By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
खान ग्लोबल स्टडीज फायरिंग केस में नया मोड़, वकील ने दी सफाई
पटना के चर्चित कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) में हुई तोड़फोड़ और कथित फायरिंग की घटना ने अब नया कानूनी और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। मामले में नाम आने के बाद चर्चित शिक्षक Faisal Khan उर्फ खान सर के वकील ने स्पष्ट किया है कि उनके मुवक्किल अदालत में सरेंडर नहीं करेंगे, बल्कि अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगे। वकील का कहना है कि घटना के दौरान संस्थान पर हमला हुआ था और सुरक्षा गार्डों ने केवल आत्मरक्षा तथा भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से हवा में फायरिंग की थी। उन्होंने दावा किया कि इस फायरिंग में किसी व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची और न ही कोई हताहत हुआ।

क्या है पूरा मामला?
2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में कथित तौर पर 15 से 20 लोगों के एक समूह ने तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने माना कि संस्थान में तोड़फोड़ हुई थी और कुछ लोगों द्वारा पत्थर फेंके गए थे। घटना के बाद खान सर ने दावा किया था कि संस्थान के बाहर कई राउंड फायरिंग हुई थी और इसके पीछे प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों का हाथ हो सकता है। हालांकि बाद में पुलिस जांच में एक नया वीडियो सामने आया, जिसमें संस्थान से जुड़े दो सुरक्षा गार्ड हवा में फायरिंग करते दिखाई दिए।

वीडियो आने के बाद बदला जांच का रुख
जैसे ही कथित वीडियो सामने आया, पुलिस ने दोनों सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। बाद में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। पुलिस ने उनके हथियार जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने मामले में खान सर का नाम भी प्राथमिकी (FIR) में शामिल किया। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

वकील का दावा- सुरक्षा के लिए हुई थी फायरिंग
खान सर की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि जिस समय संस्थान पर हमला हुआ, उस दौरान सुरक्षा गार्डों को हालात नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने पड़े। उनके अनुसार गार्डों ने केवल हवा में फायरिंग की थी और इसका उद्देश्य हमलावरों को डराकर भगाना था वकील ने यह भी कहा कि घटना को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं और खान सर को जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल कानून का सम्मान करते हैं और अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर करेंगे।

पुलिस जांच के घेरे में कई सवाल
इस पूरे मामले में अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पहला सवाल यह है कि यदि फायरिंग आत्मरक्षा में हुई थी तो क्या उसके लिए कानूनी अनुमति और परिस्थितियां मौजूद थीं? दूसरा सवाल यह है कि संस्थान पर हमला करने वाले लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी और घटना के पीछे की वजह क्या थी? पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और सभी पक्षों के दावों की जांच की जा रही है। जब्त हथियारों की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

छात्रों में भी चर्चा का विषय बना मामला
घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र संस्थान के बाहर एकत्र हुए थे। कई छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई, जबकि कुछ ने संस्थान के समर्थन में प्रदर्शन भी किया। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

कानूनी लड़ाई पर सबकी नजर
फिलहाल सबसे बड़ी नजर इस बात पर है कि अदालत में दाखिल होने वाली अग्रिम जमानत याचिका पर क्या फैसला आता है। वहीं पुलिस की जांच भी इस मामले की दिशा तय करेगी। वीडियो, फॉरेंसिक रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान आने वाले दिनों में इस पूरे विवाद की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।
पटना के खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में हुई तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना अब केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह एक हाई-प्रोफाइल कानूनी विवाद का रूप ले चुकी है। एक ओर पुलिस जांच जारी है, तो दूसरी ओर खान सर के वकील आत्मरक्षा में हुई फायरिंग और साजिश की दलील दे रहे हैं। ऐसे में अंतिम सच जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आ सकेगा।

