By: Vikash Kumar (Vicky)

Kids Nail Paint Side Effects: छोटे बच्चों को सजाना-संवारना हर माता-पिता को अच्छा लगता है। खासकर छोटी बच्चियों के हाथों और पैरों में रंग-बिरंगी नेल पेंट लगाना कई लोगों को बेहद प्यारा लगता है। बाजार में बच्चों के लिए अलग-अलग रंगों की नेल पॉलिश भी उपलब्ध हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटे बच्चों के नाखूनों पर नेल पेंट लगाना उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है? देखने में भले ही यह एक छोटी-सी ब्यूटी एक्टिविटी लगे, लेकिन बच्चों की नाजुक त्वचा और उनकी आदतों को देखते हुए इसमें सावधानी बरतना जरूरी है।
पीडियाट्रिशियन सुमित्रा मीणा ने बताया है कि छोटे बच्चों के नाखूनों पर नेल पेंट लगाने से पहले माता-पिता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और क्यों कम उम्र में इससे बचना बेहतर है। दरअसल, छोटे बच्चे अक्सर अपने हाथ मुंह में डालते हैं, नाखून चबाते हैं और उंगलियां चूसते हैं। ऐसे में नाखूनों पर लगी नेल पॉलिश के कुछ अंश उनके मुंह तक पहुंच सकते हैं।
आइए जानते हैं कि छोटे बच्चों के नाखूनों पर नेल पेंट लगाने से कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं और माता-पिता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. नेल पेंट के केमिकल पहुंच सकते हैं बच्चे के मुंह में
बाजार में मिलने वाली सामान्य नेल पॉलिश में कई तरह के रासायनिक तत्व और सॉल्वेंट इस्तेमाल किए जाते हैं। कुछ उत्पादों में टोल्यून, फॉर्मल्डिहाइड और डिब्यूटाइल थैलेट जैसे पदार्थ भी हो सकते हैं। हालांकि, हर नेल पॉलिश में ये सभी तत्व मौजूद हों, ऐसा जरूरी नहीं है।
छोटे बच्चों की आदत होती है कि वे खेलते समय बार-बार अपनी उंगलियां मुंह में डाल लेते हैं। कई बच्चे नाखून चबाते हैं या अंगूठा चूसते हैं। ऐसे में नाखूनों पर लगी नेल पॉलिश के छोटे-छोटे टुकड़े मुंह में जा सकते हैं।
अगर बच्चा नेल पेंट को चाटता है या उसके टुकड़े निगल लेता है, तो पेट में परेशानी या अन्य लक्षण हो सकते हैं। इसलिए छोटे बच्चों के नाखूनों पर सामान्य नेल पॉलिश लगाने से बचना बेहतर है।

2. नाखूनों के आसपास हो सकती है एलर्जी और जलन
छोटे बच्चों की त्वचा काफी संवेदनशील होती है। नेल पॉलिश में मौजूद कुछ रासायनिक तत्वों के संपर्क में आने से नाखूनों के आसपास की त्वचा में एलर्जी या जलन हो सकती है।
कुछ बच्चों को नेल पेंट लगाने के बाद उंगलियों में लालिमा, खुजली, सूजन या त्वचा पर छोटे-छोटे दाने दिखाई दे सकते हैं। संवेदनशील त्वचा वाले बच्चों में यह परेशानी अधिक हो सकती है।
कई बार बच्चा खुजली होने पर बार-बार उंगलियों को रगड़ता है, जिससे त्वचा की परेशानी बढ़ सकती है। अगर नेल पेंट लगाने के बाद ऐसी कोई समस्या दिखाई दे, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

3. नेल पेंट के छोटे टुकड़े निगलने का खतरा
छोटे बच्चों को किसी भी नई और रंगीन चीज को छूने या मुंह में डालने की आदत हो सकती है। नेल पेंट सूखने के बाद भी नाखूनों से निकलकर छोटे टुकड़ों के रूप में टूट सकती है।
बच्चे जब अपने नाखून चबाते हैं या उंगलियां मुंह में डालते हैं, तो ये टुकड़े निगलने का खतरा रहता है। नेल पॉलिश की थोड़ी मात्रा से हर बार गंभीर नुकसान हो, यह जरूरी नहीं है, लेकिन बच्चों को जानबूझकर इसके संपर्क में लाना ठीक नहीं है।
माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि नेल पेंट की बोतल और रिमूवर जैसी चीजें बच्चों की पहुंच से हमेशा दूर रखी जाएं।
4. नेल पॉलिश रिमूवर भी बन सकता है परेशानी की वजह
अक्सर माता-पिता बच्चों के नाखूनों से नेल पेंट हटाने के लिए नेल पॉलिश रिमूवर का इस्तेमाल करते हैं। कई रिमूवर में एसीटोन जैसे सॉल्वेंट मौजूद होते हैं, जो त्वचा को रूखा कर सकते हैं और आंखों या मुंह के संपर्क में आने पर परेशानी पैदा कर सकते हैं।
यदि बच्चा गलती से रिमूवर पी ले, तो यह गंभीर स्थिति हो सकती है। इसके अलावा, रिमूवर की तेज गंध से भी कुछ बच्चों को असुविधा हो सकती है।

