By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
आज 23 मई 2026, शनिवार का दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के साथ बेहद खास माना जा रहा है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार दिनभर में बनने वाले शुभ और अशुभ योग व्यक्ति के कार्यों और निर्णयों पर प्रभाव डालते हैं। आज शनिदेव का दिन होने के कारण पूजा-पाठ, दान और धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व रहेगा। वहीं राहुकाल और भद्रा जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

अगर आप आज नया काम शुरू करने, यात्रा करने, खरीदारी करने या कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय जरूर जान लें।
आज का पंचांग 23 मई 2026
संवत – 2083
माह – ज्येष्ठ
पक्ष – शुक्ल पक्ष
तिथि – अष्टमी तिथि अगले दिन सुबह 4 बजकर 27 मिनट तक, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी।
वार – शनिवार

आज के योग
ध्रुव योग – सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। इसके बाद व्याघात योग शुरू होगा।
व्याघात योग – अगले दिन प्रातः 4 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसके बाद हर्षण योग प्रारंभ होगा।
ज्योतिष शास्त्र में ध्रुव योग को स्थिरता और सफलता देने वाला माना जाता है, जबकि व्याघात योग में सावधानी से कार्य करने की सलाह दी जाती है।

आज के करण
विष्टि करण (भद्रा) – सुबह 6 बजकर 24 मिनट तक
गरज करण – दोपहर 4 बजकर 40 मिनट तक
बव करण – अगले दिन सुबह 4 बजकर 27 मिनट तक
भद्रा काल में शुभ और मांगलिक कार्यों से बचने की परंपरा है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय – सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर
सूर्यास्त – शाम 7 बजकर 10 मिनट पर
चंद्रोदय – दोपहर 12 बजकर 4 मिनट पर
चंद्रास्त – देर रात 1 बजकर 5 मिनट पर (24 मई)

आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक
अमृत काल – रात 11 बजकर 45 मिनट से देर रात 1 बजकर 21 मिनट तक (24 मई)
अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दौरान नए कार्य, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ फलदायी माना जाता है।
आज का राहुकाल
राहुकाल – सुबह 8 बजकर 52 मिनट से सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। इस दौरान किए गए कार्यों में बाधाएं आने की संभावना रहती है।

आज के अन्य अशुभ मुहूर्त
गुलिकाल – सुबह 5 बजकर 26 मिनट से सुबह 7 बजकर 9 मिनट तक
यमगण्ड – दोपहर 2 बजकर 1 मिनट से दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक
दुर्मुहूर्त – सुबह 5 बजकर 26 मिनट से सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक, फिर सुबह 6 बजकर 21 मिनट से सुबह 7 बजकर 16 मिनट तक
वर्ज्यम – दोपहर 2 बजकर 8 मिनट से दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक
इन समयों में महत्वपूर्ण फैसले, यात्रा और नए काम शुरू करने से बचना बेहतर माना जाता है।

शनिवार के दिन करें ये खास उपाय
शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करने, पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने और जरूरतमंदों को दान देने से शुभ फल प्राप्त हो सकता है। आज काले तिल, उड़द दाल और सरसों के तेल का दान विशेष फलदायी माना गया है।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणनाओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों और पंचांगों के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले अपने स्थानीय पंचांग या ज्योतिषाचार्य की सलाह अवश्य लें।

