
By: Mala Mandal
Dhanteras Shopping Tips 2026: दिवाली से पहले आने वाला धनतेरस का त्योहार हिंदू धर्म में बेहद खास माना जाता है। इस दिन लोग भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और खुशहाली का आगमन होता है। यही वजह है कि इस दिन बाजारों में सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा भी काफी पुरानी है। वहीं माता लक्ष्मी और कुबेर देव की कृपा प्राप्त करने के लिए लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार अलग-अलग वस्तुएं घर लाते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस पर कुछ चीजें खरीदना शुभ माना जाता है, जबकि कुछ वस्तुओं को खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है? अगर आप भी इस साल धनतेरस पर खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं तो जान लीजिए कि कौन-सी चीजें घर लाना शुभ माना जाता है और किन चीजों को खरीदने से परहेज करना चाहिए।
धनतेरस पर जरूर खरीदें ये 7 शुभ चीजें
1. सोना खरीदना माना जाता है शुभ
धनतेरस के दिन सोना खरीदना काफी शुभ माना जाता है। इस दिन लोग सोने के सिक्के, आभूषण और अन्य सोने की वस्तुएं खरीदते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सोना समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक है। हालांकि, सोना खरीदना पूरी तरह आपकी आर्थिक क्षमता और जरूरत पर निर्भर होना चाहिए।
2. चांदी के सिक्के और बर्तन
धनतेरस पर चांदी खरीदने की भी विशेष परंपरा है। कई लोग इस दिन चांदी के सिक्के खरीदते हैं, जिन पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की तस्वीर बनी होती है। चांदी के बर्तन और आभूषण खरीदना भी शुभ माना जाता है। पूजा में चांदी के सिक्के रखकर माता लक्ष्मी का आशीर्वाद लिया जाता है।
3. पीतल और तांबे के बर्तन
धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा भगवान धन्वंतरि से जुड़ी हुई है। मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन पीतल, तांबे और अन्य धातुओं के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। आप अपनी जरूरत के अनुसार थाली, कटोरी, लोटा या पूजा के बर्तन खरीद सकते हैं।

4. झाड़ू खरीदना माना जाता है शुभ
धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने की भी पुरानी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू को माता लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि झाड़ू घर की गंदगी के साथ नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक है। इस दिन नई झाड़ू खरीदकर घर की साफ-सफाई करना शुभ माना जाता है।
5. धनिया के बीज खरीदें
धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने की भी परंपरा है। कुछ धार्मिक मान्यताओं में धनिया को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लोग धनिया के बीज खरीदकर माता लक्ष्मी की पूजा में रखते हैं। दिवाली के बाद इन्हें मिट्टी में बोने की परंपरा भी कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है।
6. मिट्टी के दीपक जरूर खरीदें
धनतेरस और दिवाली पर मिट्टी के दीपक खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। दीपक प्रकाश, सकारात्मकता और खुशहाली का प्रतीक हैं। धनतेरस की शाम घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर दीपक जलाने की परंपरा है। आप मिट्टी के पारंपरिक दीपक खरीदकर अपने घर को रोशनी से सजा सकते हैं।
7. गोमती चक्र और कौड़ियां
धार्मिक मान्यताओं में गोमती चक्र और कौड़ियों को भी शुभ माना जाता है। कई लोग इन्हें धनतेरस पर खरीदकर माता लक्ष्मी की पूजा में रखते हैं। मान्यता है कि इन वस्तुओं को घर में रखने से सुख-समृद्धि आती है। इन्हें पूजा के दौरान श्रद्धा के साथ स्थापित किया जाता है।

