By: Mala Mandal
How To Grow Capsicum At Home: अगर आपको घर की बालकनी, छत या छोटे से किचन गार्डन में सब्जियां उगाने का शौक है, तो शिमला मिर्च का पौधा आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए आपको हर बार बाजार से अलग से बीज खरीदने की जरूरत नहीं है। घर में लाई गई अच्छी और ताजी शिमला मिर्च के अंदर मौजूद बीजों से भी नया पौधा तैयार किया जा सकता है। शिमला मिर्च को गमले में उगाना बहुत मुश्किल नहीं है। सही मिट्टी, पर्याप्त रोशनी, उचित पानी और थोड़ी देखभाल के साथ पौधे को अच्छी तरह बढ़ाया जा सकता है। बारिश के मौसम में वातावरण में नमी रहने के कारण कई जगहों पर पौधे की शुरुआती ग्रोथ अच्छी हो सकती है, हालांकि बहुत ज्यादा पानी और जलभराव से पौधे को नुकसान भी हो सकता है।
अगर आप भी घर पर ताजी शिमला मिर्च उगाना चाहते हैं, तो जानिए बीज निकालने से लेकर पौधे को गमले में लगाने और उसकी देखभाल करने का आसान तरीका।

सबसे पहले शिमला मिर्च से निकालें बीज
गमले में शिमला मिर्च का पौधा उगाने के लिए सबसे पहले एक अच्छी, स्वस्थ और पकी हुई शिमला मिर्च लें। इसे साफ चाकू से काटकर इसके अंदर मौजूद बीजों को सावधानी से अलग कर लें। बीज निकालते समय कोशिश करें कि वे बहुत ज्यादा क्षतिग्रस्त न हों। बीजों को किसी साफ प्लेट या कागज पर फैलाकर थोड़ी देर छाया वाली जगह पर सुखाएं। तेज धूप में लंबे समय तक रखने के बजाय हवा वाली छायादार जगह बेहतर हो सकती है।b हालांकि घर में इस्तेमाल की गई शिमला मिर्च के हर बीज से पौधा तैयार हो, यह जरूरी नहीं है। खासकर बाजार में मिलने वाली कुछ शिमला मिर्च संकर किस्म की हो सकती हैं, जिनके बीज से उगने वाला पौधा मूल फल जैसा ही फल दे, इसकी गारंटी नहीं होती।

गमले के लिए कैसी मिट्टी रखें?
शिमला मिर्च के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी बेहतर रहती है जिसमें पानी आसानी से निकल सके और जड़ों को पर्याप्त हवा मिल सके। गमले में सामान्य मिट्टी के साथ अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद या कंपोस्ट मिलाई जा सकती है।
मिट्टी बहुत ज्यादा चिपचिपी या पानी रोकने वाली नहीं होनी चाहिए। गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूर रखें, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके।
आप चाहें तो मिट्टी में कोकोपीट और कंपोस्ट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे मिट्टी हल्की और पौधे की जड़ों के लिए अनुकूल रखने में मदद मिल सकती है।

बीज को गमले में कैसे लगाएं?
तैयार मिट्टी को गमले में भरने के बाद उसमें बहुत गहरा गड्ढा बनाने की जरूरत नहीं होती। बीज को मिट्टी की हल्की परत के नीचे रखें और ऊपर से थोड़ी मिट्टी डाल दें।
इसके बाद पानी का हल्का छिड़काव करें। शुरुआत में मिट्टी को बहुत ज्यादा पानी से न भिगोएं। मिट्टी में पर्याप्त नमी रहनी चाहिए, लेकिन पानी जमा नहीं होना चाहिए।
बीज को अंकुरित होने में मौसम, बीज की गुणवत्ता और मिट्टी की स्थिति के अनुसार अलग-अलग समय लग सकता है। इसलिए शुरुआती दिनों में धैर्य रखें।

पौधा निकलने के बाद क्या करें?
जब गमले से छोटा पौधा निकल आए, तो उसे ऐसी जगह रखें जहां उसे पर्याप्त रोशनी मिल सके। शिमला मिर्च के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए रोशनी की जरूरत होती है, लेकिन बहुत तेज गर्मी या अत्यधिक धूप में छोटे पौधे को नुकसान हो सकता है। पौधा थोड़ा बड़ा होने के बाद उसे धीरे-धीरे ज्यादा रोशनी वाली जगह का आदी करें। बारिश के मौसम में गमले को ऐसी जगह रखें जहां बारिश का पानी सीधे लगातार न गिरता रहे।

