By:vikash kumar (vicky)

चैत्र नवरात्रि 2026 की कब से होगी शुरुआत

हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। साल में चार नवरात्रि आते हैं, जिनमें चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। भक्त इन दिनों व्रत रखते हैं, मां की आराधना करते हैं और घरों तथा मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।

मां दुर्गा की सवारी का क्या होता है महत्व
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा किस वाहन पर पृथ्वीलोक पर आती हैं और किस वाहन पर प्रस्थान करती हैं, इसका विशेष महत्व माना जाता है। माता की सवारी को आने वाले समय के संकेत के रूप में भी देखा जाता है। हर वर्ष सप्ताह के दिन के आधार पर मां दुर्गा का वाहन निर्धारित होता है और उसी के अनुसार शुभ-अशुभ संकेतों की व्याख्या की जाती है।

पालकी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार के दिन हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार को होती है तो मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर पृथ्वी लोक पर आती हैं।

ज्योतिष शास्त्र में पालकी की सवारी को कुछ चुनौतियों और उतार-चढ़ाव का संकेत माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान प्राकृतिक या सामाजिक स्तर पर कुछ कठिन परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं, इसलिए लोगों को सावधानी और संयम बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
हाथी पर बैठकर करेंगी मां दुर्गा प्रस्थान
वहीं इस बार मां दुर्गा का प्रस्थान हाथी पर सवार होकर होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हाथी को समृद्धि, वर्षा और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। माता का हाथी पर प्रस्थान करना सामान्यतः शुभ संकेत माना जाता है। इससे देश में सुख-समृद्धि, अच्छी बारिश और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई जाती है।

नवरात्रि में क्यों की जाती है मां दुर्गा की पूजा
नवरात्रि का पर्व देवी शक्ति की उपासना का प्रतीक माना जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिनमें शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री शामिल हैं। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

चैत्र नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
चैत्र नवरात्रि को हिंदू नववर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक माना जाता है। इस दौरान लोग अपने घरों में कलश स्थापना करते हैं और पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा की भक्ति में लीन रहते हैं। कई भक्त उपवास रखते हैं और सात्विक भोजन का सेवन करते हैं। मंदिरों में विशेष पूजा और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय आकलन पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी धार्मिक या ज्योतिषीय निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

