By: Mala Mandal
देवघर। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को देवघर जिले के सारठ क्षेत्र में विभिन्न मिठाई दुकानों, होटलों और खाद्य निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने के साथ-साथ दुकानों में साफ-सफाई, खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक लाइसेंस और अन्य जरूरी मानकों की पड़ताल की गई। निरीक्षण के दौरान वर्मा मिष्ठान भंडार में बेसन के लड्डू में अखाद्य रंग की उपस्थिति पाई गई। इसके बाद संबंधित खाद्य कारोबारी की सहमति से उक्त खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।

सारठ में मिठाई दुकानों और होटलों की जांच
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही है। इसका उद्देश्य आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा खाद्य कारोबारियों को निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए बाध्य करना है। इसी अभियान के तहत शुक्रवार को सारठ क्षेत्र में कई खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान बैद्यनाथ लाइन होटल, मां तारा स्वीट्स, रुज स्वीट्स, वर्मा मिष्ठान भंडार, मां तारा केक एंड स्वीट्स और मां दुर्गा मुरी सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की पड़ताल की गई। टीम ने दुकानों में उपलब्ध खाद्य सामग्री की जांच की और खाद्य सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बेसन के लड्डू में मिला अखाद्य रंग, मौके पर नष्ट कराई गई सामग्री
निरीक्षण अभियान के दौरान वर्मा मिष्ठान भंडार में बेसन के लड्डू में अखाद्य रंग की उपस्थिति पाई गई। खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों की गुणवत्ता और उनकी खाद्य सुरक्षा के अनुरूप होने का विशेष महत्व है। अखाद्य रंग का इस्तेमाल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकता है। जांच के दौरान सामने आई इस अनियमितता के बाद संबंधित खाद्य कारोबार संचालक की सहमति से उक्त सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों की जांच के दौरान स्टार्च की उपस्थिति सहित अन्य जांच संबंधी निष्कर्ष भी दर्ज किए गए। हालांकि, स्टार्च से संबंधित जांच के निष्कर्षों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में इसे किसी अन्य खाद्य पदार्थ में मिलावट का प्रमाण मानने से पहले जांच के निष्कर्षों और संबंधित मानकों की पुष्टि आवश्यक है।

लाइसेंस और स्वच्छता में मिली कमियां, नोटिस जारी
निरीक्षण के दौरान कुछ खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक लाइसेंस नहीं होने तथा स्वच्छता और अन्य जरूरी मानकों से संबंधित कमियां भी पाई गईं। विभाग ने संबंधित कारोबारियों को इन कमियों को दूर करने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए हैं। जारी नोटिस के माध्यम से खाद्य कारोबारियों को आवश्यक दस्तावेजों और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। इसमें खाद्य लाइसेंस, जल जांच रिपोर्ट, कीट नियंत्रण व्यवस्था, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और खाद्य पदार्थों की लेबलिंग जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखना, सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करना, खाद्य सामग्री को उचित तरीके से संग्रहित करना और कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का ध्यान रखना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण पहलू हैं। इन मानकों का पालन करने से खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका कम की जा सकती है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। विभाग की ओर से जारी नोटिस के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को आवश्यक सुधार करने होंगे। नियमों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

खाद्य सुरक्षा टीम ने की कार्रवाई
सारठ क्षेत्र में चलाए गए इस निरीक्षण अभियान में डॉ. रमेश कुमार, डीओ-कम-एसीएमओ, देवघर, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी शैलेश कुमार यादव और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अंजलि विवा मिंज की टीम शामिल रही। टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की जांच के साथ-साथ खाद्य कारोबार से जुड़े आवश्यक मानकों की स्थिति का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान मिली अनियमितताओं को दर्ज किया गया और संबंधित कारोबारियों को सुधार के निर्देश दिए गए। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करने और खाद्य कारोबार में निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर मिठाई दुकानों और होटलों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण पर ध्यान देना जरूरी है।

त्योहारों के बाद भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर
मिठाई, नमकीन, नाश्ते और होटल में तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग करते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही भी लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसलिए खाद्य कारोबारियों के लिए जरूरी है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी ऐसी सामग्री का इस्तेमाल न करें, जो खाद्य उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं है। खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले रंग, सामग्री की शुद्धता, साफ पानी की उपलब्धता, कर्मचारियों की स्वच्छता और खाद्य सामग्री की सही लेबलिंग जैसे विषय नियमित निगरानी की मांग करते हैं। उपभोक्ताओं को भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और पैकेट पर दी गई जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आम जनता के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।

सारठ में हुई इस जांच के दौरान एक प्रतिष्ठान में बेसन के लड्डू में अखाद्य रंग की उपस्थिति मिलने और कुछ प्रतिष्ठानों में लाइसेंस, स्वच्छता तथा अन्य जरूरी मानकों से संबंधित कमियां सामने आने के बाद विभाग ने कार्रवाई की है। अब संबंधित कारोबारियों द्वारा कमियों को दूर करने और निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा।


