By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड के देवघर जिले के कुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरमोरिया गांव में मंगलवार को एक सुनसान घर से 17 वर्षीय किशोर का शव फंदे से लटका मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान दुधनिया गांव निवासी योगेंद्र यादव के पुत्र बबलू यादव के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, मृतक के बड़े भाई ने मामले में हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि घटनास्थल पर जिस गमछे से शव लटका मिला, वह बबलू का नहीं था। इस दावे के बाद घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है।

मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकला था किशोर
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, बबलू यादव मंगलवार की सुबह घर से स्टेडियम में मॉर्निंग वॉक करने जाने की बात कहकर निकला था। घर से निकलते समय परिजनों को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद उन्हें इस तरह की दुखद खबर सुनने को मिलेगी। सुबह काफी समय बीत जाने के बाद भी जब बबलू घर वापस नहीं लौटा, तो परिवार के सदस्यों को चिंता होने लगी। बताया गया कि सुबह करीब सात बजे तक बबलू के वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। उन्होंने आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। इस बीच करीब सुबह 9:30 से 10 बजे के बीच बरमोरिया गांव स्थित एक सुनसान घर में बबलू का शव फंदे से लटका मिलने की जानकारी सामने आई। किशोर का शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी।

सुनसान घर में कैसे पहुंचा बबलू, जांच के घेरे में परिस्थितियां
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकला बबलू यादव बरमोरिया गांव स्थित सुनसान घर तक कैसे पहुंचा। वह घर से निकलने के बाद किन रास्तों से गुजरा और घटनास्थल पर किन परिस्थितियों में पहुंचा, इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजनों के मुताबिक, बबलू के सुबह घर से निकलने और उसके बाद शव मिलने के बीच की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल हैं। हालांकि, इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही मिल सकेगा। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, शव की स्थिति और अन्य परिस्थितियों की जांच से मामले की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है।

बड़े भाई ने जताई हत्या की आशंका
मृतक के बड़े भाई दीपक कुमार यादव ने घटना को लेकर हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि बबलू का शव जिस गमछे के सहारे फंदे से लटका मिला, वह गमछा उसके इस्तेमाल का नहीं था। इसी आधार पर उन्होंने मामले को संदिग्ध बताते हुए आशंका जताई कि बबलू की हत्या करने के बाद शव को फंदे से लटकाया गया हो सकता है। हालांकि, बड़े भाई की ओर से जताई गई यह आशंका फिलहाल एक आरोप या संदेह है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। ऐसे में घटना को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। परिजनों की आशंका के बीच यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटनास्थल पर मिले गमछे और अन्य परिस्थितियों की जांच किस तरह की जाती है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि किशोर की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलने के बाद कुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी लेने के बाद शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को मौत के कारणों का पता लगाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे मामलों में घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की प्रकृति के संबंध में निष्कर्ष निकालने में मदद मिलती है। बबलू यादव की मौत के मामले में भी जांच के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट करना जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि घटना आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

लिखित शिकायत का इंतजार, जांच के बाद खुलेगा मौत का राज
खबर लिखे जाने तक मृतक के परिजनों की ओर से कुंडा थाने में लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। ऐसे में आगे की जांच में परिजनों के बयान और उनके द्वारा उठाए गए संदेह भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यदि परिजन लिखित शिकायत देते हैं, तो उसमें दर्ज तथ्यों के आधार पर पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा सकती है। फिलहाल, 17 वर्षीय बबलू यादव की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले किशोर का कुछ ही घंटों बाद सुनसान घर में शव मिलना कई सवाल छोड़ गया है। बड़े भाई की ओर से गमछे को लेकर जताई गई आशंका ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरमोरिया गांव में किशोर की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है और घटना से जुड़े तथ्यों के सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

नोट: इस मामले में हत्या की आशंका मृतक के बड़े भाई ने जताई है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले इसे हत्या की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।


