By: Mala Mandal
देवघर। त्योहारों की खुशियाँ केवल अपने परिवार और अपनों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के जीवन में भी खुशियों का उजाला पहुँचे, इसी भावना के साथ क्लीन केयर भारती सोसाइटी ने दुर्गा पूजा के अवसर पर एक सराहनीय पहल की। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को सोसाइटी की ओर से देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत चूल्हिया स्थित दिव्यांग आवासीय विद्यालय एवं अनाथालय में बच्चों के बीच नए वस्त्र, कॉपी, कलम और मिठाई का वितरण किया गया। इस सेवा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य त्योहार के अवसर पर दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना और उनके साथ खुशियों के पल साझा करना था।

इस पहल के माध्यम से सोसाइटी के सदस्यों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि दुर्गा पूजा जैसे पावन त्योहार की सार्थकता केवल पूजा-पाठ और उत्सव मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करने, उनके साथ समय बिताने और उन्हें समाज का अभिन्न हिस्सा महसूस कराने में भी है। बच्चों के बीच पहुँचकर उन्हें उपहार देना और उनके साथ खुशियाँ बाँटना सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशीलता का परिचायक है।

बच्चों के साथ त्योहार की खुशियाँ साझा करना ही पहल का उद्देश्य
दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के बीच उपयोगी सामग्री और मिठाइयाँ वितरित की गईं। नए वस्त्रों के साथ कॉपी और कलम देकर बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया। वहीं, मिठाई बाँटकर त्योहार की खुशियों को उनके साथ साझा किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को यह एहसास कराना था कि त्योहार की खुशियों में वे भी समान रूप से भागीदार हैं और समाज के लोग उनके प्रति स्नेह एवं अपनापन रखते हैं। अक्सर त्योहारों के दौरान लोग अपने परिवार और परिचितों के साथ उत्सव मनाते हैं, लेकिन ऐसे अवसरों पर दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों के बीच पहुँचकर उनके साथ समय बिताना एक अलग तरह की आत्मिक संतुष्टि प्रदान करता है। क्लीन केयर भारती सोसाइटी की इस पहल ने इसी मानवीय भावना को सामने रखा। कार्यक्रम के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई कि समाज में खुशियाँ बाँटने के लिए किसी बड़े आयोजन या विशेष संसाधन की आवश्यकता नहीं होती। संवेदनशील सोच और सेवा का भाव ही किसी के जीवन में खुशी लाने के लिए पर्याप्त है।

सी. एम. भारती बोले— त्योहारों की असली खुशी दूसरों के जीवन में खुशियाँ लाने में
कार्यक्रम के दौरान क्लीन केयर भारती सोसाइटी के संस्थापक सी. एम. भारती ने सेवा कार्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि त्योहारों की असली खुशी दूसरों के जीवन में खुशियाँ लाने और जरूरतमंदों के साथ समय बिताने में है। उन्होंने कहा कि त्योहारों का आनंद ऐसे स्थानों पर मनाने से मिलता है, जहाँ जरूरतमंदों के बीच रहकर मन को सुकून और आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है।

सी. एम. भारती के अनुसार, बच्चों के चेहरों पर मुस्कान देखना ही इस सेवा कार्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने सेवा और संवेदनशीलता को सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि दूसरों के दुख-दर्द को समझना और उनके साथ खुशियाँ साझा करना ही मानवीय मूल्यों की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि **“सेवा ही सच्ची पूजा है।”** इसी भावना को आत्मसात करते हुए क्लीन केयर भारती सोसाइटी भविष्य में भी सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों को जारी रखेगी। सोसाइटी का प्रयास रहेगा कि जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचाई जाए और समाज में सहयोग, अपनापन तथा मानवता की भावना को मजबूत किया जाए।

सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आएं लोग
क्लीन केयर भारती सोसाइटी की इस पहल ने त्योहारों के अवसर पर सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया। दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों के बीच जाकर उपहार वितरित करना केवल सामग्री देने का कार्य नहीं, बल्कि उनके साथ जुड़ाव और अपनापन साझा करने का प्रयास भी है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और अन्य लोगों को भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

समाज में कई ऐसे बच्चे और परिवार हैं, जिन्हें त्योहारों के दौरान अतिरिक्त सहयोग और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है। ऐसे में सामाजिक संस्थाओं, युवाओं और आम नागरिकों की छोटी-छोटी पहल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना, आवश्यक वस्तुएँ देना और उनके साथ कुछ समय बिताना मानवीय सहयोग के ऐसे रूप हैं, जिनसे समाज में सकारात्मकता का विस्तार होता है। दुर्गा पूजा शक्ति, आस्था और अच्छाई की विजय का प्रतीक है। ऐसे पावन अवसर पर जरूरतमंद बच्चों के बीच खुशियाँ बाँटने का यह प्रयास त्योहार की मूल भावना को भी दर्शाता है। क्लीन केयर भारती सोसाइटी ने इस कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया कि उत्सव की खुशियाँ तभी अधिक सार्थक बनती हैं, जब उनमें समाज के हर वर्ग को शामिल किया जाए।

सोसाइटी के सदस्यों की रही सहभागिता
इस सेवा कार्यक्रम में अनंत कुमार अनंत, नीतीश कुमार, राकेश रंजन, पल्लव कुमार, सुमन राणा, रोशन कुमार, गौरव केसरी एवं सनी कुमार सहित क्लीन केयर भारती सोसाइटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल में सहभागिता करते हुए बच्चों के बीच खुशियाँ बाँटने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया।

कार्यक्रम के समापन पर सोसाइटी की पहल से यह संदेश उभरकर सामने आया कि समाज की वास्तविक समृद्धि केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि आपसी सहयोग, करुणा और मानवीय संवेदनाओं से भी मापी जाती है। जरूरतमंद बच्चों के साथ त्योहार मनाने की यह पहल दूसरों के जीवन में खुशियाँ बाँटने और सामाजिक दायित्व निभाने की प्रेरणा देती है।

क्लीन केयर भारती सोसाइटी ने स्पष्ट किया कि वह भविष्य में भी सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगी। यह पहल याद दिलाती है कि त्योहारों का असली आनंद तभी है, जब हमारी खुशियों में दूसरों की मुस्कान भी शामिल हो।

