By: Mala Mandal
नई दिल्ली: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी INDIA ब्लॉक का आंदोलन अब और तेज होने जा रहा है। कांग्रेस ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाने का ऐलान किया है। यह फैसला INDIA ब्लॉक के नेताओं की बैठक के बाद लिया गया है। इस दौरान जिला स्तर पर मार्च, प्रदर्शन और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, 2 से 8 अक्टूबर के बीच देश के अलग-अलग जिलों में ‘Save Democracy March’ निकाले जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष की चिंताओं को जनता के बीच उठाना है। रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने प्रदेश और जिला स्तर के पार्टी संगठनों को इस अभियान को लेकर तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं।

INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद बड़ा फैसला
INDIA ब्लॉक के नेताओं की बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और मतदाता सूची के SIR को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि गठबंधन के घटक दल मिलकर देशभर में आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। INDIA ब्लॉक की ओर से घोषित कार्यक्रम के तहत 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकाला जाएगा। कई जगहों पर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए जाने की भी योजना है। इसका मकसद विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को सामने रखना है।

6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च
इस अभियान का एक प्रमुख कार्यक्रम 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है। INDIA ब्लॉक के विपक्षी सांसद इस दिन चुनाव आयोग तक मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। INDIA ब्लॉक की ओर से SIR को वापस लेने, मतदाता सूची में पारदर्शिता बढ़ाने और पात्र मतदाताओं के नामों को लेकर पर्याप्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने जैसी मांगें उठाई गई हैं। विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों पर भी जल्द सुनवाई की मांग करने की बात कही है।

SIR को लेकर क्या है विवाद?
दरअसल, मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और इससे पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने SIR की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक चुनाव की बुनियादी जरूरत है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को दूर किया जाना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों को चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की ओर से अलग नजरिए से देखा गया है। चुनाव आयोग अपनी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची प्रबंधन को कानूनी प्रक्रिया के तहत संचालित किए जाने की बात कहता रहा है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं, मतदाता सूची में नाम खोजने और आवेदन की स्थिति जांचने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण
भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जो लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति चुनावों की प्रक्रिया का संचालन करता है। आयोग की वेबसाइट के अनुसार मतदाताओं के लिए नाम दर्ज कराने, नाम में सुधार, मतदाता सूची में नाम खोजने और शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान राजनीतिक विवाद में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच मतभेद सामने आए हैं। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और SIR को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि BJP ने विपक्ष के आंदोलन और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों की आलोचना की है। BJP नेताओं ने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बताया है।

कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रखने का प्लान
कांग्रेस और INDIA ब्लॉक की योजना केवल 2 से 8 अक्टूबर तक के कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। गठबंधन ने आने वाले समय में भी अलग-अलग स्थानों पर बड़ी रैलियां आयोजित करने की बात कही है। इसके अलावा विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगने की योजना भी जता चुके हैं। INDIA ब्लॉक की ओर से नवंबर में भी बड़े कार्यक्रम की घोषणा की गई है। रिपोर्टों के अनुसार 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित करने की योजना है। साथ ही SIR और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने तथा लंबित मामलों में जल्द सुनवाई की मांग करने की बात भी सामने आई है।

2 अक्टूबर से देशभर में नजर आएगा राजनीतिक आंदोलन
2 अक्टूबर से शुरू होने वाला ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के लिए देशव्यापी राजनीतिक अभियान का हिस्सा होगा। जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में विपक्षी दलों के स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रमों के जरिए मतदाता सूची, SIR और चुनाव आयोग की भूमिका से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाने की कोशिश की जाएगी।

इस पूरे अभियान के दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने की संभावना है। विपक्ष जहां चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवाल उठा रहा है, वहीं BJP विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

फिलहाल 2 से 8 अक्टूबर के बीच होने वाले ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक प्रस्तावित मार्च और अक्टूबर के आगे के कार्यक्रम इस अभियान की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।

