By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर जिले में पर्यटन और खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में नंदन पहाड़ और डिगरिया पहाड़ को आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने, स्टेडियमों के बेहतर संचालन तथा स्थानीय खेल प्रतिभाओं को निखारने पर विशेष जोर दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि देवघर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और यदि योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जाएं तो यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नंदन पहाड़ और डिगरिया पहाड़ के विकास के लिए जल्द से जल्द विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाए ताकि योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके।

नंदन पहाड़ और डिगरिया पहाड़ को मिलेगा नया स्वरूप
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि देवघर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन स्थलों का विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने नंदन पहाड़ और डिगरिया पहाड़ को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए सड़क, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, हरियाली, सुरक्षा तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी कार्य गुणवत्ता और तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं ताकि आने वाले समय में देवघर की पहचान धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में भी स्थापित हो सके। इसके साथ ही उपायुक्त ने कजरा शिवधाम के विकास कार्यों को भी अविलंब शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले के छोटे और कम विकसित पर्यटन स्थलों को भी विकसित कर पर्यटन मानचित्र पर लाने की आवश्यकता है।

स्टेडियमों के संचालन के लिए बनेगी स्थानीय समिति
बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में बनाए गए स्टेडियमों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए खेल परिसरों का सीधा लाभ बच्चों और युवाओं को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्टेडियमों के संचालन और रखरखाव के लिए स्थानीय स्तर पर प्रबंधन समिति का गठन किया जाए। उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिले के 10 प्रखंडों में स्टेडियम निर्माण का कार्य चल रहा है, जिनमें से 6 स्टेडियम पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं शेष 4 स्टेडियमों का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता को दिया गया। उन्होंने कहा कि केवल भवन निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां खेल गतिविधियां भी नियमित रूप से संचालित होनी चाहिए। इसके लिए स्थानीय खिलाड़ियों और बच्चों को प्रशिक्षित करने की ठोस योजना बनाई जाए।

स्थानीय खेल प्रतिभाओं को निखारने पर जोर
उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने बैठक में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही मंच और प्रशिक्षण देने की है। उन्होंने जिला खेल पदाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्पोर्ट्स टीचर्स के माध्यम से बच्चों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो देवघर जिले के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। कुमैठा स्टेडियम की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम बनने के बाद वहां नियमित खेल प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएं ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिल सके।

44 विकास योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में चल रही कुल 44 विकास योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं को तय मानक और गुणवत्ता के अनुरूप समय पर पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पर्यटन और खेल से जुड़ी परियोजनाएं जिले की पहचान और युवाओं के भविष्य से जुड़ी हुई हैं, इसलिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर रवि कुमार, जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार, कार्यपालक अभियंता, भवन निगम लिमिटेड, ग्रामीण विकास विभाग, जिला परिषद एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

देवघर के विकास को मिलेगी नई दिशा
प्रशासन की इस पहल से आने वाले समय में देवघर जिले में पर्यटन और खेल गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। नंदन पहाड़ और डिगरिया पहाड़ के विकास से जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बने स्टेडियम युवाओं की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया गया तो देवघर धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ एडवेंचर और प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकता है। साथ ही खेल सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

