By: Mala Mandal
देवघर। देवघर नगर थाना पुलिस ने चोरी के एक बड़े मामले का सफल उद्भेदन करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹1.45 लाख नकद, बड़ी मात्रा में चोरी के जेवरात, पीतल एवं कांसे के बर्तन सहित कई अन्य सामान बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के दिनों में चोरी के मामलों में बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले का खुलासा देवघर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) ने प्रेसवार्ता के दौरान किया।

एसडीपीओ ने बताया कि नगर थाना क्षेत्र के पुरन्दहा मोहल्ले में 18 जुलाई 2026 को चोरी की एक घटना हुई थी। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम को तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मानवीय सूचना के आधार पर जांच का जिम्मा सौंपा गया।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के रहने वाले दो शातिर अपराधियों राधो पासवान और मुरारी पासवान को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का सामान भी बरामद कर लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से चार चांदी जैसे दिखने वाले चेन, दो अंगूठियां, दो मंगलसूत्र, एक मांगटीका, पान के पत्ते की आकृति वाले आभूषण, एक ब्रेसलेट, सुपाड़ी, पायल, सिक्के तथा पीतल एवं कांसे के कई बर्तन बरामद किए गए हैं। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से ₹1,45,000 नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस का मानना है कि यह नकदी चोरी की घटना से संबंधित हो सकती है। बरामद सामान का सत्यापन कराया जा रहा है ताकि वास्तविक स्वामियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

प्रेसवार्ता में एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। राधो पासवान के विरुद्ध बोकारो, धनबाद और अन्य जिलों के विभिन्न थानों में चोरी, लूट तथा आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। वहीं मुरारी पासवान के खिलाफ भी जमुई और देवघर के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दोनों लंबे समय से पुलिस की निगरानी में थे और कई मामलों में वांछित भी रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले के खुलासे में तकनीकी जांच और मानवीय सूचना का अहम योगदान रहा। टीम ने लगातार कई दिनों तक संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी, जिसके बाद आरोपियों तक पहुंचना संभव हो सका। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस चोरी में अन्य लोगों की भी भूमिका थी या नहीं।

एसडीपीओ ने कहा कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए देवघर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। जिले में सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य यह भी है कि क्या इन दोनों का संबंध जिले या आसपास के अन्य चोरी के मामलों से भी रहा है। यदि पूछताछ में अन्य घटनाओं का खुलासा होता है तो उन मामलों में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में भी छापेमारी कर रही है।

देवघर में हाल के दिनों में चोरी की घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी थी। ऐसे में इस मामले का खुलासा पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी इसी तरह अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। नागरिकों के सहयोग से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। पुलिस का कहना है कि जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से अपराधियों पर और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। बरामद सामान का मिलान प्राथमिकी में दर्ज विवरण से कराया जा रहा है तथा मामले की जांच आगे भी जारी है।

