By: Mala Mandal
रांची। झारखंड की राजनीति से मंगलवार को एक दुखद खबर सामने आई। राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक का निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं में शोक की लहर दौड़ गई। मन्नान मल्लिक लंबे समय से झारखंड की राजनीति का एक महत्वपूर्ण चेहरा रहे थे और उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

मन्नान मल्लिक का निधन ऐसे समय हुआ है जब कुछ ही दिन पहले उन्हें करीब 15 साल पुराने एक मामले में अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। अदालत के फैसले के महज चार दिन बाद उनके निधन की खबर सामने आने से यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

बताया जा रहा है कि मन्नान मल्लिक पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उनका इलाज कराया जा रहा था। हालांकि, इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और कांग्रेस कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंचने लगे।
मन्नान मल्लिक झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने वर्षों तक संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। मंत्री रहते हुए उन्होंने कई विकास योजनाओं पर काम किया और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। यही कारण है कि वे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में लोकप्रिय नेताओं में शामिल रहे।

हाल ही में उन्हें 15 वर्ष पुराने एक मामले में अदालत ने दोषी ठहराया था। न्यायालय ने संबंधित मामले में उन्हें सजा सुनाई थी, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर काफी चर्चा हुई। हालांकि, इस कानूनी प्रक्रिया के बीच उनके निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।

मन्नान मल्लिक के निधन पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा राजनीतिक जीवन जनता की सेवा और संगठन को मजबूत करने में लगाया। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मन्नान मल्लिक का राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक पकड़ कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण रही। वे लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहे और कई चुनावों में पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने सदन के भीतर और बाहर जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया।
उनके निधन के बाद समर्थकों में शोक का माहौल है। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया पर भी उनके निधन पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई है। लोग उनके राजनीतिक योगदान और जनसेवा को याद कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए पार्टी कार्यालय और उनके निवास पर व्यवस्था की जा रही है। अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आम लोगों के शामिल होने की संभावना है।
मन्नान मल्लिक का निधन झारखंड की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन जनता के बीच अपनी पहचान बनाए रखी। उनके निधन के साथ राज्य ने एक अनुभवी राजनेता को खो दिया है।

फिलहाल कांग्रेस पार्टी सहित कई राजनीतिक संगठनों ने उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। राज्यभर से शोक संदेश लगातार आ रहे हैं। उनके समर्थक उन्हें एक सरल, मिलनसार और जनहित के मुद्दों पर मुखर रहने वाले नेता के रूप में याद कर रहे हैं।
मन्नान मल्लिक के निधन से झारखंड की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया। आने वाले दिनों में उनके राजनीतिक योगदान और जनसेवा को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
