By: Mala Mandal
देवघर, झारखंड: दुर्गा पूजा के दौरान आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देवघर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को जिले के विभिन्न इलाकों में मिठाई दुकानों, होटलों और स्ट्रीट फूड स्टॉलों समेत कुल 35 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान टावर चौक स्थित विक्रम चाट स्टॉल और स्मार्ट बाजार के पास विकास चाट स्टॉल के छोले में औद्योगिक रंग की मौजूदगी पाए जाने पर कुल 13 किलो छोला नष्ट कराया गया। वहीं, आजाद चौक स्थित अवंतिका प्रतिष्ठान में गंदगी पाए जाने पर नोटिस भेजने की बात कही गई है।

दुर्गा पूजा को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान
त्योहारी मौसम में मिठाइयों, चाट, फास्ट फूड और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। देवघर के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में जांच अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन ने किया। टीम ने दुकानों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की। कई खाद्य पदार्थों की मौके पर मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से प्रारंभिक जांच भी की गई।

विक्रम और विकास चाट स्टॉल से 13 किलो छोला नष्ट
जांच अभियान के दौरान टावर चौक स्थित विक्रम चाट स्टॉल के छोले में औद्योगिक रंग की मौजूदगी पाए जाने पर विभाग ने आठ किलो छोला नष्ट कराया। इसी तरह स्मार्ट बाजार वायरी के पास स्थित विकास चाट स्टॉल के छोले में भी औद्योगिक रंग पाए जाने पर पांच किलो छोला नष्ट कराया गया। इस प्रकार दोनों चाट स्टॉलों से कुल 13 किलो छोला नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित दुकानदारों को भविष्य में औद्योगिक रंग का इस्तेमाल नहीं करने और खाद्य पदार्थों में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप इस्तेमाल किए जाने वाले फूड कलर का ही उपयोग करने का सख्त निर्देश दिया। खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले रंगों की गुणवत्ता और उनका सुरक्षित होना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए खाद्य कारोबारियों को सामग्री तैयार करते समय निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए।

अवंतिका प्रतिष्ठान में गंदगी मिलने पर नोटिस
जांच दल ने आजाद चौक स्थित अवंतिका प्रतिष्ठान में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच की। यहां गंदगी पाए जाने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान को नोटिस भेजने की बात कही गई है। टीम ने विभिन्न दुकानों में पनीर, खोया, मिल्क केक, रसगुल्ला, लड्डू, जलेबी, मसाले, छोला और चटनी जैसे खाद्य पदार्थों की जांच की। त्योहारी सीजन में इन वस्तुओं की बिक्री बढ़ने के कारण इनके भंडारण, गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुकानदार ग्राहकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं और किसी भी प्रकार की मिलावट या अस्वच्छता से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।

मिठाई दुकानों की भी हुई जांच, पनीर का नमूना लिया
अभियान के दौरान करनीबाग स्थित बंसीवाला मिठाई दुकान से पनीर का नमूना जांच के लिए लिया गया। इसके अलावा करनीबाग के माधुरग्राम, बंसीवाला, टावर चौक के मधुबन होटल, होटल माधुरी, होटल कामधेनु, नीकमल, अनायीसा डाइनिंग लाउंज, कार्तिके फूड प्लाजा और आजाद चौक स्थित अवंतिका समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की जांच की गई। खाद्य सुरक्षा टीम ने मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की मदद से मौके पर खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक जांच की। साथ ही दुकानों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन की स्थिति भी देखी गई। जांच के दौरान बजरंगी चौक क्षेत्र के स्ट्रीट फूड स्टॉलों की भी जांच की गई, जहां उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्थिति संतोषजनक पाई गई।

खाद्य कारोबारियों को दिए गए सख्त निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया कि वे पनीर, खोया, मिल्क केक और अन्य खाद्य सामग्री केवल वैध फूड लाइसेंस वाले आपूर्तिकर्ताओं से ही खरीदें। अवैध स्रोत से प्राप्त मिलावटी खाद्य सामग्री मिलने पर उसे जब्त कर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा सभी खाद्य कारोबारियों को वैध फूड लाइसेंस लेकर कारोबार करने, खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर नहीं बेचने और स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को पानी की जांच कराने, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड रखने और पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को साफ पानी और ताजा खाद्य सामग्री का इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक किया गया। खाद्य पदार्थों को ढककर रखना, साफ बर्तनों का उपयोग करना और खाना तैयार करने वाली जगह को स्वच्छ बनाए रखना भी सुरक्षित खाद्य व्यवस्था के लिए आवश्यक है।

त्योहारों में उपभोक्ताओं को भी रहना होगा सतर्क
दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग बाजारों, मिठाई दुकानों और स्ट्रीट फूड स्टॉलों से खाद्य पदार्थ खरीदते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को भी भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए। खुले में रखे खाद्य पदार्थों, असामान्य रंग वाले व्यंजनों और गंदे वातावरण में तैयार किए जा रहे भोजन को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। हालांकि किसी खाद्य पदार्थ का रंग देखकर ही उसकी गुणवत्ता का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, लेकिन संदेह होने पर उपभोक्ताओं को संबंधित विभाग को जानकारी देनी चाहिए। दुकानदारों की जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षित सामग्री का इस्तेमाल करें और ग्राहकों को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराएं।

लगातार जारी रहेगा जांच अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार देवघर में यह जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। अभियान में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी शैलेश कुमार यादव और अंजलि विवा मिंज, जूनियर एनालिस्ट शुभम कुमार राठौर तथा प्रिंस कुमार और देव कुमार शामिल रहे। दुर्गा पूजा के मद्देनजर चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मिलावट पर रोक लगाना है। आने वाले त्योहारों के दौरान भी दुकानों और स्ट्रीट फूड स्टॉलों की जांच महत्वपूर्ण रहेगी, ताकि आम लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।

देवघर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से स्पष्ट है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। चाट के छोले में औद्योगिक रंग मिलने पर 13 किलो सामग्री नष्ट कराना और अवंतिका को नोटिस देने की बात इसी अभियान का हिस्सा है। अब यह जरूरी है कि सभी खाद्य कारोबारी नियमों का पालन करें और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।


