By: Mala Mandal
How to Store Wheat Grain in Monsoon: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं घर में रखे अनाज और राशन के लिए कई परेशानियां भी लेकर आता है। मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने के कारण गेहूं, चावल, दाल, आटा और दूसरे सूखे खाद्य पदार्थों में सीलन आने लगती है। ज्यादा नमी होने पर अनाज में फफूंदी लगने के साथ-साथ छोटे-छोटे कीड़े और घुन भी पड़ सकते हैं। अगर अनाज को सही तरीके से स्टोर न किया जाए तो कुछ ही दिनों में उसकी गुणवत्ता खराब हो सकती है। कई बार अनाज से अजीब गंध आने लगती है और उसमें छोटे कीड़े दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में जरूरी है कि बारिश के मौसम में अनाज को स्टोर करते समय नमी से बचाने के कुछ आसान उपाय अपनाए जाएं। अगर आप भी मानसून में गेहूं, चावल और दालों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं तो घर में अपनाए जाने वाले इन आसान तरीकों को जान लें।

सबसे पहले अनाज को अच्छी तरह सुखाना है जरूरी
मानसून में अनाज को स्टोर करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उसमें बिल्कुल भी नमी न हो। अगर गेहूं या चावल में हल्की भी नमी रह गई तो बंद डिब्बे के अंदर वातावरण नम हो सकता है और इससे फफूंदी या कीड़ों की समस्या बढ़ सकती है। अगर मौसम में कुछ समय के लिए धूप निकलती है तो अनाज को साफ कपड़े या बड़ी ट्रे में पतली परत में फैलाकर अच्छी तरह सुखा सकते हैं। इसे पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही एयरटाइट कंटेनर में रखें। ध्यान रखें कि गर्म अनाज को तुरंत एयरटाइट डिब्बे में बंद न करें। पहले उसे कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें और उसके बाद ही स्टोर करें।

नीम की सूखी पत्तियां आ सकती हैं काम
अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए नीम की सूखी पत्तियों का इस्तेमाल एक पारंपरिक घरेलू तरीका है। नीम की कुछ अच्छी तरह सूखी पत्तियों को गेहूं या चावल के कंटेनर में रखा जा सकता है। पत्तियां बिल्कुल सूखी होनी चाहिए, क्योंकि अगर उनमें नमी होगी तो अनाज में सीलन बढ़ सकती है। समय-समय पर पत्तियों को बदलना भी जरूरी है। यह घरेलू तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो अनाज को लंबे समय तक स्टोर करते हैं। हालांकि, अगर अनाज में पहले से फफूंदी या कीड़े लग चुके हैं तो केवल नीम की पत्तियों पर निर्भर न रहें।

तेज पत्ते का भी कर सकते हैं इस्तेमाल
अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए कुछ लोग तेज पत्ते का इस्तेमाल भी करते हैं। इसके लिए साफ और पूरी तरह सूखे तेज पत्ते को अनाज के कंटेनर में रखा जा सकता है।तेज पत्ते की तेज खुशबू कुछ कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकती है। हालांकि यह तरीका कीड़ों को खत्म करने की गारंटी नहीं देता, इसलिए अनाज को नियमित रूप से जांचते रहना जरूरी है।
अनाज को एयरटाइट कंटेनर में रखें
मानसून में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए सही कंटेनर का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। कोशिश करें कि गेहूं, चावल और दालों को ऐसे डिब्बे में रखें जिसमें हवा और नमी आसानी से प्रवेश न कर सके। कंटेनर को इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छी तरह साफ और पूरी तरह सूखा लें। डिब्बे में थोड़ी भी नमी रह गई तो अनाज खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।अगर आप बड़ी मात्रा में अनाज रखते हैं तो उसे एक बहुत बड़े कंटेनर में रखने के बजाय छोटे-छोटे एयरटाइट कंटेनर में बांटकर रखना सुविधाजनक हो सकता है। इससे जरूरत के हिसाब से ही एक कंटेनर खोला जाएगा और बाकी अनाज बार-बार हवा और नमी के संपर्क में नहीं आएगा।

