By: Mala Mandal
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ा इजाफा किया गया है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 3.25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें लागू होने के बाद आम लोगों की जेब पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है। राजधानी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत देश के कई बड़े शहरों में नए रेट लागू कर दिए गए हैं।

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही खाद्य पदार्थों, गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ता है, क्योंकि परिवहन लागत बढ़ने से हर सामान की कीमत प्रभावित होती है।
नई दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 3.25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुंबई में भी नई कीमतें लागू हो चुकी हैं, जहां पहले से ही देश में सबसे महंगा ईंधन बिकता है। इसके अलावा कोलकाता और चेन्नई में भी तेल कंपनियों ने संशोधित दरें जारी कर दी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी के कारण यह बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और आयात लागत में वृद्धि के चलते कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया था।

पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ता है। रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोगों का मासिक बजट बिगड़ सकता है। वहीं टैक्सी, ऑटो और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों के सामने भी अतिरिक्त खर्च का दबाव बढ़ेगा।
ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई की लागत भी बढ़ जाएगी। इसका असर फल, सब्जी, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में महंगाई दर में और बढ़ोतरी हो सकती है।

कई शहरों में लोगों ने पेट्रोल पंपों पर बढ़ी कीमतों को लेकर नाराजगी जताई। आम नागरिकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। लोगों ने सरकार से टैक्स में राहत देने और ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की है।
विपक्षी दलों ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि लगातार बढ़ते ईंधन के दामों से जनता परेशान है और सरकार को टैक्स कम कर राहत देनी चाहिए। वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए कीमतों में बदलाव किया गया है।

जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम में फिर इजाफा हो सकता है। ऐसे में आम लोगों की चिंता और बढ़ सकती है।

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना सुबह अपडेट की जाती हैं। उपभोक्ता तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए अपने शहर के ताजा रेट चेक कर सकते हैं। फिलहाल 3.25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर सीधा असर डाला है और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार टैक्स में कुछ राहत देती है तो आम जनता को थोड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल देशभर में नए रेट लागू होने के बाद परिवहन और बाजार दोनों क्षेत्रों में इसका असर दिखाई देने लगा है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस बढ़ोतरी ने एक बार फिर महंगाई के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और बाजार व्यवस्था पर साफ दिखाई दे सकता है।