पानी देते समय न करें ये गलती
शिमला मिर्च के पौधे को पानी देना जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है। हर दिन केवल समय देखकर पानी डालने के बजाय पहले मिट्टी की ऊपरी परत की नमी जांचें।
अगर मिट्टी ऊपर से सूखी महसूस हो रही है, तो जरूरत के अनुसार पानी दें। वहीं अगर मिट्टी पहले से गीली है, तो पानी देने से बचें।
गमले में जलभराव होने से जड़ों में सड़न की समस्या हो सकती है और पौधे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
पौधे की ग्रोथ के लिए खाद भी जरूरी
जब पौधा थोड़ा बड़ा होने लगे, तो समय-समय पर जैविक खाद या कंपोस्ट की थोड़ी मात्रा दी जा सकती है। खाद डालते समय उसे सीधे तने से चिपकाकर न रखें।
पौधे की स्थिति देखकर खाद की मात्रा तय करें। जरूरत से ज्यादा खाद देने से पौधे को फायदा होने के बजाय नुकसान हो सकता है।

कीट और बीमारी से कैसे बचाएं?
घर में उगाए गए पौधों पर भी कभी-कभी छोटे कीट या फंगल समस्या दिखाई दे सकती है। इसलिए समय-समय पर पत्तियों और तने को ध्यान से देखते रहें।
अगर पत्तियों पर छोटे कीड़े, चिपचिपापन, दाग या असामान्य बदलाव दिखाई दें, तो शुरुआत में ही पौधे की देखभाल पर ध्यान दें। प्रभावित पत्तियों को अलग करना और पौधे के आसपास साफ-सफाई रखना मददगार हो सकता है।
किसी भी कीटनाशक का इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल पर दिए निर्देशों को जरूर पढ़ें, खासकर जब पौधे से मिलने वाली मिर्च का इस्तेमाल खाने में किया जाना हो।
एक गमले में कितने पौधे लगाएं?
अगर गमला छोटा है, तो उसमें बहुत सारे बीज एक साथ डालने से पौधों के बीच जगह कम पड़ सकती है। जब पौधे बड़े होने लगें, तो उन्हें पर्याप्त जगह देना जरूरी है।
अगर कई पौधे एक साथ निकल आए हैं, तो कमजोर पौधों को हटाकर स्वस्थ पौधों को पर्याप्त जगह दी जा सकती है। जरूरत पड़ने पर मजबूत पौधे को अलग गमले में भी लगाया जा सकता है।

कब मिल सकती हैं शिमला मिर्च?
शिमला मिर्च के पौधे में फल आने का समय बीज की किस्म, मौसम, तापमान, धूप, मिट्टी और देखभाल पर निर्भर करता है। इसलिए 50-60 दिनों में हर पौधे पर भरपूर मिर्च आना निश्चित नहीं है। अच्छी परिस्थितियों में पौधा कुछ समय बाद फूल देना शुरू कर सकता है और फूलों के बाद छोटी शिमला मिर्च बनने लगती है। फल को पौधे पर पर्याप्त विकसित होने दें और जरूरत के अनुसार तोड़ें।
घर में शिमला मिर्च उगाने के फायदे
घर में सब्जियां उगाने से किचन गार्डन का शौक पूरा करने के साथ-साथ पौधों की देखभाल और प्राकृतिक तरीके से भोजन उगाने का अनुभव भी मिलता है। बालकनी या छत पर सीमित जगह होने पर भी उचित आकार के गमले में शिमला मिर्च का पौधा लगाया जा सकता है। अगर आपके पास ज्यादा जगह नहीं है, तो भी एक-दो गमलों से शुरुआत कर सकते हैं। पौधे की जरूरत समझ आने के बाद धीरे-धीरे अपने किचन गार्डन में दूसरी सब्जियां भी शामिल की जा सकती हैं।

ध्यान रखें ये जरूरी बातें
स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाली शिमला मिर्च के बीज चुनें।
बीज निकालने के बाद उन्हें थोड़ी देर छाया में सुखाएं।
मिट्टी में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था रखें।
बीज को बहुत गहराई में न दबाएं।
मिट्टी में जरूरत के अनुसार नमी बनाए रखें।
गमले में पानी जमा न होने दें।
पौधे को पर्याप्त रोशनी वाली जगह रखें।
समय-समय पर जैविक खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पत्तियों और तने पर कीटों की जांच करते रहें।
पौधे को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह दें।

घर में शिमला मिर्च उगाने के लिए महंगे बीज खरीदना जरूरी नहीं है। अच्छी शिमला मिर्च से निकाले गए बीजों से आप अपने गमले में पौधा तैयार करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि बीज से उगाए गए पौधे की सफलता और उससे मिलने वाले फल का आकार या गुणवत्ता बीज की किस्म और बढ़ने की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
सही मिट्टी, उचित पानी, पर्याप्त रोशनी और नियमित देखभाल के साथ घर की बालकनी या छत पर शिमला मिर्च का छोटा सा किचन गार्डन तैयार किया जा सकता है।
यह लेख सामान्य गार्डनिंग जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। पौधे की ग्रोथ और फल आने का समय बीज की गुणवत्ता, किस्म, मौसम, तापमान, मिट्टी और देखभाल के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। किसी भी खाद या कीटनाशक का इस्तेमाल करते समय उसके निर्देशों का पालन करें।

