By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू किए जाने के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को सदर अस्पताल देवघर परिसर में कर्मचारियों की ओर से आभार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू किए जाने को सरकारी कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम का आयोजन झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र के नेतृत्व में किया गया।

आभार कार्यक्रम के दौरान सदर अस्पताल परिसर में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में भी नारे लगाए गए। कार्यक्रम स्थल पर ‘हेमंत सोरेन जिंदाबाद’ के नारों से सदर अस्पताल परिसर गूंज उठा। कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना सरकारी कर्मचारियों के भविष्य और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से एनएमओपीएस के जिला सचिव संजीव कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष विश्वनाथ बक्शी सहित झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कई पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें अनिल कुमार गुप्ता, विभूति कुमार, आलोक कुमार, अनिमेष घोष, विजय सिंह, प्रमोद सोरेन, रीना कुमारी, सुमित्रा कुमारी, प्रज्ञा कुमारी, पिंटो कुमार, अक्षय कुमार, सदानंद कुमार, जुली, शिवानी और वृंदा सहित अन्य कर्मचारी शामिल हुए।

पुरानी पेंशन योजना को कर्मचारियों के हित में बताया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बुढ़ापे का महत्वपूर्ण सहारा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने वर्षों तक सरकार और आम जनता की सेवा की है। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन मिलना जरूरी है। मनोज कुमार मिश्र ने केंद्र सरकार की नई पेंशन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण सरकारी कर्मचारियों को अपने भविष्य को लेकर चिंता करनी पड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि नई पेंशन व्यवस्था में लंबे समय तक सरकारी सेवा देने के बाद भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपेक्षित आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पाती है। कर्मचारियों की मांग रही है कि उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद ऐसा पेंशन लाभ मिले, जिससे वे सम्मान के साथ अपना जीवन गुजार सकें।

आंदोलन के बाद झारखंड में लागू हुई पुरानी पेंशन योजना
जिलाध्यक्ष ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए कर्मचारियों ने लंबे समय तक आंदोलन किया। कर्मचारियों के लगातार संघर्ष और मांग के बाद झारखंड सरकार ने एक सितंबर 2022 से राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए भविष्य की आर्थिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू होने से वर्षों तक सरकारी सेवा देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जीने का आधार मिला है। इसी कारण प्रत्येक वर्ष एक सितंबर को कर्मचारी इस निर्णय को याद करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

हर वर्ष एक सितबर को मनाया जाता है आभार दिवस
कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली उनके लंबे संघर्ष की जीत है। एक सितंबर का दिन राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी दिन वर्ष 2022 में झारखंड में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का निर्णय प्रभावी हुआ था। इसके बाद से कर्मचारी संगठनों की ओर से प्रत्येक वर्ष एक सितंबर को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। सदर अस्पताल देवघर में आयोजित कार्यक्रम में कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल आर्थिक लाभ का विषय नहीं है, बल्कि यह सरकारी कर्मचारियों के सामाजिक सम्मान और भविष्य की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। कर्मचारियों का कहना था कि सरकारी सेवा के दौरान वे स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उनके लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

केंद्र की नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों ने जताया विरोध
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की नई पेंशन व्यवस्था को लेकर अपना विरोध भी दर्ज कराया। कर्मचारियों का कहना था कि नई पेंशन व्यवस्था को लेकर देशभर में सरकारी कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को उठाते रहे हैं। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को कर्मचारी हित में अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद व्यवस्था बताया। कार्यक्रम में मौजूद कर्मचारियों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए पुरानी पेंशन योजना को लेकर अपने समर्थन को दोहराया। इस दौरान केंद्र सरकार के विरोध और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समर्थन में नारे लगाए गए। सदर अस्पताल परिसर में काफी देर तक कर्मचारियों की गतिविधियां जारी रहीं।

कर्मचारियों ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार
आभार कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों ने झारखंड सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना लागू किए जाने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली से राज्य के सरकारी कर्मचारियों में भविष्य को लेकर विश्वास बढ़ा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य पुरानी पेंशन योजना की बहाली के चार वर्ष पूरे होने की खुशी मनाने के साथ-साथ कर्मचारियों के संघर्ष और सरकार के निर्णय को याद करना था। झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन भविष्य में भी अपनी आवाज मजबूती से उठाता रहेगा।

सदर अस्पताल देवघर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान पुरानी पेंशन योजना को लेकर कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने एकजुट होकर अपने अधिकारों तथा भविष्य की सामाजिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता जताई।

