By: Mala Mandal
रांची। झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों के लिए 720 नई एंबुलेंस खरीदने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि एंबुलेंस खरीद की पूरी टेंडर प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी कर ली जाए ताकि जल्द से जल्द नई एंबुलेंस जनता की सेवा में उपलब्ध हो सकें।

सरकार का मानना है कि आधुनिक एंबुलेंस की संख्या बढ़ने से आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं पहले से अधिक प्रभावी होंगी और दुर्घटना, गंभीर बीमारी तथा अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। इसी कड़ी में 720 नई एंबुलेंस खरीदने का फैसला लिया गया है। इन एंबुलेंस को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाएगा ताकि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान भी आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर एंबुलेंस मिलने से गंभीर मरीजों की जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

एक माह में पूरी होगी टेंडर प्रक्रिया
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि एंबुलेंस खरीदने की टेंडर प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। एक माह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं ताकि खरीद प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। सरकार चाहती है कि नई एंबुलेंस जल्द से जल्द सभी जिलों में उपलब्ध कराई जाएं और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले।

जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
नई एंबुलेंस राज्य के सभी जिलों में जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराई जाएंगी। जिन क्षेत्रों में वर्तमान में एंबुलेंस की संख्या कम है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नई गाड़ियां भेजी जाएंगी। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। कई बार एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी होती है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी एंबुलेंस
सरकार की योजना के अनुसार खरीदी जाने वाली एंबुलेंस में आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। इनमें ऑक्सीजन सपोर्ट, स्ट्रेचर, प्राथमिक उपचार किट, मॉनिटरिंग उपकरण तथा अन्य आवश्यक मेडिकल सुविधाएं शामिल की जा सकती हैं। इससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान भी बेहतर चिकित्सा सहायता मिल सकेगी और गंभीर मरीजों की स्थिति को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।

आपातकालीन सेवा होगी और मजबूत
नई एंबुलेंस मिलने के बाद राज्य की इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स प्रणाली को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है। सड़क दुर्घटनाओं, हृदयाघात, गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों तक तेजी से पहुंचना संभव होगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण होता है। नई एंबुलेंस इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
झारखंड के कई गांव और दूरस्थ क्षेत्र ऐसे हैं जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। सरकार का उद्देश्य है कि इन क्षेत्रों में भी एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित हो ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विभाग करेगा निगरानी
स्वास्थ्य विभाग पूरी खरीद प्रक्रिया की नियमित निगरानी करेगा ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जा सकें। अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और जनता को बेहतर गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

जनता को मिलेगा सीधा फायदा
720 नई एंबुलेंस उपलब्ध होने के बाद मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में आसानी होगी। इससे इलाज में देरी कम होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की जान बचाने की संभावना भी बढ़ेगी। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, गंभीर मरीजों तथा सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को इस पहल से बड़ा लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ राज्य सरकार का यह कदम झारखंड की चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
झारखंड सरकार द्वारा 720 नई एंबुलेंस खरीदने का फैसला राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि निर्धारित समय के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाती है और एंबुलेंस समय पर उपलब्ध करा दी जाती हैं, तो राज्य के लाखों लोगों को बेहतर और तेज आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होने की उम्मीद है।

