By: Mala Mandal
अधिकमास 2026 का महत्व: क्यों खास है यह महीना
सनातन धर्म में अधिक मास का विशेष महत्व माना जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है और यह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। वर्ष 2026 में अधिक मास 17 मई से शुरू होने जा रहा है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह महीना लगभग हर तीन साल में एक बार आता है और इसे पुण्य, भक्ति और आत्मशुद्धि का समय माना जाता है।

ज्येष्ठ अधिक मास 2026: क्या है इसकी खास वजह
2 मई 2026 से ज्येष्ठ मास की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन इस बार यह सामान्य नहीं है। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास का संयोग बन रहा है, जिसे ज्येष्ठ अधिक मास कहा जाएगा। पंचांग के अनुसार जब सूर्य और चंद्र मास के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता होती है, तब अधिक मास जोड़ा जाता है। इस कारण यह महीना धार्मिक साधना और पूजा-पाठ के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

पुरुषोत्तम मास क्यों कहलाता है अधिकमास
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास को पहले अशुभ माना जाता था, लेकिन भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम “पुरुषोत्तम मास” दिया। तभी से यह महीना अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाने लगा। इस दौरान किए गए जप, तप, दान और पूजा का कई गुना फल प्राप्त होता है।

अधिकमास में क्या करें
इस पवित्र महीने में धार्मिक कार्यों को बढ़ावा देना चाहिए। भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और व्रत करना अत्यंत शुभ माना जाता है। गीता पाठ, रामायण का पाठ और सत्संग करना लाभकारी होता है। जरूरतमंदों को दान देना, गरीबों की सहायता करना और ब्राह्मणों को भोजन कराना पुण्यदायक माना गया है। इस दौरान संयमित जीवन जीना और सकारात्मक विचार रखना भी जरूरी होता है।

अधिकमास में क्या न करें
अधिक मास के दौरान कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए। इस महीने में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। नया व्यापार शुरू करना या बड़े निवेश से भी परहेज करना चाहिए। तामसिक भोजन, झूठ बोलना, क्रोध करना और नकारात्मक सोच से दूर रहना आवश्यक है।
व्रत और पूजा का विशेष महत्व
अधिक मास में व्रत रखने और पूजा करने का विशेष महत्व है। इस दौरान भगवान विष्णु के साथ-साथ श्रीकृष्ण की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

अधिकमास में दान का महत्व
इस महीने में दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। अन्न, वस्त्र, जल और धन का दान करने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है। कहा जाता है कि अधिक मास में किया गया दान व्यक्ति के जीवन के कष्टों को कम करता है और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।

अधिक मास 2026 आत्मचिंतन, भक्ति और सेवा का अवसर लेकर आ रहा है। इस दौरान सही आचरण और धार्मिक कार्यों के माध्यम से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यह महीना आध्यात्मिक उन्नति के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

