By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 18 July 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, विवाह, गृह प्रवेश, खरीदारी या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ समय का चयन किया जाता है। आज 18 जुलाई 2026, शनिवार का दिन भगवान शनिदेव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। आज आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है और रवि योग का शुभ संयोग भी बन रहा है। ऐसे में आज किए गए शुभ कार्यों का विशेष फल प्राप्त हो सकता है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और पूजा का महत्व।

आषाढ़ शुक्ल पंचमी 18 जुलाई 2026 का पंचांग
दिन : शनिवार
तिथि : आषाढ़ शुक्ल पक्ष पंचमी
वार : शनिवार
नक्षत्र : (प्रचलित पंचांग के अनुसार)
योग : रवि योग
करण : (प्रचलित पंचांग के अनुसार)
सूर्योदय : प्रातः लगभग 5:25 बजे
सूर्यास्त : सायं लगभग 6:38 बजे
चंद्रोदय : पंचांग अनुसार
चंद्रास्त : पंचांग अनुसार
आज का शुभ मुहूर्त

आज रवि योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यदि आप नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, वाहन खरीदने, निवेश करने, किसी धार्मिक कार्य की शुरुआत करने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त में कार्य करना लाभकारी रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर लगभग 11:58 बजे से 12:53 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः लगभग 4:08 बजे से 4:48 बजे तक
विजय मुहूर्त : दोपहर बाद शुभ समय
गोधूलि मुहूर्त : सूर्यास्त के आसपास

आज का राहुकाल
शनिवार के दिन राहुकाल प्रातः लगभग 9:00 बजे से 10:30 बजे तक माना जाता है। इस अवधि में नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।
आज का दिशाशूल
शनिवार के दिन दिशाशूल पूर्व दिशा में माना जाता है। यदि किसी कारणवश पूर्व दिशा की यात्रा करना आवश्यक हो तो यात्रा से पहले अदरक या उड़द का सेवन कर घर से निकलना शुभ माना जाता है।

शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा का महत्व
शनिवार का दिन न्याय के देवता भगवान शनिदेव को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से शनिदेव की पूजा करने, सरसों के तेल का दीपक जलाने, पीपल के वृक्ष की पूजा करने, काले तिल, उड़द और तेल का दान करने से शनि दोष कम होता है तथा जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं। जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, उनके लिए शनिवार का विशेष महत्व माना जाता है।

आज क्या करें
• सुबह स्नान के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
• शनिदेव और हनुमान जी की पूजा करें।
• पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
• जरूरतमंद लोगों को काले तिल, उड़द, तेल या वस्त्र का दान करें।
• हनुमान चालीसा और शनि स्तोत्र का पाठ करें।
• सकारात्मक सोच के साथ दिन की शुरुआत करें।

आज क्या न करें
• राहुकाल में नए कार्य की शुरुआत न करें।
• किसी का अपमान या अनावश्यक विवाद करने से बचें।
• झूठ बोलने और क्रोध करने से बचें।
• जरूरतमंद व्यक्ति को खाली हाथ न लौटाएं।

आज का धार्मिक महत्व
आषाढ़ शुक्ल पंचमी का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। रवि योग के प्रभाव से आज पूजा-पाठ, दान-पुण्य, मंत्र जाप और धार्मिक कार्यों का कई गुना अधिक फल मिलने की मान्यता है। शनिवार होने के कारण शनिदेव की आराधना करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के मार्ग खुल सकते हैं। आज का दिन आध्यात्मिक साधना, आत्मचिंतन और सकारात्मक कार्यों के लिए भी विशेष माना गया है।

यह पंचांग सामान्य धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय गणनाओं और विभिन्न पंचांगों पर आधारित है। स्थान और समय के अनुसार तिथि, नक्षत्र, योग एवं मुहूर्त में अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य से पहले अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।


