By: Mala Mandal
Pooja Ghar Vastu Tips: हिंदू धर्म में घर के पूजा घर का विशेष महत्व माना जाता है। यह वह स्थान होता है जहां परिवार के सदस्य प्रतिदिन पूजा-पाठ, ध्यान और ईश्वर का स्मरण करते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि पूजा घर में कितनी मूर्तियां रखनी चाहिए, भगवान की मूर्तियों का आकार कितना होना चाहिए और क्या एक ही भगवान की कई मूर्तियां रखना शुभ होता है? ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में पूजा घर से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। आइए जानते हैं पूजा घर में मूर्तियों की संख्या, आकार और उनसे जुड़े वास्तु नियमों के बारे में विस्तार से।

पूजा घर में कितनी मूर्तियां रखना शुभ माना जाता है?
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूजा घर में जरूरत से ज्यादा मूर्तियां रखना उचित नहीं माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा स्थल पर सीमित संख्या में और श्रद्धा के साथ स्थापित की गई मूर्तियां अधिक शुभ फल देती हैं। विशेष रूप से एक ही देवी-देवता की कई मूर्तियां या तस्वीरें रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

मान्यता है कि पूजा घर में केवल उतनी ही मूर्तियां रखनी चाहिए, जिनकी नियमित रूप से पूजा और सेवा की जा सके। बहुत अधिक मूर्तियां होने पर सभी की विधिवत पूजा करना संभव नहीं हो पाता, जिसे धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
एक ही भगवान की कितनी मूर्तियां रखनी चाहिए?
वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा घर में एक ही भगवान की एक से अधिक मूर्तियां रखने से बचना चाहिए। विशेष रूप से भगवान गणेश, मां लक्ष्मी और शिवलिंग की एक से अधिक प्रतिमाएं रखने को कई विद्वान उचित नहीं मानते हैं। हालांकि, अलग-अलग स्वरूपों की तस्वीरें या धार्मिक चित्र सजावट के रूप में लगाए जा सकते हैं, लेकिन पूजा के लिए सीमित संख्या में प्रतिमाएं रखना बेहतर माना जाता है।

पूजा घर में मूर्तियों का आकार कितना होना चाहिए?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूजा घर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों का आकार सामान्यतः 3 इंच से लेकर 9 इंच तक शुभ माना जाता है। बहुत बड़ी मूर्तियां घर के मंदिर की बजाय मंदिरों और धार्मिक स्थलों के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार:
– पूजा घर में छोटी और मध्यम आकार की मूर्तियां रखना शुभ होता है।
– 9 इंच से बड़ी मूर्तियां घर के मंदिर में रखने से बचना चाहिए।
– मूर्तियां खंडित या टूटी हुई नहीं होनी चाहिए।
– मूर्तियों को दीवार से सटाकर नहीं, बल्कि थोड़ी दूरी पर स्थापित करना उचित माना जाता है।

किन देवी-देवताओं की मूर्तियां पूजा घर में रखी जा सकती हैं?
पूजा घर में श्रद्धा और परंपरा के अनुसार कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की जा सकती हैं, जैसे:
– भगवान गणेश
– माता लक्ष्मी
– भगवान विष्णु
– भगवान शिव
– मां दुर्गा
– भगवान कृष्ण
– भगवान राम और सीता
– हनुमान जी
– मां सरस्वती
हालांकि, किसी भी प्रतिमा की स्थापना से पहले उसके पूजन और देखभाल की जिम्मेदारी को समझना भी आवश्यक माना जाता है।

पूजा घर से जुड़े महत्वपूर्ण वास्तु नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर से जुड़े कुछ विशेष नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है:
– पूजा घर को घर के उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में बनाना सर्वोत्तम माना जाता है।
– पूजा करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
– पूजा स्थल को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए।
– खंडित या टूटी हुई मूर्तियों को पूजा घर में नहीं रखना चाहिए।
– पूजा घर के ऊपर या नीचे शौचालय का निर्माण कराने से बचना चाहिए।
– पूजा घर में पर्याप्त रोशनी और स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है।

क्या अधिक मूर्तियां रखने से वास्तु दोष होता है?
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक संख्या में मूर्तियां रखने से पूजा स्थल में अव्यवस्था उत्पन्न हो सकती है। हालांकि, इसे हर स्थिति में वास्तु दोष नहीं माना जाता, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा घर को सरल, स्वच्छ और संतुलित रखना अधिक शुभ माना गया है।

क्या कहता है ज्योतिष?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूजा घर में श्रद्धा, नियम और सकारात्मक भाव सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि व्यक्ति नियमित रूप से पूजा करता है और पूजा स्थल को व्यवस्थित रखता है, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र पर आधारित है। विभिन्न विद्वानों और परंपराओं में मतभेद संभव हैं। किसी भी धार्मिक निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य या धार्मिक विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

