By: Vikash kumar

Nag Panchami 2026: सनातन धर्म में नाग पंचमी का पर्व विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह पर्व नाग देवता की पूजा और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष, सर्प भय और जीवन की अनेक बाधाओं से मुक्ति मिलती है। साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि, संतान की रक्षा और धन-धान्य की वृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

वर्ष 2026 में नाग पंचमी का पर्व सोमवार, 17 अगस्त को मनाया जाएगा। सावन के पावन महीने में पड़ने वाला यह त्योहार भगवान शिव और नाग देवता दोनों की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। देश के कई हिस्सों में इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

नाग पंचमी 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि में नाग पंचमी का व्रत और पूजा की जाती है।
पर्व: नाग पंचमी 2026
तारीख: 17 अगस्त 2026, सोमवार
तिथि: श्रावण शुक्ल पंचमी

पूजा का शुभ समय: पंचमी तिथि में प्रातःकाल से दोपहर तक का समय पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है। अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें।
नाग पंचमी का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में नागों को केवल सर्प नहीं, बल्कि दिव्य शक्ति और प्रकृति के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। भगवान शिव के गले में विराजमान नाग, भगवान विष्णु की शेषनाग पर शयन मुद्रा और श्रीकृष्ण द्वारा कालिय नाग का दमन जैसी अनेक धार्मिक कथाएं नागों के महत्व को दर्शाती हैं।

मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार को सर्प भय से रक्षा मिलती है। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु से संबंधित समस्याएं होती हैं, वे इस दिन विशेष पूजा और दान-पुण्य करते हैं। ऐसा करने से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।
नाग पंचमी की पूजा विधि
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ कर भगवान शिव और नाग देवता का ध्यान करें।
नाग देवता की प्रतिमा, चित्र या प्रतीक स्वरूप पूजा करें।

दूध, जल, अक्षत, रोली, हल्दी, कुशा, सफेद पुष्प और धूप-दीप अर्पित करें।
शिवलिंग पर जल और दूध से अभिषेक करें तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ और नाग मंत्रों का जाप करें।
नाग पंचमी व्रत कथा का श्रवण करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करें।
नाग पंचमी पर क्या करें
भगवान शिव और नाग देवता की श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
घर में शांति और सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।
दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करें।

व्रत रखने वाले सात्विक भोजन का पालन करें।
नाग पंचमी पर क्या नहीं करें
सांपों को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचाएं।
खेतों की अनावश्यक खुदाई या भूमि की खुदाई करने से बचें, क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे नागों को कष्ट पहुंच सकता है।
क्रोध, विवाद और अपशब्दों से दूरी बनाए रखें।
जीवित सांपों को पकड़ने या उन्हें परेशान करने का प्रयास न करें।
नाग पंचमी से जुड़ी मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। यह पर्व मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलन तथा सभी जीवों के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है। कई स्थानों पर इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।

नाग पंचमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, जीव-जंतुओं और पर्यावरण के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी अवसर है। श्रद्धा, आस्था और विधि-विधान के साथ नाग देवता एवं भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख, शांति और समृद्धि आने की मान्यता है।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों और पंचांगों के अनुसार पूजा का समय एवं विधि में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी विशेष अनुष्ठान के लिए अपने स्थानीय पुरोहित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।
