By: Vikash Kumar (Vicky)
मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति का असर अब भारत के कई शहरों में भी दिखाई देने लगा है। एलपीजी और कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से कई शहरों में गैस संकट गहराता जा रहा है। खासकर महाराष्ट्र और कर्नाटक में होटल-रेस्तरां से लेकर श्मशान घाट तक इस संकट की चपेट में आ गए हैं।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गैस की कमी के कारण होटल और रेस्टोरेंट मालिकों ने सख्त कदम उठाते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद करने का फैसला लिया है। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है कि अगर गैस सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
बेंगलुरु में होटल-रेस्तरां बंद
बेंगलुरु होटल एसोसिएशन के अनुसार शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी कमी हो गई है। कई रेस्टोरेंट और ढाबों के पास गैस का स्टॉक खत्म हो चुका है, जिससे खाना बनाना मुश्किल हो गया है। इसी कारण कई होटल-रेस्तरां ने आज से अपने कारोबार को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।एसोसिएशन का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गैस की आपूर्ति बेहद कम हो गई है। सप्लाई एजेंसियों की ओर से पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में होटल संचालकों के पास कारोबार बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

पुणे में श्मशान घाट भी प्रभावित
गैस संकट का असर सिर्फ होटल और रेस्टोरेंट तक ही सीमित नहीं है। महाराष्ट्र के पुणे शहर में तो हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि गैस आधारित श्मशान घाट भी प्रभावित हो गए हैं।
पुणे के कई इलेक्ट्रिक और गैस आधारित श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया गैस की कमी के कारण बाधित हो रही है। प्रशासन के मुताबिक गैस की सप्लाई बाधित होने से कुछ स्थानों पर अंतिम संस्कार में देरी हो रही है। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

मिडिल-ईस्ट युद्ध बना मुख्य कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गैस संकट की मुख्य वजह मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध है। मिडिल-ईस्ट दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार का संघर्ष वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर सीधा असर डालता है। हाल के दिनों में क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। कई शिपमेंट में देरी हो रही है, जिससे भारत समेत कई देशों में गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है।

होटल इंडस्ट्री की बढ़ी चिंता
होटल और रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर गैस संकट जल्द खत्म नहीं हुआ तो हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है। बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में हजारों छोटे-बड़े होटल, ढाबे और फूड स्टॉल गैस सिलेंडर पर ही निर्भर हैं। रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि लगातार बढ़ती गैस कीमतों और अब सप्लाई संकट ने व्यवसाय को बेहद मुश्किल स्थिति में पहुंचा दिया है। अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कई छोटे कारोबार हमेशा के लिए बंद हो सकते हैं।

सरकार से हस्तक्षेप की मांग
महाराष्ट्र और कर्नाटक के रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकार से इस मुद्दे पर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि गैस सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए ताकि होटल-रेस्तरां और अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।

एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि गैस सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो बड़े स्तर पर होटल और खाने-पीने की दुकानों को बंद करना पड़ सकता है।

आम लोगों पर भी असर
गैस संकट का असर आम लोगों पर भी पड़ने लगा है। कई शहरों में छोटे फूड स्टॉल और ढाबे बंद होने से लोगों को खाने-पीने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही शादी-

