की सलाह दी जाती है। इसके लिए बॉडीवेट एक्सरसाइज, स्क्वाट, हल्के डंबल या रेजिस्टेंस बैंड जैसी गतिविधियां शामिल की जा सकती हैं। शुरुआत हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार करनी चाहिए।

लंबे समय तक बैठे रहने से बचें
सिर्फ सुबह या शाम आधे घंटे एक्सरसाइज करना ही पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए अगर बाकी पूरा दिन लगातार बैठे हुए गुजरता है। लंबे समय तक बैठे रहने के बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और रोजमर्रा के कामों में सक्रिय रहना भी उपयोगी आदतें हैं। अगर आपका काम लंबे समय तक बैठकर करने वाला है तो हर कुछ समय बाद उठकर कुछ मिनट चलने या शरीर को स्ट्रेच करने की आदत डाल सकते हैं।
एक्सरसाइज की शुरुआत कैसे करें?
अगर आपने लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं की है तो शुरुआत अचानक बहुत ज्यादा या बहुत तेज एक्सरसाइज से न करें। पहले हल्की गतिविधि से शुरुआत करें और धीरे-धीरे समय और तीव्रता बढ़ाएं। उदाहरण के लिए शुरुआत में आराम से चलना, फिर कुछ दिनों बाद तेज चाल से चलना और बाद में अपनी फिटनेस के अनुसार समय बढ़ाना एक व्यावहारिक तरीका हो सकता है। एक्सरसाइज के दौरान शरीर की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। अगर कोई गतिविधि असहज लगती है तो रुककर आराम करें।

क्या रोज 30 मिनट की वॉक पर्याप्त है?
कई लोगों के लिए 30 मिनट की तेज चाल वाली वॉक सप्ताह में 5 दिन का लक्ष्य शारीरिक गतिविधि की अनुशंसित मात्रा तक पहुंचने का आसान तरीका हो सकता है। लेकिन आपकी उम्र, फिटनेस, वजन, स्वास्थ्य स्थिति और पहले से मौजूद बीमारियों के अनुसार एक्सरसाइज की जरूरत अलग हो सकती है। इसलिए अगर आप लंबे समय से निष्क्रिय रहे हैं या आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो एक्सरसाइज का नया रूटीन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए एक्सरसाइज के साथ इन आदतों पर भी दें ध्यान
सिर्फ एक्सरसाइज से ही हार्ट हेल्थ अच्छी नहीं रहती। इसके साथ संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश और धूम्रपान से दूरी जैसी जीवनशैली की आदतें भी महत्वपूर्ण हैं। अपने भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना और जरूरत से ज्यादा नमक, चीनी तथा अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचना हार्ट-फ्रेंडली लाइफस्टाइल का हिस्सा हो सकता है।

एक्सरसाइज करते समय इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर एक्सरसाइज करते समय सीने में दर्द या दबाव, अचानक सांस फूलना, चक्कर आना, बेहोशी जैसा महसूस होना या असामान्य कमजोरी महसूस हो तो व्यायाम रोककर तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। खासकर जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, उन्हें अपनी एक्सरसाइज की तीव्रता तय करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए।

हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए रोज घंटों एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं है। एक सामान्य लक्ष्य के तौर पर सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि, यानी करीब 30 मिनट की गतिविधि सप्ताह में 5 दिन, अपनाई जा सकती है। इसके साथ सप्ताह में कम से कम 2 दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज और पूरे दिन सक्रिय रहने की आदत भी फायदेमंद हो सकती है।

सबसे जरूरी बात यह है कि एक्सरसाइज को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार धीरे-धीरे दिनचर्या में शामिल करें। नियमितता बहुत महत्वपूर्ण है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी बीमारी का निदान, उपचार या व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह नहीं है। एक्सरसाइज की मात्रा हर व्यक्ति की उम्र, फिटनेस, स्वास्थ्य स्थिति और पहले से मौजूद बीमारियों के अनुसार अलग हो सकती है। यदि आपको हृदय रोग या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो नया एक्सरसाइज रूटीन शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें। सीने में दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी, बेहोशी या अन्य गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।


