By: Mala Mandal
देवघर। देशभर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर लगातार सामने आ रही घटनाओं और शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच देवघर नगर के निजी कोचिंग संचालकों ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर निगम प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया। इसी कड़ी में निजी कोचिंग संचालकों के संगठन की ओर से एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रणय खवाड़े की अध्यक्षता में देवघर के मेयर रवि कुमार राउत के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में छात्रों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था और भविष्य में कोचिंग संस्थानों में आवश्यक सुरक्षा मानकों को लागू करने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान कोचिंग संचालकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान समय में देवघर शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है और आसपास के जिलों एवं क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र यहां पढ़ाई के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में छात्रों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना सभी की साझा जिम्मेदारी बनती है।

संचालकों ने कहा कि देवघर में अभी बड़े स्तर के कोचिंग संस्थानों की संख्या सीमित है, लेकिन यहां संचालित संस्थान लगातार शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। कई छात्र दूर-दराज के क्षेत्रों से आकर पढ़ाई करते हैं और उनके अभिभावक संस्थानों पर भरोसा करके अपने बच्चों को यहां भेजते हैं। इसलिए बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।

बैठक में हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों से जुड़ी हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया गया। संचालकों ने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत हैं और इन्हें केवल प्रशासनिक विषय मानकर नहीं छोड़ा जा सकता। इस दिशा में कोचिंग संस्थानों, अभिभावकों और प्रशासन को एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।

एसोसिएशन की ओर से यह भी कहा गया कि समय के साथ देवघर के सभी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा से जुड़े आवश्यक उपायों और निर्धारित मानकों को लागू किया जाएगा। संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों की निगरानी, आपातकालीन व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने पर सहमति बनी।

बैठक के दौरान मेयर रवि कुमार राउत ने भी शिक्षा और छात्र सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि छात्र और शिक्षक दोनों समाज की महत्वपूर्ण पूंजी हैं और इनकी सुरक्षा किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देवघर को शिक्षित और सुरक्षित शहर बनाने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा।

मेयर ने कहा कि सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों और सुरक्षा संबंधी गाइडलाइंस का पालन किया जाना आवश्यक है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कई संस्थानों को इन व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए समय की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में नगर निगम प्रशासन सकारात्मक सहयोग की भूमिका निभाएगा ताकि संस्थान चरणबद्ध तरीके से सभी आवश्यक मानकों को पूरा कर सकें।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि नगर निगम शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले संस्थानों के साथ सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाएगा और जहां आवश्यकता होगी वहां मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि “शिक्षित देवघर” का सपना तभी साकार होगा जब शिक्षा के साथ सुरक्षा और अनुशासन को भी समान महत्व दिया जाएगा।

बैठक को लेकर कोचिंग संचालकों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। उनका मानना है कि प्रशासन और शिक्षा संस्थानों के बीच इस तरह का संवाद भविष्य में बेहतर व्यवस्था बनाने में मदद करेगा। छात्रों और अभिभावकों का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों पर बराबर ध्यान देना होगा।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि शिक्षा संस्थानों में केवल पढ़ाई पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षा मानकों, आपातकालीन तैयारियों और संस्थागत जिम्मेदारी को भी उतनी ही गंभीरता से लागू करना आवश्यक है। देवघर में इस दिशा में हुई यह पहल आने वाले समय में अन्य संस्थानों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण बन सकती है।
बैठक के अंत में सभी पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखा जाएगा।

