By: Vikash Kumar (Vicky)

भारतीय महिला क्रिकेट टीम से मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को एक बड़ी खबर सामने आई है। टीम की अनुभवी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट के जरिए अपने इस फैसले की जानकारी दी। हरमनप्रीत कौर का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में उनकी कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने 2026 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था।
हरमनप्रीत कौर ने अपने कप्तानी कार्यकाल के दौरान भारतीय महिला क्रिकेट को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाईं। उनके नेतृत्व में भारत ने 2025 में पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। इसके अलावा 2026 एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम ने महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता। एशियन गेम्स में यह भारत का महिला क्रिकेट में दूसरा स्वर्ण पदक था।

तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हटने का ऐलान
हरमनप्रीत कौर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सभी फॉर्मेट की कप्तानी से हट रही हैं। उन्होंने इस फैसले को आसान नहीं बताया। उनके मुताबिक कप्तानी के इस सफर में कई सालों की यादें, भावनाएं, त्याग और मुश्किल फैसले जुड़े रहे हैं।
हरमनप्रीत ने यह भी कहा कि उन्होंने टीम और भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया। कप्तान के तौर पर कई बार उन्हें ऐसे फैसले लेने पड़े जिन्हें समझना हर किसी के लिए आसान नहीं था। हालांकि, उनका उद्देश्य हमेशा टीम को बेहतर बनाना और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना रहा।
उन्होंने अपने संदेश में साफ किया कि कप्तानी खत्म होने का मतलब उनका क्रिकेट करियर खत्म होना नहीं है। वह भारतीय टीम के लिए एक खिलाड़ी के तौर पर खेलना जारी रखेंगी। यानी आने वाले समय में हरमनप्रीत को मैदान पर बल्लेबाज और अनुभवी खिलाड़ी की भूमिका में देखा जा सकेगा।

एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद आया फैसला
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी छोड़ने का फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ ही समय पहले उनकी अगुवाई में भारत ने 2026 एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया था।
महिला क्रिकेट के गोल्ड मेडल मैच में भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 216 रन बनाए थे। स्मृति मंधाना ने 79 रन की शानदार पारी खेली, जबकि भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की पारी को संभलने का मौका नहीं दिया।
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले भारत ने 2022 एशियन गेम्स में भी महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक हासिल किया था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने की खबर ने क्रिकेट प्रशंसकों को हैरान कर दिया है।

हरमनप्रीत के कप्तानी करियर की बड़ी उपलब्धियां
हरमनप्रीत कौर ने लंबे समय तक भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कमान संभाली। उन्होंने 2016 में टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। इसके बाद 2022 में वनडे टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी मिली और बाद में वह तीनों फॉर्मेट की कप्तान बनीं। ICC के अनुसार उन्होंने भारत की कप्तानी 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में की।
उनके कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप जीत शामिल है। भारत ने पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता और हरमनप्रीत इस ऐतिहासिक टीम की कप्तान थीं। इसके बाद 2026 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की।
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम ने एशिया कप और अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में भी सफलता हासिल की। महिला क्रिकेट में भारत को मजबूत टीम के रूप में स्थापित करने में उनकी नेतृत्व क्षमता की बड़ी भूमिका रही है।

टीम के भविष्य को लेकर क्या कहा?
हरमनप्रीत कौर ने अपने फैसले के पीछे टीम के भविष्य को भी महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें भरोसा है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम अच्छी स्थिति में है और उसके पास प्रतिभा, आत्मविश्वास और भविष्य के लिए मजबूत आधार मौजूद है।
उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी को गर्व के साथ निभाने के लिए टीम की साथी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों का धन्यवाद किया।
हरमनप्रीत का मानना है कि अब उनके लिए क्रिकेट को एक अलग नजरिए से आगे बढ़ाने का समय है। कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होकर वह अपने खेल पर अधिक ध्यान दे सकती हैं और एक खिलाड़ी के तौर पर टीम में योगदान जारी रख सकती हैं।

अब कौन संभालेगा भारतीय महिला टीम की कप्तानी?
हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम के नए कप्तान को लेकर चर्चा तेज होना स्वाभाविक है। फिलहाल तीनों फॉर्मेट में अगला कप्तान कौन होगा, इस पर अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई की ओर से किया जाना बाकी है।
हरमनप्रीत के जाने से भारतीय टीम को एक अनुभवी नेतृत्वकर्ता की कमी जरूर महसूस होगी। हालांकि, टीम के पास कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, जो भविष्य में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।

कप्तानी खत्म, लेकिन क्रिकेट का सफर जारी
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी छोड़ने का फैसला भारतीय महिला क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत जरूर है, लेकिन उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सफर अभी जारी है। वह खिलाड़ी के तौर पर टीम का हिस्सा बनी रहेंगी।
एक दशक से ज्यादा समय तक भारतीय महिला क्रिकेट का नेतृत्व करने वाली हरमनप्रीत ने अपने कप्तानी करियर में उतार-चढ़ाव दोनों देखे। आलोचनाओं के बीच टीम को संभाला और कई बड़े टूर्नामेंट में ऐतिहासिक सफलता हासिल की।

2025 का महिला वनडे वर्ल्ड कप और 2026 एशियन गेम्स का गोल्ड उनके कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहेंगे। अब जब वह कप्तानी की जिम्मेदारी से अलग हो चुकी हैं, तो भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर होगी कि खिलाड़ी के तौर पर हरमनप्रीत का अगला अध्याय कैसा रहता है।

फिलहाल इतना साफ है कि कप्तानी खत्म हुई है, लेकिन हरमनप्रीत कौर का भारतीय क्रिकेट से रिश्ता खत्म नहीं हुआ है। वह आगे भी टीम इंडिया की जर्सी में मैदान पर नजर आएंगी और अपने अनुभव से युवा खिलाड़ियों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
