By: Mala Mandal
महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां एक 33 वर्षीय महिला और उसके छह साल के मासूम बेटे की एक रिहायशी इमारत की 18वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है। मामले में पुलिस को महिला के घर से 7 से 8 पन्नों का एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने अपने पति और बेटे को लेकर कई भावनात्मक बातें लिखी थीं। पुलिस ने नोट को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में हुई दर्दनाक घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:30 बजे महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में स्थित डांगे चौक के पास सिग्नेचर पार्क सोसायटी में हुई। मृत महिला की पहचान 33 वर्षीय एकता बांगड़ के रूप में हुई है, जबकि उनके छह वर्षीय बेटे का नाम माधव बताया जा रहा है। एकता अपने पति मनोज बांगड़ और बेटे के साथ इसी सोसायटी में रहती थीं। परिवार मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला बताया जा रहा है और पिछले करीब दो वर्षों से पुणे में रह रहा था। महिला के पति पुणे की एक आईटी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। घटना के समय महिला और उनका बेटा घर पर थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, महिला अपने बेटे के साथ इमारत की 18वीं मंजिल पर पहुंची थी। इसके बाद दोनों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही सोसायटी के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

7 से 8 पन्नों का कथित सुसाइड नोट बरामद
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस को महिला के घर से 7 से 8 पन्नों का एक कथित सुसाइड नोट मिला है। इस नोट में महिला ने अपने पति के प्रति भावनाएं व्यक्त की थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने अपने पति से उसके जाने के बाद दोबारा शादी कर जीवन को आगे बढ़ाने की बात भी लिखी थी। नोट में महिला ने अपने बेटे के भविष्य और उसके पालन-पोषण को लेकर भी अपनी चिंताओं का जिक्र किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने अपनी बीमारी और लंबे समय से चल रही परेशानियों का भी उल्लेख किया था। हालांकि, पुलिस ने नोट को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। उसमें लिखी गई बातों और घटना के बीच संबंध की जांच की जा रही है। फिलहाल नोट में सामने आई बातों को घटना का अंतिम और प्रमाणित कारण नहीं माना जा सकता। पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

कई वर्षों से रीढ़ की बीमारी से परेशान थी महिला
शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एकता बांगड़ पिछले कई वर्षों से रीढ़ की हड्डी से संबंधित बीमारी से परेशान थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी स्वास्थ्य समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग अस्पतालों में उपचार भी कराया था। लंबे समय से चल रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख कथित सुसाइड नोट में भी होने की बात सामने आई है। हालांकि, बीमारी की वास्तविक प्रकृति, उपचार और उससे जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। इस घटना ने एक बार फिर लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों और उनके कारण व्यक्ति तथा परिवार पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को शारीरिक उपचार के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक सहयोग भी मिलना बेहद जरूरी है।

सीसीटीवी फुटेज की भी जांच, पुलिस जुटा रही साक्ष्य
घटना के बाद वाकड़ पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली है। शुरुआती जांच में सामने आया कि महिला अपने बेटे के साथ लिफ्ट से 18वीं मंजिल तक गई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच भी कराई गई है, ताकि घटना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाया जा सके। मां और बेटे के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पिंपरी स्थित यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल भेजा गया। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।वाकड़ पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस कथित सुसाइड नोट की सामग्री, सीसीटीवी फुटेज और अन्य परिस्थितियों के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

घटना से सोसायटी और इलाके में शोक
एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत की खबर सामने आने के बाद सिग्नेचर पार्क सोसायटी सहित आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। छह साल के मासूम बच्चे की मौत ने लोगों को विशेष रूप से झकझोर दिया है। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि सोसायटी में ऐसा दुखद घटनाक्रम सामने आएगा। परिवार के परिचितों और आसपास रहने वाले लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और घटना के पीछे की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों से जूझ रहे लोगों को भावनात्मक सहयोग देने की आवश्यकता की ओर भी ध्यान दिलाती है। कई बार व्यक्ति अपनी परेशानियों को परिवार या परिचितों के सामने खुलकर नहीं रख पाता। ऐसे में परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे किसी भी तरह के असामान्य तनाव या निराशा के संकेतों को गंभीरता से लें।

यदि कोई व्यक्ति मानसिक परेशानी, अकेलेपन या निराशा से जूझ रहा है तो उसे अकेला छोड़ने के बजाय विशेषज्ञ की मदद दिलाना जरूरी है। भारत में मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर संपर्क किया जा सकता है।

फिलहाल पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में हुई इस दर्दनाक घटना की जांच वाकड़ पुलिस कर रही है। 7 से 8 पन्नों का कथित सुसाइड नोट और सीसीटीवी फुटेज जांच के अहम हिस्से हैं। पुलिस की जांच के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।


