
By: Vikash Kumar (Vicky)
खूंटी/झारखंड: झारखंड के खूंटी जिले से एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है। गुरुवार, 5 नवंबर की देर रात कर्रा थाना क्षेत्र के कर्रा-तोरपा मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित 18 चक्का ट्रक ने सड़क किनारे खड़े लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक पांच वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। मृतकों में चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
स्कूटी हादसे के बाद जुटे थे स्थानीय लोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना कर्रा-तोरपा मुख्य सड़क पर जोने-लुदरू मोड़ के समीप रात करीब 9:45 से 10 बजे के बीच हुई। बताया जा रहा है कि सड़क के पास एक स्कूटी सवार अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया के समीप झाड़ियों में जा गिरा था। स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त होने की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय महिलाएं और बच्चे भी घटनास्थल पर पहुंच गए। लोग झाड़ियों में गिरे स्कूटी सवार को निकालने और उसकी मदद करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान तोरपा की ओर से आ रहा तेज रफ्तार 18 चक्का ट्रक वहां पहुंचा और सड़क किनारे जुटे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक हुए इस हादसे में लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ट्रक कई लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ा और सड़क किनारे बनी पुलिया को तोड़कर गड्ढे में जा गिरा।

चार महिलाओं और तीन बच्चों की मौत
इस भीषण दुर्घटना में सात लोगों की जान चली गई। मृतकों में चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छह लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक घायल बच्चे की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतकों की पहचान जयंती देवी, अंजली कुमारी, पाको देवी, मान्हू देवी, गोलू कुमार, तूती कुमारी और सौरभ नायक के रूप में हुई है। मृतकों में एक 11 माह का मासूम बच्चा भी शामिल बताया गया है। इस घटना में पांच वर्षीय खुशबू कुमारी गंभीर रूप से घायल हुई है। उसे इलाज के लिए खूंटी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

एक ही परिवार के कई लोगों की गई जान
इस हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। मां और उसके मासूम बच्चे की मौत की खबर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जिस परिवार के लोग कुछ देर पहले तक सामान्य जिंदगी जी रहे थे, उसी परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे की खबर मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग भी इस घटना से सदमे में हैं।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, अस्पताल पहुंचाए गए घायल
घटना की सूचना मिलते ही कर्रा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। सभी मृतकों के शवों को खूंटी सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी जांच की। इलाज के दौरान एक घायल बच्चे ने भी दम तोड़ दिया, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए तोरपा थाना की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई और आगे की कार्रवाई शुरू की।

ट्रक चालक और खलासी मौके से फरार
हादसे के बाद ट्रक चालक और खलासी के मौके से फरार होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों की ओर से ट्रक चालक पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया गया है। कुछ लोगों ने चालक के नशे में होने की आशंका भी जताई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के अनुसार, तोरपा की ओर से आ रहे 18 चक्का ट्रक ने मोड़ पर सड़क किनारे जुटे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। अंधेरा होने के कारण चालक भीड़ को देख नहीं पाया होगा। पुलिस के अनुसार, हादसे में सात लोगों की मौत हुई है और एक व्यक्ति घायल हुआ है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया दुख
खूंटी में हुए इस दर्दनाक हादसे पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति मिलने की कामना की। साथ ही हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
खूंटी की यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। खासकर रात के समय संकरी सड़कों और तीखे मोड़ों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार जानलेवा साबित हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मार्गों पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सड़क किनारे पर्याप्त रोशनी, चेतावनी संकेत और गति नियंत्रण की व्यवस्था भी जरूरी है।

खूंटी के कर्रा-तोरपा मार्ग पर हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया है। स्कूटी दुर्घटना के बाद मदद के लिए जुटे लोग खुद एक बड़े हादसे का शिकार हो गए। सात लोगों की मौत और एक बच्ची के घायल होने की इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। अब सभी की नजर पुलिस की जांच और फरार ट्रक चालक की गिरफ्तारी पर है।


