By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 10 July 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा, गृह प्रवेश, विवाह या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ समय का चयन किया जाता है। आज शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की योगिनी एकादशी का पावन व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने तथा व्रत रखने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

आज योगिनी एकादशी के अवसर पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिससे पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, पूजा का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और दिनभर के शुभ-अशुभ समय।
आज का पंचांग 10 जुलाई 2026
दिन – शुक्रवार
तिथि – आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकादशी
व्रत – योगिनी एकादशी व्रत
नक्षत्र – ज्योतिषीय गणना के अनुसार दिनभर प्रभावी नक्षत्र
योग – शुभ योग का निर्माण
करण – तिथि अनुसार परिवर्तित
सूर्योदय – प्रातः लगभग 5:20 बजे
सूर्यास्त – सायं लगभग 6:45 बजे
चंद्रोदय – तिथि अनुसार
चंद्रास्त – तिथि अनुसार

योगिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में योगिनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा-अर्चना, व्रत, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि योगिनी एकादशी का व्रत करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कई श्रद्धालु इस दिन निर्जला या फलाहार व्रत रखकर भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

आज के शुभ मुहूर्त
आज योगिनी एकादशी के अवसर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए प्रातःकाल और प्रदोष काल विशेष रूप से शुभ माने गए हैं। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त भी नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। यदि आप किसी धार्मिक कार्य, मंत्र जाप, दान या पूजा का संकल्प लेना चाहते हैं, तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना लाभकारी माना जाता है।

राहुकाल
शुक्रवार के दिन राहुकाल में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि आवश्यक न हो तो इस अवधि में नए कार्य, निवेश या मांगलिक कार्य टालना बेहतर माना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। यदि किसी कारणवश अन्य शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हो, तो इस समय में शुभ कार्य आरंभ किए जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।
ब्रह्म मुहूर्त का महत्व
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान, ध्यान, जप और भगवान विष्णु की पूजा करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है। शास्त्रों में इसे आध्यात्मिक साधना के लिए सबसे उत्तम समय माना गया है। योगिनी एकादशी पर इस समय पूजा करने का विशेष फल प्राप्त होता है।

योगिनी एकादशी पर क्या करें?
योगिनी एकादशी के दिन प्रातः स्नान करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। पीले फूल, तुलसी दल, फल, पंचामृत और प्रसाद अर्पित करें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या दक्षिणा का दान करें। सात्विक भोजन करें और क्रोध, झूठ तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

क्या न करें?
इस दिन तामसिक भोजन, मांस-मदिरा, लहसुन-प्याज और अनैतिक कार्यों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। किसी का अपमान न करें और विवाद से बचें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संयम और सदाचार का पालन करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

आज का पंचांग क्यों देखें?
पंचांग केवल तिथि और समय की जानकारी नहीं देता, बल्कि शुभ-अशुभ समय, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और धार्मिक आयोजनों के लिए उचित समय का भी मार्गदर्शन करता है। यही कारण है कि लाखों लोग अपने दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करते हैं ताकि दिनभर के महत्वपूर्ण कार्य सही समय पर किए जा सकें।

यह पंचांग और धार्मिक जानकारी पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं एवं पंचांग गणनाओं पर आधारित है। विभिन्न पंचांगों और भौगोलिक स्थानों के अनुसार तिथि, मुहूर्त, सूर्योदय, सूर्यास्त तथा अन्य समय में अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य के लिए अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।

