By: Mala Mandal
आजकल चश्मा सिर्फ जरूरत नहीं बल्कि लाइफस्टाइल का भी अहम हिस्सा बन चुका है। कोई धूप से बचने के लिए सनग्लास पहनता है तो कोई आंखों की रोशनी के लिए नंबर वाला चश्मा इस्तेमाल करता है। लेकिन महंगे चश्मे खरीदने के बाद सबसे बड़ी चुनौती होती है उन्हें साफ और स्क्रैच-फ्री रखना। अक्सर लोग जल्दीबाजी में अपनी शर्ट, दुपट्टे या किसी भी कपड़े से चश्मा साफ कर लेते हैं, लेकिन यही आदत धीरे-धीरे लेंस को खराब कर सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार गलत तरीके से साफ करने पर लेंस पर माइक्रो स्क्रैच आने लगते हैं, जो धीरे-धीरे विजन को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर आजकल आने वाले एंटी-ग्लेयर और ब्लू कट लेंस बेहद संवेदनशील होते हैं। ऐसे में जरूरी है कि चश्मे को सही और वैज्ञानिक तरीके से साफ किया जाए ताकि वह लंबे समय तक नए जैसा चमकता रहे।
क्यों पड़ जाते हैं चश्मे पर स्क्रैच?
जब भी आप सूखे कपड़े या शर्ट से लेंस साफ करते हैं तो उस पर जमी धूल के छोटे-छोटे कण रगड़ खाते हैं। यही कण लेंस पर महीन खरोंच पैदा कर देते हैं। शुरुआत में ये स्क्रैच नजर नहीं आते लेकिन समय के साथ लेंस धुंधले लगने लगते हैं और आंखों पर दबाव बढ़ सकता है।

चश्मा साफ करने का सही तरीका क्या है?
सबसे पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें ताकि हाथों पर मौजूद तेल और गंदगी लेंस पर न लगे। इसके बाद चश्मे को हल्के गुनगुने पानी के नीचे रखें। इससे लेंस पर जमी धूल और मिट्टी पहले ही निकल जाएगी और रगड़ कम लगेगी। अब एक बूंद हल्के लिक्विड साबुन या डिश वॉश को उंगलियों पर लेकर लेंस और फ्रेम को धीरे-धीरे साफ करें। ध्यान रखें कि साबुन में मॉइस्चराइजर या हार्श केमिकल न हो। इसके बाद चश्मे को साफ पानी से धो लें।

सूखाने के लिए हमेशा माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करें। यही कपड़ा प्रोफेशनल ऑप्टिकल स्टोर पर भी दिया जाता है। इससे लेंस पर स्क्रैच आने की संभावना बेहद कम हो जाती है।
इन गलतियों से तुरंत बचें
कई लोग टिश्यू पेपर, तौलिया, रुमाल या कपड़ों से चश्मा साफ करते हैं, जबकि इनमें मौजूद रफ फाइबर लेंस को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा गर्म पानी का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे लेंस की कोटिंग खराब हो सकती है। कुछ लोग सांस की भाप छोड़कर सीधे कपड़े से साफ करते हैं। यह तरीका भी लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है क्योंकि धूल के कण पूरी तरह नहीं हटते।

मार्केट में मिलने वाले स्प्रे कितने सुरक्षित?
आजकल मार्केट में कई तरह के ग्लास क्लीनिंग स्प्रे मिलते हैं। अगर आप उनका इस्तेमाल करते हैं तो हमेशा अच्छी क्वालिटी और ऑप्टिकल ग्रेड स्प्रे ही चुनें। हार्श कैमिकल वाले क्लीनर लेंस की एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग को खराब कर सकते हैं।

कितनी बार साफ करना चाहिए चश्मा?
अगर आप रोजाना चश्मा पहनते हैं तो दिन में कम से कम एक बार उसे सही तरीके से साफ जरूर करें। बाहर से आने के बाद लेंस पर जमा धूल को तुरंत हटाना बेहतर माना जाता है। इससे लेंस लंबे समय तक साफ और टिकाऊ बने रहते हैं।

चश्मे को सुरक्षित रखने के आसान टिप्स
जब भी चश्मा उतारें उसे हमेशा हार्ड केस में रखें। लेंस को नीचे की तरफ रखकर कभी न रखें। चश्मा कार के डैशबोर्ड या ज्यादा गर्म जगह पर छोड़ने से भी बचें क्योंकि गर्मी लेंस की कोटिंग को नुकसान पहुंचा सकती है।
अगर सही तरीके से देखभाल की जाए तो महंगे चश्मे सालों तक नए जैसे बने रह सकते हैं। थोड़ी सी सावधानी आपके लेंस को स्क्रैच-फ्री और क्रिस्टल क्लियर बनाए रखने में मदद कर सकती है।

इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य घरेलू और विशेषज्ञ सलाह पर आधारित है। अलग-अलग लेंस और फ्रेम की गुणवत्ता के अनुसार देखभाल के तरीके बदल सकते हैं। किसी विशेष समस्या के लिए ऑप्टिकल विशेषज्ञ से सलाह लें।