धनतेरस पर इन चीजों को खरीदने से बचने की है मान्यता
धनतेरस के दिन कुछ ऐसी वस्तुएं भी हैं जिन्हें खरीदने से पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
1. काले रंग की वस्तुएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस जैसे शुभ अवसर पर काले रंग की वस्तुएं खरीदने से बचने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। काले रंग को कई धार्मिक परंपराओं में अशुभ प्रतीक माना जाता है। हालांकि, यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था का विषय है।
2. लोहे की वस्तुएं
कुछ मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन लोहे से बनी वस्तुएं खरीदने से परहेज करना चाहिए। माना जाता है कि इस दिन लोहे की चीजें खरीदना शुभ नहीं होता। हालांकि, यह मान्यता सभी क्षेत्रों में समान नहीं है।

3. नुकीली और धारदार चीजें
धनतेरस पर चाकू, कैंची, ब्लेड और अन्य धारदार वस्तुएं खरीदने से बचने की सलाह कुछ परंपराओं में दी जाती है। इन्हें शुभ अवसर पर खरीदना अच्छा नहीं माना जाता। अगर घर में इनकी जरूरत है तो खरीदारी को लेकर अपनी सुविधा और स्थानीय परंपरा को प्राथमिकता दें।
4. खाली बर्तन घर न लाएं
धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन पारंपरिक मान्यता के अनुसार खाली बर्तन घर लाने के बजाय उसमें कुछ मीठा, चावल या अनाज रखकर घर लाना अच्छा माना जाता है। इसे घर में अन्न और समृद्धि के आगमन का प्रतीक माना जाता है।
5. प्लास्टिक की सस्ती और अनुपयोगी वस्तुएं
धनतेरस पर बिना जरूरत के सामान खरीदने से बचना चाहिए। विशेष रूप से केवल दिखावे के लिए प्लास्टिक की अनुपयोगी वस्तुओं पर पैसे खर्च करने के बजाय ऐसी चीजें खरीदें जो घर के काम आएं। इससे बजट भी संतुलित रहेगा और खरीदारी भी उपयोगी होगी।

धनतेरस पर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदना चाहिए या नहीं?
धनतेरस के अवसर पर कई लोग नई कार, बाइक, स्कूटर, मोबाइल, टीवी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नई वस्तु खरीदकर घर लाना शुभ माना जाता है। इसलिए लोग अपनी जरूरत और बजट के अनुसार वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदारी भी करते हैं। अगर आप धनतेरस पर वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो डिलीवरी का समय, दस्तावेज और भुगतान की शर्तें पहले जांच लें। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदते समय वारंटी, बिल और उत्पाद की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।

धनतेरस पर खरीदारी करते समय इन बातों का रखें ध्यान
धनतेरस पर खरीदारी करने से पहले अपनी जरूरत और बजट तय कर लें। सोना-चांदी खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता की जांच जरूर करें। बर्तन खरीदते समय उनकी गुणवत्ता देखें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय विश्वसनीय वेबसाइट और विक्रेता का चुनाव करें। किसी भी सामान को केवल शुभ मानकर जरूरत से ज्यादा पैसे खर्च न करें। धनतेरस का वास्तविक महत्व केवल महंगी वस्तुएं खरीदने में नहीं, बल्कि घर में सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करने में है। इसलिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी करें और परिवार के साथ इस त्योहार को खुशी से मनाएं।

धनतेरस पर पूजा और दीपदान का भी है विशेष महत्व
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाया जाता है। कई परिवारों में यमदीपदान करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन दीपदान करने से परिवार के सदस्यों की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना पूरी होती है। धनतेरस पर घर की साफ-सफाई करें, पूजा स्थल को सजाएं और शाम को श्रद्धापूर्वक दीपक जलाएं। इस दिन जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और दान-पुण्य करना भी अच्छा माना जाता है।

इस लेख में बताई गई खरीदारी और धार्मिक मान्यताएं पारंपरिक आस्था एवं प्रचलित रीति-रिवाजों पर आधारित हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में मान्यताएं अलग हो सकती हैं। किसी वस्तु को खरीदना या न खरीदना पूरी तरह व्यक्तिगत पसंद, जरूरत और आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।


