By: Vikash Kumar (Vicky)
Aaj Ka Panchang 27 October 2026: आज 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो सुबह समाप्त होने के बाद द्वितीया तिथि में प्रवेश करेगी। आज भरणी नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग भी बन रहा है। हिंदू धर्म में दिन की शुरुआत करने से पहले तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त जानने की परंपरा है। यदि आप आज कोई नया काम शुरू करने, पूजा-पाठ करने, धार्मिक अनुष्ठान करने या किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं, तो आज का पंचांग आपके लिए उपयोगी हो सकता है। आइए जानते हैं 27 अक्टूबर 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त और मंगलवार के धार्मिक महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

आज 27 अक्टूबर 2026 का पंचांग एक नजर में
दिन: मंगलवार
तारीख: 27 अक्टूबर 2026
मास: कार्तिक
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, सुबह लगभग 7:02 बजे तक; इसके बाद कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र: भरणी, दोपहर लगभग 3:40 बजे तक; इसके बाद कृत्तिका
योग: सिद्धि योग, सुबह लगभग 10:54 बजे तक; इसके बाद व्यतीपात योग
करण: कौलव, प्रतिपदा तिथि की समाप्ति तक
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
वार: मंगलवार
सूर्योदय: सुबह लगभग 5:54 बजे
सूर्यास्त: शाम लगभग 5:12 बजे
राहुकाल: दोपहर 2:23 बजे से 3:47 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:10 बजे से 11:56 बजे तक
चंद्रोदय: शाम लगभग 5:53 बजे
चंद्र राशि: मेष
सूर्य राशि: तुला
नोट: ऊपर दिए गए समय पटना के स्थानीय पंचांग पर आधारित हैं। अलग-अलग शहरों और पंचांग गणना पद्धतियों के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।

आज कौन-सी तिथि है?
27 अक्टूबर 2026, मंगलवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। यह तिथि सुबह लगभग 7:02 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। हिंदू पंचांग में तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में तिथि के आधार पर व्रत, पूजा, अनुष्ठान और अन्य शुभ कार्यों की योजना बनाई जाती है। कृष्ण पक्ष में चंद्रमा की कलाएं धीरे-धीरे कम होती हैं और अमावस्या की ओर बढ़ती हैं। आज प्रतिपदा से द्वितीया तिथि में परिवर्तन होने के कारण किसी विशेष पूजा या संस्कार का समय तय करते समय स्थानीय पंचांग और संबंधित धार्मिक परंपरा का ध्यान रखना चाहिए।

आज भरणी नक्षत्र का संयोग
आज मंगलवार को दोपहर लगभग 3:40 बजे तक भरणी नक्षत्र रहेगा। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, भरणी नक्षत्र का संबंध साहस, जिम्मेदारी, अनुशासन और दृढ़ निश्चय से जोड़ा जाता है। इस नक्षत्र के स्वामी शुक्र माने जाते हैं, जबकि इसके अधिष्ठाता देवता यमराज हैं। भरणी नक्षत्र को पारंपरिक ज्योतिष में उग्र प्रकृति का नक्षत्र माना जाता है। इसलिए कुछ धार्मिक परंपराओं में विशेष संस्कारों या मांगलिक कार्यों के लिए नक्षत्र के साथ अन्य पंचांग तत्वों का भी विचार किया जाता है। यदि आप आज कोई महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो केवल नक्षत्र देखकर निर्णय न लें। तिथि, योग, करण, स्थानीय मुहूर्त और कार्य की प्रकृति को भी ध्यान में रखना चाहिए।

आज सिद्धि योग का महत्व
आज 27 अक्टूबर को सुबह लगभग 10:54 बजे तक सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद व्यतीपात योग शुरू होगा। ज्योतिषीय परंपराओं में सिद्धि योग को सफलता, उपलब्धि, प्रयासों को आगे बढ़ाने और कार्यों को पूरा करने से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इस योग में एकाग्रता और योजनाबद्ध तरीके से किए गए कार्यों पर ध्यान देना अच्छा माना जाता है। हालांकि, किसी भी योग को हर प्रकार के काम के लिए समान रूप से शुभ नहीं माना जा सकता। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या अन्य विशेष संस्कारों के लिए अलग-अलग मुहूर्त देखे जाते हैं।आज यदि आप अपने अधूरे कार्यों को पूरा करना चाहते हैं, पढ़ाई की नई योजना बनाना चाहते हैं या दैनिक जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करना चाहते हैं, तो दिन की शुरुआत स्पष्ट लक्ष्य तय करके कर सकते हैं।