रसोई में कहां रखें अनाज?
अनाज को सुरक्षित रखने में उसकी जगह भी बहुत मायने रखती है। बारिश के मौसम में अनाज के कंटेनर को सिंक, खिड़की, गीली दीवार या ऐसी जगह के पास न रखें जहां पानी या भाप ज्यादा रहती हो। कंटेनर को जमीन पर रखने के बजाय सूखी और साफ अलमारी या ऊंचे स्थान पर रखना बेहतर हो सकता है। रसोई में खाना बनाते समय निकलने वाली भाप भी डिब्बों के अंदर नमी बढ़ा सकती है, इसलिए अनाज को चूल्हे के बिल्कुल पास रखने से बचें।
अनाज में फफूंदी लग जाए तो क्या करें?
अगर अनाज में फफूंदी दिखाई दे रही है, उसका रंग बदल गया है या उससे असामान्य गंध आ रही है तो उसे खाने के लिए इस्तेमाल न करें। केवल धूप में सुखाने या फफूंदी वाले हिस्से को निकालकर बाकी अनाज इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना जाता। फफूंदी दिखाई देने वाले खाद्य पदार्थों में ऐसे विषैले पदार्थ बन सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए खराब या संदिग्ध अनाज को फेंक देना ही बेहतर है।

कीड़े लगे अनाज को कैसे पहचानें?
मानसून के दौरान अनाज में घुन और दूसरे छोटे कीड़े लग सकते हैं। अगर गेहूं या चावल में छोटे छेद दिखाई दें, कीड़े नजर आएं, अनाज आपस में चिपका हुआ लगे या उसमें असामान्य गंध आने लगे तो उसे अच्छी तरह जांच लें। स्टोर किए गए अनाज को समय-समय पर बाहर निकालकर देखना जरूरी है। केवल डिब्बा बंद करके महीनों तक छोड़ देने से समस्या बढ़ सकती है।

पुराने और नए अनाज को एक साथ न मिलाएं
मानसून में अनाज को सुरक्षित रखने का एक और जरूरी नियम है कि पुराने अनाज में नया अनाज न मिलाएं। पहले से रखे अनाज को पूरी तरह इस्तेमाल करने के बाद कंटेनर को अच्छी तरह साफ और सुखाएं, फिर उसमें नया अनाज भरें।
पुराने अनाज में अगर कीड़े या उनके अंडे मौजूद हैं तो नया अनाज भी संक्रमित हो सकता है।

मानसून में इन बातों का रखें खास ध्यान
अनाज को हमेशा सूखे और साफ कंटेनर में रखें।
कंटेनर को नमी और पानी वाली जगह से दूर रखें।
अनाज भरने से पहले डिब्बे को पूरी तरह सुखा लें।
समय-समय पर स्टोर किए गए अनाज की जांच करते रहें।
पुराने और नए अनाज को एक साथ न मिलाएं।
फफूंदी लगे या खराब गंध वाले अनाज का इस्तेमाल न करें।
धूप निकलने पर अनाज को उचित तरीके से सुखाया जा सकता है, लेकिन उसे पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही बंद कंटेनर में रखें।

मानसून में थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है आपका अनाज
बारिश के मौसम में अनाज को खराब होने से बचाने के लिए सबसे जरूरी है नमी को नियंत्रित करना। अच्छी तरह सूखा हुआ अनाज, साफ और एयरटाइट कंटेनर तथा सूखी जगह पर स्टोरेज अपनाकर अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
नीम की सूखी पत्तियां और तेज पत्ता जैसे पारंपरिक घरेलू उपाय कीड़ों को दूर रखने में कुछ मदद कर सकते हैं, लेकिन इन्हें अनाज को सुरक्षित रखने का पक्का या वैज्ञानिक उपचार नहीं माना जाना चाहिए। अगर अनाज में फफूंदी लग चुकी है या उसमें खराब गंध आ रही है तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय फेंक देना ज्यादा सुरक्षित है।

यह लेख सामान्य घरेलू जानकारी और पारंपरिक स्टोरेज उपायों पर आधारित है। नीम की पत्तियां या तेज पत्ता अनाज में कीड़ों और फफूंदी को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं देते। खराब, फफूंदी लगे या असामान्य गंध वाले अनाज का सेवन न करें। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए साफ-सफाई और उचित स्टोरेज का ध्यान रखें।

