By: Mala Mandal
आसनसोल। पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल के तहत मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों से सीधा संवाद स्थापित कर रेल सेवाओं, टिकटिंग व्यवस्था, स्टेशन सुविधाओं और यात्री सुख-सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव प्राप्त किए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की समस्याओं और आवश्यकताओं को समझना तथा उनके यात्रा अनुभव को अधिक सुविधाजनक बनाने के संभावित उपायों की पहचान करना था। इस कार्यक्रम के माध्यम से रेलवे ने यात्रियों को अपनी बात सीधे रेल अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान किया। विभिन्न स्टेशनों पर अधिकारियों, कर्मचारियों और अग्रिम पंक्ति के रेलकर्मियों ने यात्रियों से बातचीत की तथा उनकी यात्रा से जुड़े अनुभवों, समस्याओं और अपेक्षाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

आसनसोल स्टेशन पर डीआरएम ने यात्रियों से किया संवाद
आसनसोल रेलवे स्टेशन पर आयोजित ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम में आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री संग्रह मौर्य ने यात्रियों और स्कूली विद्यार्थियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने यात्रियों के यात्रा संबंधी अनुभवों को जाना और रेल सुविधाओं एवं सेवाओं में सुधार के लिए उनके सुझाव आमंत्रित किए। यात्रियों से संवाद के दौरान रेल सेवाओं की गुणवत्ता, स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं और यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। रेलवे की इस पहल का उद्देश्य यात्रियों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझना और प्राप्त सुझावों के आधार पर सुधार के संभावित क्षेत्रों की पहचान करना है। रेलवे स्टेशनों पर प्रत्यक्ष संवाद की व्यवस्था से यात्रियों को अपनी समस्याएं रखने और संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिलता है। इससे रेलवे प्रशासन को यात्रियों की अपेक्षाओं को समझने तथा यात्री सुविधाओं के विकास के लिए जरूरी सुझाव प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

दुर्गापुर स्टेशन पर एडीआरएम ने ली यात्रियों की राय
दुर्गापुर रेलवे स्टेशन पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) श्री देबब्रत चटर्जी ने यात्रियों से संवाद किया। उन्होंने रेलगाड़ी सेवाओं, स्टेशन की सुविधाओं, यात्री सुख-सुविधाओं और रेलवे सेवाओं से जुड़े अन्य विषयों पर यात्रियों की राय एवं सुझाव प्राप्त किए। इस संवाद कार्यक्रम में यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान होने वाले अनुभवों को साझा करने का अवसर मिला। यात्रियों की ओर से प्राप्त सुझाव रेल सेवाओं में सुधार के लिए संभावित आवश्यकताओं को समझने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। रेलवे प्रशासन की ओर से इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य केवल यात्रियों की शिकायतों को सुनना ही नहीं, बल्कि उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं को समझते हुए सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संवाद की प्रक्रिया को मजबूत करना भी है।

आसनसोल मंडल के 23 स्टेशनों पर हुआ आयोजन
पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत आने वाले कुल 23 रेलवे स्टेशनों पर ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इनमें आसनसोल, रानीगंज, कालिपहाड़ी, दुर्गापुर, वारिया, राजबांध, बराकर, छोटा अंबोना, कुमारडुबी, थापरनगर, मुगमा, कालूबथान, सिउड़ी, पांडवेश्वर, उखड़ा, जसीडीह जंक्शन, बैद्यनाथधाम, महेशमुंडा, गिरिडीह, मधुपुर जंक्शन, संकरपुर, सिमुलतला, अंडाल जंक्शन एवं देवघर शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों पर रेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने यात्रियों से प्रत्यक्ष बातचीत कर विभिन्न रेल सेवाओं के संबंध में उनकी राय जानी। कार्यक्रम को मंडल स्तर पर आयोजित किए जाने से अलग-अलग स्टेशनों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी समस्याएं और सुझाव साझा करने का अवसर मिला। जसीडीह जंक्शन, बैद्यनाथधाम, मधुपुर जंक्शन और देवघर जैसे स्टेशनों पर भी इस पहल के अंतर्गत यात्रियों से संवाद किया गया। इन स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए टिकटिंग व्यवस्था, स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाएं और रेलगाड़ियों से संबंधित सेवाएं महत्वपूर्ण विषय हैं। ऐसे में यात्रियों से सीधे सुझाव प्राप्त करना सुविधाओं में सुधार की संभावनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

टिकटिंग और यात्री सुविधाओं पर मांगे गए सुझाव
कार्यक्रम के दौरान यात्रियों से रेलगाड़ी सेवाओं, टिकटिंग सुविधाओं, स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं तथा रेलवे सेवाओं के अन्य पहलुओं पर सुझाव प्राप्त किए गए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने यात्रियों की बात सुनकर उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास किया। रेलवे में यात्री सुविधाओं का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग विभिन्न उद्देश्यों से यात्रा करते हैं। यात्रियों की अपेक्षाएं उनकी यात्रा की अवधि, स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं और रेल सेवाओं के अनुभव के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। ऐसे में यात्रियों के प्रत्यक्ष अनुभव से प्राप्त सुझाव रेलवे प्रशासन के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। ‘रेल जन संवाद’ जैसी पहल के माध्यम से यात्रियों को अपनी समस्याओं के साथ-साथ सुधार के व्यावहारिक उपाय सुझाने का अवसर मिलता है। इससे यात्रियों और रेल प्रशासन के बीच संवाद को बढ़ावा मिलता है तथा सेवा सुधार से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा का माहौल बनता है।

स्कूली विद्यार्थियों और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स ने भी लिया भाग
‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्यों ने भी भाग लिया। उनकी सहभागिता से युवाओं को अपने विचार व्यक्त करने और यात्रियों की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए सुझाव देने का अवसर मिला। विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी से सार्वजनिक सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा जिम्मेदार नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने में मदद मिलती है। रेलवे जैसे सार्वजनिक परिवहन तंत्र में यात्रियों के अनुभव और सुझावों को महत्व देने से युवाओं को भी जनहित से जुड़े विषयों पर अपनी राय रखने का अवसर प्राप्त होता है। इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन विभाग, वाणिज्य विभाग, परिचालन विभाग, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वित रूप से कार्य किया। विभिन्न विभागों की सहभागिता से मंडल के अलग-अलग स्टेशनों पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए।

यात्रियों से सक्रिय भागीदारी की अपील
पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि वे ऐसे संवाद कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें और रेल अधिकारियों के साथ अपने विचार एवं सुझाव साझा करें। यात्रियों से प्राप्त प्रतिक्रियाएं सुविधाओं में सुधार के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। रेलवे प्रशासन और यात्रियों के बीच नियमित संवाद से समस्याओं को समझने, आवश्यकताओं का आकलन करने तथा बेहतर सेवाओं की दिशा में काम करने का अवसर मिलता है। ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम इसी उद्देश्य से आयोजित किया गया, ताकि यात्री अपनी बात सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकें।

हालांकि, कार्यक्रम के दौरान प्राप्त सुझावों के आधार पर किन सुविधाओं में और कब तक बदलाव किए जाएंगे, इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है। फिर भी, यात्रियों की राय जानने की यह पहल रेल सेवाओं और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में संवाद को मजबूत करने का प्रयास है।



