By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश के युद्ध के बाद के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 4 सितंबर 2026 को मेलोनी सरकार ने लगातार 1,413 दिन पूरे किए और पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी की दूसरी सरकार के 1,412 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मेलोनी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए बधाई दी। पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को अपनी ‘दोस्त’ बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि इटली के लोगों के उनके नेतृत्व पर भरोसे और विश्वास को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मेलोनी की दोस्ती ने भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

जॉर्जिया मेलोनी ने क्यों बनाया यह रिकॉर्ड?
जॉर्जिया मेलोनी अक्टूबर 2022 में इटली की प्रधानमंत्री बनी थीं। वह इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री भी हैं। इटली की राजनीति में सरकारों का अपेक्षाकृत जल्दी बदलना कोई नई बात नहीं रही है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के दशकों में देश ने कई सरकारों और राजनीतिक गठबंधनों में बदलाव देखा है। ऐसे राजनीतिक माहौल में किसी सरकार का लगातार इतने लंबे समय तक सत्ता में बने रहना अपने आप में महत्वपूर्ण माना जाता है। मेलोनी की सरकार ने 4 सितंबर 2026 को 1,413 दिन पूरे किए, जिसके साथ उन्होंने बर्लुस्कोनी की दूसरी सरकार का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। मेलोनी ने इस उपलब्धि को केवल राजनीतिक रिकॉर्ड के तौर पर देखने के बजाय इसे स्थिरता से जोड़ा है। उनका कहना है कि राजनीतिक स्थिरता किसी देश को बेहतर तरीके से योजना बनाने, फैसले लेने और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद करती है।

PM मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर जॉर्जिया मेलोनी को बधाई देते हुए उनके लंबे कार्यकाल को इटली की जनता के विश्वास से जोड़कर देखा। पीएम मोदी ने अपने संदेश में उन्हें ‘मेरी दोस्त प्रधानमंत्री मेलोनी’ कहा। पीएम मोदी के अनुसार, मेलोनी की दोस्ती ने भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के लिए समृद्ध भविष्य बनाने के उद्देश्य से करीबी सहयोग को आगे भी जारी रखने की बात कही और मेलोनी के आने वाले वर्षों के लिए सफलता की शुभकामनाएं दीं। यह संदेश केवल एक राजनीतिक बधाई तक सीमित नहीं है। इसमें भारत और इटली के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों की झलक भी दिखाई देती है।

भारत-इटली संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह संदेश?
भारत और इटली के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच संबंधों को मार्च 2023 में रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया था। भारत इटली को यूरोप और भूमध्यसागरीय क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है, जबकि इटली हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण मानता है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का मेलोनी को व्यक्तिगत तौर पर बधाई देना दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व के बीच बने संपर्क की अहमियत को दर्शाता है। भारत और इटली के बीच सहयोग केवल राजनीतिक संवाद तक सीमित नहीं है। व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा, विज्ञान और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्र द्विपक्षीय रिश्तों के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और आगे बढ़ाने की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

मोदी-मेलोनी की दोस्ती की चर्चा क्यों होती है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुलाकात और बातचीत हुई है। दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर भी सकारात्मक संवाद देखने को मिला है। पीएम मोदी द्वारा मेलोनी को ‘दोस्त’ कहकर बधाई देना इसी राजनीतिक और व्यक्तिगत समीकरण को रेखांकित करता है। हालांकि, किसी भी दो देशों के रिश्ते केवल दो नेताओं की व्यक्तिगत मित्रता पर निर्भर नहीं होते। लेकिन शीर्ष नेतृत्व के बीच बेहतर संवाद अक्सर रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। इसी लिहाज से मेलोनी की उपलब्धि पर पीएम मोदी का संदेश भारत-इटली संबंधों के लिए एक सकारात्मक कूटनीतिक संकेत माना जा सकता है।

भारत के लिए इटली क्यों अहम है?
यूरोप भारत की विदेश नीति और आर्थिक रणनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इटली यूरोपीय संघ की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और भूमध्यसागरीय क्षेत्र में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत के लिए इटली के साथ मजबूत संबंध यूरोप के साथ व्यापक रणनीतिक और आर्थिक जुड़ाव को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। वहीं इटली के लिए भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, बड़ा बाजार और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार है। इसलिए दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकी को केवल द्विपक्षीय संबंधों के नजरिए से नहीं, बल्कि व्यापक वैश्विक और रणनीतिक संदर्भ में भी देखा जा सकता है।

आगे क्या हो सकता है?
जॉर्जिया मेलोनी का रिकॉर्ड उन्हें इटली के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान देता है। हालांकि लंबे समय तक सत्ता में रहना अपने आप में उपलब्धि है, लेकिन किसी सरकार की वास्तविक सफलता का आकलन उसके नीतिगत फैसलों और जनता के जीवन पर पड़े प्रभाव से किया जाता है। भारत की तरफ से पीएम मोदी की बधाई यह संकेत देती है कि नई दिल्ली इटली के साथ अपने संबंधों को महत्व देती है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की कोशिशें महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

कुल मिलाकर, जॉर्जिया मेलोनी का 1,413 दिनों का रिकॉर्ड इटली की राजनीति में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें बधाई भारत-इटली के बीच मजबूत होते राजनीतिक संबंधों और व्यक्तिगत नेतृत्व-स्तर के संवाद को भी सामने लाती है। भारत के लिए यह साझेदारी यूरोप और हिंद-प्रशांत दोनों स्तरों पर रणनीतिक महत्व रखती है।

जॉर्जिया मेलोनी का लगातार सबसे लंबे समय तक इटली की प्रधानमंत्री बने रहना उनकी राजनीतिक स्थिरता और नेतृत्व क्षमता का बड़ा संकेत माना जा रहा है। पीएम मोदी द्वारा उन्हें ‘दोस्त’ कहकर बधाई देना इस उपलब्धि के साथ-साथ भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी की मजबूती को भी रेखांकित करता है। ऐसे में आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक मोर्चे पर और गहरे होने की उम्मीद की जा सकती है।