इसलिए छोटे बच्चों के नाखूनों पर नेल पेंट लगाने से बचना ही बेहतर है। अगर पहले से लगी हुई है, तो उसे हटाते समय भी बच्चों को रिमूवर से दूर रखें और उत्पाद को सुरक्षित स्थान पर रखें।
5. नाखूनों की प्राकृतिक स्थिति पर भी रखें ध्यान
बच्चों के नाखून छोटे, मुलायम और नाजुक होते हैं। नाखूनों पर लगातार नेल पेंट लगाने और बार-बार रिमूवर का इस्तेमाल करने से नाखूनों की सतह रूखी हो सकती है।
कुछ उत्पादों के कारण नाखूनों के आसपास की त्वचा में जलन भी हो सकती है। हालांकि, सामान्य नेल पॉलिश लगाने से हर बच्चे के नाखून खराब हो जाते हैं, ऐसा कहना सही नहीं होगा।
बच्चों के नाखूनों की देखभाल के लिए उन्हें साफ रखना, समय पर काटना और नाखून चबाने की आदत को धीरे-धीरे छुड़ाना ज्यादा जरूरी है।

किस उम्र में बच्चों को नेल पेंट लगाना चाहिए?
माता-पिता के मन में अक्सर सवाल होता है कि आखिर किस उम्र में बच्चों को नेल पेंट लगाना सुरक्षित होता है। इसका कोई एक निश्चित उम्र का नियम नहीं है। यह बच्चे की आदतों, त्वचा की संवेदनशीलता और इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पाद पर निर्भर करता है।
विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, बहुत छोटे बच्चों और खासकर उन बच्चों के नाखूनों पर नेल पेंट लगाने से बचना चाहिए जो अभी भी उंगलियां चूसते हैं या नाखून चबाते हैं।
बच्चे थोड़े बड़े हो जाएं, तब भी उत्पाद की सामग्री, उसकी गुणवत्ता और इस्तेमाल की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। केवल बच्चों के नाम पर बिकने वाले उत्पाद को पूरी तरह सुरक्षित मान लेना सही नहीं है।

बच्चों के नाखूनों की देखभाल कैसे करें?
छोटे बच्चों के नाखूनों को सुंदर और साफ रखने के लिए नेल पेंट की जरूरत नहीं होती। कुछ आसान आदतों से आप उनके नाखूनों को स्वस्थ रख सकते हैं।
1. नियमित रूप से नाखून काटें: बच्चों के नाखूनों को साफ और सही लंबाई में रखें। इससे नाखूनों में गंदगी जमा होने और खरोंच लगने का खतरा कम होता है।
2. हाथों की सफाई का ध्यान रखें: बच्चों को खाना खाने से पहले और बाहर खेलने के बाद हाथ धोने की आदत डालें।
3. नाखून चबाने से रोकें: यदि बच्चा बार-बार नाखून चबाता है, तो उसे प्यार से समझाएं और दूसरी गतिविधियों में व्यस्त रखें।
4. सुरक्षित नेल केयर अपनाएं: बच्चों के नाखून काटने के लिए उम्र के अनुसार उपयुक्त नेल क्लिपर का इस्तेमाल करें। नाखूनों के आसपास की त्वचा को जबरदस्ती न काटें।
5. केमिकल वाले उत्पादों से दूरी रखें: नेल पेंट, रिमूवर और अन्य कॉस्मेटिक उत्पाद बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

अगर बच्चे ने गलती से नेल पेंट निगल लिया तो क्या करें?
अगर बच्चा गलती से नेल पॉलिश या नेल पॉलिश रिमूवर मुंह में डाल लेता है, तो घबराने के बजाय तुरंत सावधानी बरतें। बच्चे को जबरदस्ती उल्टी कराने की कोशिश न करें। उत्पाद की बोतल या उसका लेबल अपने पास रखें और तुरंत डॉक्टर या स्थानीय विष नियंत्रण सेवा से सलाह लें।
अगर बच्चे को उल्टी, खांसी, असामान्य नींद, चक्कर या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

छोटे बच्चों के नाखूनों पर रंग-बिरंगी नेल पेंट लगाना देखने में भले ही आकर्षक लगे, लेकिन उनकी उम्र और आदतों को देखते हुए ऐसा करने से बचना बेहतर है। बच्चे अक्सर अपनी उंगलियां मुंह में डालते हैं और नाखून चबाते हैं, जिससे नेल पॉलिश के रासायनिक तत्व उनके संपर्क में आ सकते हैं। इसके अलावा त्वचा में जलन, एलर्जी और रिमूवर के कारण होने वाले जोखिम भी ध्यान देने योग्य हैं।
माता-पिता को बच्चों की खूबसूरती से ज्यादा उनकी सुरक्षा और सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए। छोटे बच्चों के नाखूनों को साफ, छोटे और स्वस्थ रखना ही उनकी बेहतर नेल केयर है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और पेरेंटिंग जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। बच्चों की त्वचा या नाखूनों से जुड़ी परेशानी होने पर पीडियाट्रिशियन या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। किसी उत्पाद के सेवन या गलती से निगलने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।
