By: Mala Mandal
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शनिवार शाम अचानक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके महसूस होते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों, कार्यालयों तथा बहुमंजिला इमारतों से बाहर निकल आए। कुछ सेकंड तक धरती हिलने का एहसास होने से लोगों में दहशत फैल गई। फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है, हालांकि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

भूकंप के झटके दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और एनसीआर के अन्य हिस्सों में महसूस किए गए। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए और भूकंप के समय की तस्वीरें एवं वीडियो पोस्ट किए। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें इमारतें हिलती हुई महसूस हुईं, जिसके बाद वे तुरंत बाहर निकल आए।

विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप आने की स्थिति में घबराने की बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना सबसे जरूरी होता है। यदि आप किसी भवन के अंदर हैं तो मजबूत मेज या टेबल के नीचे शरण लें और खिड़कियों, शीशों तथा भारी सामान से दूर रहें। लिफ्ट का उपयोग करने से बचें और झटके रुकने के बाद ही सुरक्षित तरीके से बाहर निकलें।

दिल्ली भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। राजधानी को भूकंप के लिहाज से सीस्मिक जोन-IV में रखा गया है, जहां मध्यम से तेज तीव्रता वाले भूकंप आने की संभावना बनी रहती है। यही कारण है कि समय-समय पर लोगों को भूकंप से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाता है।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर की आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। यदि कहीं किसी प्रकार का नुकसान हुआ है तो स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को तत्काल सूचना देने की सलाह दी गई है।

भूकंप के झटकों के दौरान कई इलाकों में लोग पार्कों, सड़कों और खुले मैदानों में एकत्र हो गए। कुछ स्थानों पर कार्यालयों और मॉल को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार अधिकांश स्थानों पर स्थिति सामान्य रही।

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप की भविष्यवाणी सटीक रूप से संभव नहीं है, इसलिए लोगों को हमेशा आपदा प्रबंधन के नियमों का पालन करना चाहिए। घरों और कार्यालयों में आपातकालीन किट, प्राथमिक उपचार सामग्री और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। यदि आफ्टरशॉक या किसी अन्य प्रकार की स्थिति उत्पन्न होती है तो लोगों को आधिकारिक माध्यमों से तत्काल जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने नागरिकों से शांत रहने और किसी भी भ्रामक संदेश को सोशल मीडिया पर साझा न करने की अपील की है।

दिल्ली-एनसीआर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में भूकंप के झटके हमेशा चिंता का विषय बन जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंपरोधी निर्माण मानकों का पालन और नियमित मॉक ड्रिल ही ऐसे प्राकृतिक संकटों के दौरान जान-माल के नुकसान को कम कर सकते हैं। नागरिकों को भी समय-समय पर जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति का बेहतर ढंग से सामना किया जा सके।

फिलहाल संबंधित विभागों द्वारा सभी जिलों से रिपोर्ट जुटाई जा रही है। यदि किसी क्षेत्र में नुकसान या हताहतों की सूचना मिलती है तो प्रशासन द्वारा आधिकारिक रूप से जानकारी साझा की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई थी।

