By: Mala Mandal
रांची: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर झारखंड के मौसम पर दिखाई देने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह से रुक-रुककर बारिश होने की खबर है। मौसम में आए बदलाव के कारण तापमान में गिरावट और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, लगातार बारिश और तेज हवाओं से आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है। रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, बोकारो, सरायकेला-खरसावां तथा पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर को राज्य में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। वहीं, 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। ऐसे में निचले इलाकों में जलजमाव, सड़कों पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

रांची और लोहरदगा में स्कूलों को लेकर क्या है अपडेट?
खराब मौसम और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ जिलों में स्कूलों में पढ़ाई स्थगित रखने का फैसला लिया गया है। रांची जिले में 28 और 29 अक्टूबर को सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में KG से 12वीं तक की कक्षाएं स्थगित रखने की सूचना दी गई है। लोहरदगा में भी दो दिनों तक स्कूल बंद रहने की खबर सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग समाचार रिपोर्टों में स्कूल बंद रखने के संबंध में जिलों की सूची में अंतर दिखाई देता है। इसलिए अभिभावकों को अपने जिले के उपायुक्त, जिला शिक्षा विभाग या विद्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश की पुष्टि कर लेनी चाहिए। बच्चों को बिना जानकारी के स्कूल भेजने से बचें।

तापमान में गिरावट से बदलेगा मौसम
चक्रवात के प्रभाव से झारखंड में बादल छाए रहने और बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट आने की संभावना है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में तापमान तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। इससे मौसम में ठंडक बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश का प्रभाव हर जिले में एक जैसा नहीं होगा। कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, तो कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी जिलेवार पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।

तेज हवाओं और वज्रपात से रहें सावधान
बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे मौसम में कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद महत्वपूर्ण है।
– गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
– बिजली चमकने पर सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहें।
– जलजमाव वाली सड़कों और तेज बहाव वाले पानी से दूर रहें।
– कमजोर दीवारों, अस्थायी शेड और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतें।
– वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और सड़क पर पानी भरने की स्थिति में वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करें।
– मौसम खराब होने पर बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से बाहर न जाने दें।
किसानों को भी सलाह दी जाती है कि वे मौसम की स्थिति देखकर ही खेतों में काम करें। खुले स्थान पर कृषि उपकरणों के साथ काम करते समय गरज-चमक की चेतावनी को गंभीरता से लें।

प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन, नगर निकाय और संबंधित विभागों के लिए जलनिकासी, सड़क सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी महत्वपूर्ण है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। घरों के आसपास नालियों को साफ रखना और बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से बचना उपयोगी होगा। अगर किसी इलाके में सड़क पर पानी भर जाता है या बिजली के तार गिरने जैसी स्थिति दिखाई देती है, तो उसके पास जाने के बजाय संबंधित विभाग को सूचना दें। आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की मदद लें।

29 अक्टूबर तक मौसम पर रखें नजर
चक्रवात अर्नब का प्रभाव झारखंड के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के रूप में दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 28 और 29 अक्टूबर को विशेष सतर्कता की जरूरत बताई गई है। ऐसे में अगले दो दिनों तक मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।

स्कूलों की छुट्टी को लेकर अभिभावक अपने जिले के आधिकारिक आदेश की पुष्टि करें और अफवाहों पर भरोसा न करें। फिलहाल, भारी बारिश की आशंका के बीच सावधानी ही सबसे बेहतर उपाय है। लोगों को मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए, ताकि खराब मौसम के दौरान किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

मौसम और स्कूलों से जुड़ी परिस्थितियां बदल सकती हैं। ताजा जानकारी के लिए IMD और संबंधित जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाएं देखें।



