By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Today Panchang, 20 August 2026 | Sawan 2026 | Tulsi Das Jayanti 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार आज 20 अगस्त 2026, गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज का दिन भगवान शिव की आराधना के साथ धार्मिक दृष्टि से भी विशेष माना जा रहा है। सावन का पवित्र महीना होने के कारण आज शिव पूजा, जलाभिषेक, मंत्र जाप और दान-पुण्य का विशेष महत्व रहेगा। आज श्रावण शुक्ल अष्टमी तिथि रात 09:18 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। पंचांग के अनुसार आज सूर्य देव दक्षिणायन, उत्तर गोल और वर्षा ऋतु में रहेंगे। वहीं चंद्रमा दिन-रात वृश्चिक राशि में संचार करेंगे। अगर आप आज पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, नया कार्य या कोई शुभ काम करने की योजना बना रहे हैं तो शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी जरूर जान लें। आइए जानते हैं 20 अगस्त 2026 का पूरा पंचांग।

20 अगस्त 2026 का पंचांग एक नजर में
दिन: गुरुवार
तारीख: 20 अगस्त 2026
मास: श्रावण
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: अष्टमी, रात 09:18 बजे तक
इसके बाद: नवमी तिथि
वार: गुरुवार
ऋतु: वर्षा
अयन: दक्षिणायन
गोल: उत्तर गोल
चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्य राशि: सिंह
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:55 बजे से 04:41 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 02:00 बजे से 03:30 बजे तक

आज सावन शुक्ल अष्टमी का क्या है महत्व?
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस पूरे महीने में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने की धार्मिक परंपरा है। सावन शुक्ल पक्ष में आने वाली अष्टमी तिथि पर भी श्रद्धालु भगवान शिव और अपने आराध्य देव की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों को मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। आज सुबह स्नान करके भगवान शिव का ध्यान करें और श्रद्धानुसार शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

पूजा के लिए आज का ब्रह्म मुहूर्त
20 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 03:55 बजे से 04:41 बजे तक रहेगा। धार्मिक दृष्टि से ब्रह्म मुहूर्त को पूजा, ध्यान, मंत्र जाप और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है। जो लोग सुबह जल्दी उठकर पूजा-पाठ करते हैं, वे इस समय का उपयोग ध्यान और मंत्र जाप के लिए कर सकते हैं। हालांकि स्थानीय सूर्योदय और स्थान के अनुसार पंचांग के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
आज का अभिजीत मुहूर्त
दिन के शुभ समय में अभिजीत मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक रहेगा।
इस दौरान भगवान की पूजा, धार्मिक कार्य और शुभ संकल्प किए जा सकते हैं। किसी विशेष कार्य के लिए मुहूर्त चुनते समय केवल अभिजीत मुहूर्त ही नहीं, बल्कि स्थानीय पंचांग की अन्य गणनाओं को भी ध्यान में रखना उचित है।

आज कब रहेगा राहुकाल?
पंचांग में राहुकाल को ऐसा समय माना जाता है जिसमें शुभ कार्यों की शुरुआत करने से आमतौर पर बचने की सलाह दी जाती है। 20 अगस्त 2026, गुरुवार को राहुकाल दोपहर 02:00 बजे से 03:30 बजे तक रहेगा।
इसलिए यदि कोई महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करना हो तो इस अवधि को छोड़कर अन्य शुभ समय का चुनाव करना बेहतर माना जाता है।
आज चंद्रमा किस राशि में रहेंगे?
पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा दिन-रात वृश्चिक राशि में संचार करेंगे। ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है। चंद्रमा की राशि के आधार पर व्यक्ति के मनोभाव और दैनिक गतिविधियों पर प्रभाव की ज्योतिषीय व्याख्या की जाती है। वृश्चिक राशि में चंद्रमा होने के कारण आज भावनात्मक विषयों में गहराई देखने को मिल सकती है। ऐसे में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को भावनाओं में बहकर लेने के बजाय सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।

सावन में भगवान शिव की पूजा कैसे करें?
आज सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान को साफ करके भगवान शिव का ध्यान करें। यदि घर में शिवलिंग है तो श्रद्धानुसार जल अर्पित करें। इसके बाद बेलपत्र, फूल और फल चढ़ाए जा सकते हैं। भगवान शिव के मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप कर सकते हैं। पूजा के बाद भगवान शिव से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।
आज क्या करें और किन बातों का रखें ध्यान?
सावन के पवित्र महीने में आज जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार शिव मंदिर में जाकर दर्शन करना, जलाभिषेक करना और भगवान शिव का स्मरण करना पुण्यदायी माना जाता है। आज किसी से अनावश्यक विवाद करने से बचें। क्रोध और जल्दबाजी में लिया गया निर्णय परेशानी बढ़ा सकता है। घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखें और परिवार के सदस्यों के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करें।

आज के पंचांग का धार्मिक महत्व
पंचांग केवल तिथि और समय जानने का माध्यम नहीं है, बल्कि हिंदू धर्म में इसका उपयोग विभिन्न धार्मिक कार्यों के लिए शुभ समय निर्धारित करने में भी किया जाता है। तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पंचांग के प्रमुख अंग माने जाते हैं। 20 अगस्त 2026 को सावन शुक्ल अष्टमी होने के कारण आज का दिन धार्मिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से सावन के कारण भगवान शिव की पूजा और आराधना का महत्व और बढ़ जाता है।
आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल एक नजर में
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:55 से 04:41 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:58 से दोपहर 12:50 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 02:00 से 03:30 बजे तक
अष्टमी तिथि समाप्त: रात 09:18 बजे
इसके बाद: नवमी तिथि प्रारंभ
ध्यान रखें कि पंचांग के मुहूर्त और समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। इसलिए किसी बड़े धार्मिक अनुष्ठान, विवाह, गृह प्रवेश या अन्य महत्वपूर्ण शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग अथवा विद्वान ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि करना उचित है।

20 अगस्त 2026 पंचांग: आज का सार
आज सावन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो रात 09:18 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में पूजा और ध्यान के लिए समय अनुकूल रहेगा। दिन में अभिजीत मुहूर्त भी उपलब्ध है, जबकि दोपहर 02:00 से 03:30 बजे तक राहुकाल रहेगा।
सावन का महीना होने के कारण आज भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पित करना और शिव मंत्र का जाप श्रद्धा के साथ किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में शिव पूजा करने से मन को शांति और सकारात्मकता मिलती है।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पंचांग गणनाओं और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है। मुहूर्त और पंचांग के समय अलग-अलग शहरों में सूर्योदय एवं स्थानीय गणना के कारण कुछ अंतर हो सकता है। इसे धार्मिक आस्था और सामान्य जानकारी के रूप में लें। किसी महत्वपूर्ण शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से पुष्टि अवश्य करें।

