By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। देवघर नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। शहर के विभिन्न वार्डों से लगातार मिल रही शिकायतों ने नगर प्रशासन की कार्यशैली और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एजेंसी (MSWM Deoghar Pvt. Ltd.) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में नगर आयुक्त को एक लिखित पत्र सौंपकर स्थिति से अवगत कराया गया है, जिसमें शहर में व्याप्त गंदगी और कचरा उठाव में हो रही अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

पत्र में बताया गया है कि पिछले कई दिनों से शहर के विभिन्न इलाकों में नियमित रूप से घर-घर कचरा संग्रहण नहीं किया जा रहा है। इसके कारण सड़कों, गलियों और मुख्य चौक-चौराहों पर कचरे का अंबार लग गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा उठाने वाले वाहन समय पर नहीं पहुंचते, जिससे लोगों को मजबूरन कचरा खुले में फेंकना पड़ता है। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं।

मामले में यह भी सामने आया है कि मीडिया रिपोर्ट्स और जनप्रतिनिधियों द्वारा निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कचरा कई दिनों तक जमा पाया गया। डंपिंग प्वाइंट्स पर भी कचरे का उचित प्रबंधन नहीं किया जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई वार्ड पार्षदों ने इस मुद्दे को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए नगर निगम कार्यालय में धरना देने की चेतावनी तक दे दी है।

पत्र में MSWM एजेंसी के कार्यों में कई गंभीर खामियों को उजागर किया गया है। इसमें सबसे प्रमुख समस्या अनियमित कचरा उठाव की बताई गई है। एजेंसी के वाहन तय समय पर वार्डों में नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे कचरा सड़कों पर ही पड़ा रह जाता है। इसके अलावा सफाई कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधनों की कमी भी सामने आई है। आरोप है कि एजेंसी के पास न तो पर्याप्त वाहन हैं और न ही पर्याप्त कर्मचारी, जिससे सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है।

एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा निगरानी व्यवस्था का अभाव है। पत्र में कहा गया है कि एजेंसी के सुपरवाइजर और प्रबंधन अपने कार्यों पर सही तरीके से नियंत्रण नहीं रख पा रहे हैं। इसके कारण स्वच्छता अभियान पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। शहर के कई इलाकों में नियमित निरीक्षण नहीं होने से स्थिति और भी खराब होती जा रही है।

देवघर एक धार्मिक और पर्यटन स्थल होने के कारण यहां साल भर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन लगा रहता है। खासकर बाबा बैद्यनाथ धाम के कारण यह शहर देशभर में प्रसिद्ध है। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था का बेहतर होना अत्यंत आवश्यक है। लेकिन वर्तमान स्थिति में कचरे का जमाव न केवल शहर की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ा रहा है।
पत्र में नगर आयुक्त से मांग की गई है कि MSWM Deoghar Pvt. Ltd. से इस लापरवाही पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाए। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो एजेंसी पर नियमानुसार पेनल्टी लगाने या उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही नगर निगम स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था करने की भी मांग की गई है, ताकि शहरवासियों को जल्द से जल्द गंदगी से राहत मिल सके।

इसके अलावा सफाई निरीक्षकों को निर्देशित करने की बात भी कही गई है कि वे एजेंसी के कार्यों की दैनिक रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपें, ताकि निगरानी मजबूत हो सके और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। शहरवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि देवघर को साफ और स्वच्छ बनाया जा सके।

कुल मिलाकर, देवघर में सफाई व्यवस्था को लेकर स्थिति गंभीर होती जा रही है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और शहरवासियों को कब तक इस समस्या से राहत मिल पाती है।