आज का राहुकाल कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा?
मंगलवार को राहुकाल दोपहर के समय पड़ता है। पटना के स्थानीय पंचांग के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को राहुकाल दोपहर 2:23 बजे से 3:47 बजे तक रहेगा। हिंदू ज्योतिषीय परंपरा में राहुकाल को नए मांगलिक कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसी कारण कई लोग इस अवधि में विवाह संबंधी शुभ कार्य, नई खरीदारी या महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचते हैं। हालांकि, राहुकाल को लेकर मान्यताएं धार्मिक परंपराओं पर आधारित हैं। रोजमर्रा के आवश्यक कार्य, नौकरी, पढ़ाई और सामान्य गतिविधियां अपनी जरूरत के अनुसार जारी रखी जा सकती हैं। ध्यान रखें कि राहुकाल का समय हर दिन और हर शहर में एक जैसा नहीं होता। इसकी गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर की जाती है।
आज का अभिजीत मुहूर्त
आज मंगलवार को पटना के स्थानीय पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:10 बजे से 11:56 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त को हिंदू परंपरा में दिन के महत्वपूर्ण शुभ समयों में से एक माना जाता है। कुछ लोग इस अवधि में जरूरी काम शुरू करने, पूजा-पाठ करने या अपने कार्यों की शुरुआत करने को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, हर प्रकार के मांगलिक कार्य के लिए अभिजीत मुहूर्त स्वतः उपयुक्त नहीं माना जाता। विशेष धार्मिक संस्कारों में संबंधित पंचांग और विद्वान की सलाह के अनुसार मुहूर्त तय करना बेहतर होता है। एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि शुभ मुहूर्त और राहुकाल की गणना अलग-अलग होती है। इसलिए किसी भी समय को अंतिम रूप से चुनने से पहले स्थानीय पंचांग में सभी संबंधित समयों का मिलान कर लें।

आज का ब्रह्म मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त को हिंदू धर्म में आध्यात्मिक साधना, ध्यान, जप और अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। सामान्य रूप से यह सूर्योदय से पहले का समय होता है। पटना में आज सूर्योदय लगभग सुबह 5:54 बजे माना गया है। इस आधार पर ब्रह्म मुहूर्त लगभग सुबह 4:10 बजे से 4:58 बजे के आसपास हो सकता है। यह एक अनुमानित समय है, इसलिए सटीक अवधि के लिए स्थानीय पंचांग की जांच करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुबह जल्दी उठकर ध्यान, प्रार्थना और अध्ययन करने से दिन की शुरुआत अनुशासन के साथ की जा सकती है। यदि आप सुबह जल्दी उठने की आदत विकसित करना चाहते हैं, तो नियमित समय पर सोना, पर्याप्त नींद लेना और धीरे-धीरे दिनचर्या में बदलाव करना उपयोगी हो सकता है।
आज मंगलवार का धार्मिक महत्व
मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। इस दिन अनेक श्रद्धालु हनुमान मंदिर में दर्शन करते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान हनुमान की उपासना से साहस, आत्मविश्वास, धैर्य और संकटों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है। मंगलवार को कई लोग व्रत भी रखते हैं। आज पूजा करने के लिए आप सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर अपने आराध्य देव का स्मरण कर सकते हैं। अपनी श्रद्धा के अनुसार हनुमान चालीसा का पाठ या मंत्र जाप कर सकते हैं। पूजा में दिखावे के बजाय श्रद्धा, नियमितता और अच्छे आचरण को महत्व देना चाहिए। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और दूसरों के प्रति सम्मान बनाए रखना भी अच्छे कर्मों का हिस्सा है।

आज का सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
पटना के स्थानीय पंचांग के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय लगभग सुबह 5:54 बजे और सूर्यास्त लगभग शाम 5:12 बजे हो सकता है। सूर्योदय और सूर्यास्त का समय धार्मिक कार्यों, संध्या वंदन और कुछ व्रतों के नियमों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठानों में समय निर्धारित करने के नियम अलग हो सकते हैं। यदि आप किसी विशेष व्रत या पूजा का पालन कर रहे हैं, तो उस व्रत की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय तय करें।

आज क्या करें और किन बातों का ध्यान रखें?
आज मंगलवार होने के कारण श्रद्धालु अपनी मान्यता के अनुसार भगवान हनुमान की पूजा कर सकते हैं। दिन की शुरुआत अपने जरूरी कामों की सूची बनाने और प्राथमिकताएं तय करने से करें। यदि आप कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं, तो जल्दबाजी करने के बजाय उससे जुड़ी सभी जानकारियां जुटाएं। आर्थिक मामलों में अपनी क्षमता के अनुसार खर्च करें और बिना जानकारी के किसी निवेश में पैसा लगाने से बचें। परिवार में बातचीत के दौरान संयम बनाए रखें और दूसरों की भावनाओं का सम्मान करें। विद्यार्थियों के लिए नियमित अध्ययन, अभ्यास और समय का सही प्रबंधन उपयोगी रहेगा।
धार्मिक दृष्टि से किसी विशेष मांगलिक कार्य की योजना बना रहे हैं, तो तिथि, नक्षत्र, योग, करण और स्थानीय मुहूर्त की पुष्टि जरूर करें।

27 अक्टूबर 2026 पंचांग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
आज कार्तिक कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह समाप्त होकर द्वितीया में बदल जाएगी। भरणी नक्षत्र दोपहर तक रहेगा और इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा। सिद्धि योग सुबह तक रहेगा, जबकि दोपहर में राहुकाल का समय रहेगा। इस प्रकार आज का पंचांग दिन की धार्मिक और ज्योतिषीय स्थिति को समझने में मदद करता है। किसी विशेष पूजा, व्रत या मांगलिक संस्कार के लिए केवल सामान्य पंचांग विवरण पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय समय और संबंधित परंपरा की पुष्टि करना जरूरी है।
यह लेख हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शुभ-अशुभ समय और ज्योतिषीय प्रभावों से संबंधित मान्यताएं धार्मिक परंपराओं का हिस्सा हैं; इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। पंचांग के समय स्थान और गणना पद्धति के अनुसार बदल सकते हैं। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या संस्कार के लिए स्थानीय पंचांग अथवा योग्य जानकार से पुष्टि करें।

